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सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड ने जारी किए चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 26 के कंपनी प्रदर्शन के आंकड़े

सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड ने जारी किए चौथी तिमाही और वित्त वर्ष 26 के कंपनी प्रदर्शन के आंकड़े

मुंबई : सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड (BSE: 504614) (NSE: SARDAEN) (SEML या 'कंपनी') ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा की।

वित्त वर्ष 2026 मज़बूत बढ़त और बेहतर मुनाफे का साल रहा, जिसमें ईबीआईटीडीए 2,000 करोड़ रुपये  के आंकड़े को पार कर गया। सालाना आधार पर कर के बाद मुनाफे (पीएटी) में 58 प्रतिशत की बढ़त के साथ इसके 1,109 करोड़ रुपये पहुंचने के दम पर, कंपनी ने अब तक के सबसे अधिक 200 प्रतिशत डिविडेंड की घोषणा की है। थर्मल और हाइड्रो बिजली का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन और बिक्री दर्ज की गई। ऊर्जा क्षेत्र विकास का मुख्य ज़रिया बनकर उभरा, जिसने वित्त वर्ष 2026 के कुल ईबीआईटीडीए में दो-तिहाई का योगदान दिया। स्पंज आयरन, आयरन ओर पेलेट्स, एचबी वायर्स और कोयले का अब तक का सबसे अधिक वार्षिक उत्पादन दर्ज किया गया।

चौथी तिमाही के दौरान बेहतर रियलाइजेशन और निरंतर परिचालन गति के कारण रेवेन्यू 1,258 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। ईबीआईटीडीए सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया, जबकि कर के बाद मुनाफा (पीएटी) सालाना आधार पर 53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 155 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो कि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 101 करोड़ रुपये था।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने एसकेएस पावर जेनरेशन (छत्तीसगढ़) लिमिटेड के लिए कंपनी की समाधान योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे वित्त वर्ष 2030 तक क्षमता को दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री पंकज सारडा ने कहा: "वित्त वर्ष 2026  कंपनी के लिए एक रणनीतिक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ है, जहां ऊर्जा क्षेत्र के बढ़ते योगदान के दम पर हमारा ईबीआईटीडीए 2,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। वैश्विक आपूर्ति में बाधाओं और कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, हमने मज़बूत घरेलू मांग और अपनी परिचालन क्षमता के बल पर कई रिकॉर्ड हासिल किए हैं। कंपनी ने स्पंज आयरन, आयरन ओर पेलेट्स और एचबी वायर्स जैसे अपने प्रमुख उत्पादों में ऐतिहासिक रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है, साथ ही बिजली उत्पादन और कोयला उत्पादन में भी अब तक का सबसे ऊंचा स्तर हासिल किया है।

पिछले पांच वर्षों में, कंपनी ने खुद को एक मध्यम आकार की मेटल कंपनी से एक बड़े पैमाने पर बढ़ने वाले, विविध ऊर्जा और खनन व्यवसाय के रूप में सफलतापूर्वक बदला है। अब हमारे पास बेहतर ईबीआईटीडीए विज़िबिलिटी, मज़बूत कैश फ्लो और बाज़ार के उतार-चढ़ाव का कम असर है, जो इस अवधि के दौरान ऊर्जा क्षमता में 5 गुना विस्तार और कर के बाद मुनाफे (पीएटी) में 3 गुना वृद्धि से साफ झलकता है। भविष्य की बात करें तो, हमारा ऊर्जा पोर्टफोलियो लगातार बढ़ता रहेगा, जिसे हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 66 मेगावाट जलविद्युत परियोजना के अधिग्रहण से और मज़बूती मिलेगी। इसके अतिरिक्त, एसकेएस पावर के लिए हमारी समाधान योजना को बरकरार रखने का माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो वित्त वर्ष 2030 तक हमारी योजनाबद्ध क्षमता को 4x300 मेगावाट तक बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करता है।

नेट डेट-फ्री (पूर्णतः कर्ज-मुक्त) बैलेंस शीट और मध्यम अवधि में अपनी परिचालन ऊर्जा क्षमता को दोगुना करने की योजनाओं के साथ, हम भारत के दीर्घकालिक संरचनात्मक विकास के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।“

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