रुपिफाई के सह-संस्थापक और CEO अनुभव जैन ने इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने भारत में 9-9-6 वर्क कल्चर अपनाने की बात कही थी। इस मॉडल के अनुसार लोग सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक, हफ्ते में 6 दिन, यानी कुल 72 घंटे काम करते हैं।
अनुभव जैन ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत को आज इसी तरह की मेहनत और समर्पण की जरूरत है। उनके अनुसार, सफलता सिर्फ स्टार्टअप्स में देर रात तक काम करने से नहीं मिलती, बल्कि देश के विकास में योगदान देने से मिलती है।
जैन ने कहा कि चीन की तेज़ प्रगति के पीछे 9-9-6 जैसा मेहनती वर्क कल्चर एक बड़ी वजह रहा है, और भारत को भी इसी सोच को अपनाना चाहिए यदि वह तेजी से आगे बढ़ना चाहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी reportedly हफ्ते में लगभग 100 घंटे काम करते हैं, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण है।
वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर जैन ने कहा कि जब देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा, तब जीवन की गुणवत्ता और संतुलन अपने आप बेहतर हो जाएगा। अभी युवाओं को मेहनत करके देश को आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
पृष्ठभूमि और विवाद
-
नारायण मूर्ति पहले भी 70 घंटे कार्य-सप्ताह की बात कर चुके हैं और अब 72 घंटे के मॉडल का समर्थन कर रहे हैं।
-
आलोचकों का कहना है कि चीन ने 2021 में 9-9-6 वर्क कल्चर को अवैध करार दिया, क्योंकि इससे कर्मचारियों में तनाव, बर्नआउट और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ीं।
-
कई उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पूरे वर्कफोर्स के लिए नहीं, बल्कि उद्यमियों और हाई-परफॉर्मेंस टीमों के लिए उपयुक्त है, वह भी तभी जब व्यक्ति स्वेच्छा से ऐसा करना चाहे।