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देश भर में आउटरीच कैंपेन के कुछ ही दिनों के
भीतर वंदे भारतम के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। 10
दिनों से भी कम समय में कई जाने-माने कॉलेजों और युनिवर्सिटियों से 50,000 से अधिक
छात्र इस पहल के साथ जुड़ चुके हैं।
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इस आउटरीच कैंपेन में आठ शहरों - लखनऊ, कानपुर,
भुवनेश्वर, बेंगलुरु, पटना, कोच्चि, भोपाल और इंदौर - के 48 कैंपस कवर किए गए हैं और
हज़ारों युवा इनोवेटर्स को इस पहल से परिचित कराया गया है।
अहमदाबाद: भारत की
अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स, उद्यमियों और बदलावकर्ताओं की खोज, उन्हें आगे बढ़ाने और सशक्त
बनाने के लिए श्री गौतम अदाणी द्वारा शुरू की गई पहल वंदे भारतम को ज़बरदस्त रिस्पॉन्स
मिल रहा है। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और जानी-मानी युनिवर्सिटियों सहित भारत के बेहतरीन
शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर चलाए गए आउटरीच प्रोग्राम के बाद इसके लिए बड़ी
संख्या में आवेदन मिले हैं। आठ शहरों के 48 कैंपस में चलाए गए इस कैंपेन में हज़ारों
छात्र शामिल हुए, जो भारत के युवाओं में उद्यमिता की बढ़ती भावना और आधुनिक विचारों
को प्रभावशाली उद्यमों में बदलने की उत्सुकता को दर्शाता है। 10 दिनों से भी कम समय
में 50,000 से अधिक छात्र इस आउटरीच प्रोग्राम से जुड़े; छात्रों का यह उत्साह इस पहल
के प्रति उनकी गहरी दिलचस्पी का प्रमाण है।
शिक्षण
संस्थान वे स्थान हैं जहाँ उद्यमिता की महत्वाकांक्षाओं को आकार मिलता है। वंदे भारतम
का उद्देश्य युवा इनोवेटर्स को मेंटरशिप, उद्योग जगत का अनुभव देना और उनके विकास को
गति प्रदान करना है। इस सोच को सीधे छात्रों तक पहुँचाने के लिए, कैंपस में कई गतिविधियाँ
आयोजित की गईं, जिनमें ब्रांडेड एलईडी वैन, प्रमोटर के साथ बातचीत, ऑडियो-विज़ुअल शोकेस
और क्यूआर-बेस्ड रजिस्ट्रेशन शामिल थे। यह पहल हाल ही के महीनों में ऐसे उद्यमिता प्रोग्राम
के रूप में उभरी है, जिसके लिए कैंपस स्तर पर सबसे ज़्यादा रजिस्ट्रेशन मिले हैं। तकरीबन
हर उस कैंपस से आवेदन आए, जहां यह आउटरीच प्रोग्राम पहुंचा, प्रोग्राम ने वंदे भारतम
के बारे में ज़बरदस्त जागरूकता बढ़ाई, और छात्रों ने सीधे अपने संस्थानों में ही इसके
लिए रजिस्ट्रेशन कराया।
इस
प्रतिक्रिया पर बात करते हुए, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी ने कहा, “शिक्षण
संस्थान ही वे स्थान हैं जहाँ विचारों को चुनौती दी जाती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और
उम्मीदें आकार लेने लगती हैं। ये संस्थान युवाओं को अलग तरह से सोचने, निडर होकर कुछ
नया करने के लिए प्रेरित करते हैं, उनमें यह भरोसा पैदा करते हैं कि उनके विचार बदलावकारी
हो सकते हैं। वंदे भारतम के ज़रिए हम हर इनोवेटर
को सीखने, आगे बढ़ने और अपने विचारों को सार्थक समाधानों में बदलने का मंच देना चाहते
हैं, फिर चाहे वह छात्र हो, उद्यमी या पेशेवर। इस पहल के लिए हमें शानदार रिस्पॉन्स
मिला है और उम्मीद करता हूं कि देश भर से और भी कई उभरते इनोवेटर आगे आएंगे और इस यात्रा
का हिस्सा बनेंगे।”
अब
तक मिले आवेदन भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम की विविधता को दर्शाते हैं, जहां विभिन्न
बैकग्राउंड से आए छात्र अलग-अलग इनोवेशन लेकर आए हैं। प्रविष्टियों में टेक्नोलॉजी
और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन, सस्टेनेबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग,
रिटेल और कंज्यूमर सॉल्यूशन जैसे सेक्टर शामिल हैं, जो देश भर से आ रहे नए आइडियाज़
की व्यापक रेंज को दर्शाते हैं।
वंदे
भारतम इनोवेटिव आइडियाज़, प्रोटोटाइप, शुरुआती दौर के उद्यमों और मौजूदा कारोबारों सभी
के लिए खुला है। तथा चुने गए प्रतिभागियों को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट और उद्योग
जगत के लीडर्स के साथ जुड़ने के अवसर देता है। इस पहल में चुने गए प्रतिभागी अहमदाबाद
में होने वाले नेशनल फिनाले में पहुंचेंगे जहाँ वे अपने आइडियाज़ को और बेहतर बनाकर
माननीय जूरी के सामने पेश करेंगे। इस पहल का उद्देश्य होनहार आइडियाज़ को उनकी पूरी
क्षमता तक पहुँचने में मदद करना तथा भारत के इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम
को मज़बूत बनाना है।