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टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने महाराष्ट्र में 100.8 मेगावाट की 'जेवली पवन ऊर्जा परियोजना' की शुरू

टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने महाराष्ट्र में 100.8 मेगावाट की 'जेवली पवन ऊर्जा परियोजना' की शुरू

सालाना 29.9 करोड़ (299 मिलियन) यूनिट स्वच्छ बिजली का होगा उत्पादन; हर साल 24.5 करोड़ (245 मिलियन) किलोग्राम से अधिक कार्बन उत्सर्जन (CO₂) में आएगी कमी। यह परियोजना टाटा पावर मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन के उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करेगी और इसके 'रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशन' (RPO) अनुपालन में मदद करेगी।

मुंबई, भारत, 03 जुलाई 2026 — द टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की सहायक कंपनी, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) ने महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में अपनी 100.8 मेगावाट (MW) की 'जेवली विंड प्रोजेक्ट' (Jewali Wind Project) को सफलतापूर्वक चालू (कमीशन) कर दिया है। इस परियोजना से उत्पन्न होने वाली बिजली की आपूर्ति टाटा पावर मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन को की जाएगी। यह कदम कंपनी के 'रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशन' (RPO) लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देगा, जिससे इसे अधिक संधारणीय (सस्टेनेबल) और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार यूटिलिटी के रूप में बदलने में मदद मिलेगी।

यह परियोजना बड़े पैमाने पर अक्षय (रिन्यूएबल) ऊर्जा परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की टीपीआरईएल (TPREL) की मजबूत क्षमताओं और प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि टीपीआरईएल के बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को और मजबूत करती है तथा भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन) में इसके नेतृत्व की पुष्टि करती है।

परियोजना से जुड़ी मुख्य तकनीकी व पर्यावरणीय बातें:

  • उन्नत तकनीक: इस परियोजना में 28 'SG 3.6-145' विंड टर्बाइन जनरेटर शामिल हैं, जो उन्नत हॉरिजॉन्टल-एक्सिस (क्षैतिज-अक्ष) विंड टर्बाइन तकनीक पर आधारित हैं।

  • स्वच्छ बिजली उत्पादन: इस संयंत्र से सालाना लगभग 29.9 करोड़ (299 मिलियन) यूनिट (kWh) स्वच्छ बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है।

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी: प्रति यूनिट बिजली उत्पादन पर अनुमानित 0.82 किलोग्राम कार्बन कटौती के आधार पर, यह परियोजना हर साल लगभग 24.5 करोड़ (245 मिलियन) किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन को कम करेगी। यह कार्बन मुक्त करने (डीकार्बोनाइजेशन) की दिशा में एक बड़ा योगदान है।

टीपीआरईएल (TPREL) की क्षमता और भविष्य का लक्ष्य: इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही टीपीआरईएल का विंड एनर्जी (पवन ऊर्जा) पोर्टफोलियो अब 3.9 गीगावाट (GW) से अधिक हो गया है। इसमें 1.3 गीगावाट से अधिक की चालू (ऑपरेशनल) क्षमता शामिल है, जबकि शेष क्षमता राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में विकास के विभिन्न चरणों में है।

यह परियोजना साल 2045 तक 100% स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन हासिल करने के टाटा पावर के दीर्घकालिक दृष्टिकोण (लॉन्ग-टर्म विज़न) को आगे बढ़ाती है और इसके विस्तार लेते रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो को पूरा करती है।

जेवली विंड प्रोजेक्ट के जुड़ने से टीपीआरईएल की कुल रिन्यूएबल यूटिलिटी क्षमता 11.6 गीगावाट तक पहुंच गई है। इसमें से 6.7 गीगावाट क्षमता वर्तमान में चालू है (जिसमें 5.4 गीगावाट सौर ऊर्जा और 1.3 गीगावाट पवन ऊर्जा क्षमता शामिल है), जबकि 4.9 गीगावाट क्षमता कार्यान्वयन (इम्प्लीमेंटेशन) के विभिन्न चरणों में है। निर्माणाधीन (अंडर-कंस्ट्रक्शन) पोर्टफोलियो में लगभग 2.1 गीगावाट सौर, 2.6 गीगावाट पवन ऊर्जा परियोजनाएं और 0.2 गीगावाट बीईएसएस (BESS - बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम) शामिल हैं, जिन्हें अगले 6 से 24 महीनों में चरणों में चालू किए जाने की उम्मीद है।

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