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वेदांता लिमिटेड का प्रथम तिमाही (वित्त वर्ष 2026-27) का शुद्ध लाभ 152% बढ़कर ₹5,294 करोड़ हुआ; राजस्व में 51% की वृद्धि

वेदांता लिमिटेड का प्रथम तिमाही (वित्त वर्ष 2026-27) का शुद्ध लाभ 152% बढ़कर ₹5,294 करोड़ हुआ; राजस्व में 51% की वृद्धि

मुंबई – वेदांता लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के लिए अपने समेकित वित्तीय परिणामों की घोषणा की, जिसमें कंपनी का कर-पश्चात लाभ (निरंतर परिचालन) 152% की जोरदार वृद्धि के साथ ₹5,294 करोड़ तक पहुंच गया। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी का समेकित राजस्व 51% बढ़कर ₹23,456 करोड़ रहा, जबकि EBITDA 98% की वृद्धि के साथ ₹8,469 करोड़ दर्ज किया गया। उत्कृष्ट परिचालन प्रदर्शन और लागत दक्षता के दम पर कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 57% हो गया और प्रयुक्त पूंजी पर रिटर्न (ROCE) लगभग 29% के मजबूत स्तर पर पहुंच गया। 30 जून, 2026 तक कंपनी की तरलता स्थिति बेहद मजबूत रही, जिसमें ₹19,992 करोड़ की नकद एवं नकद समतुल्य परिसंपत्तियां और 0.3x का नेट डेट/EBITDA अनुपात शामिल है। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रोफाइल को देखते हुए क्रिसिल (CRISIL) और इकरा (ICRA) दोनों ने वेदांता लिमिटेड की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड करके AA+/स्टेबल कर दिया है

परिचालन के मोर्चे पर, कंपनी ने अपने विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया। जिंक इंडिया ने 268 किलोटन के अपने अब तक के उच्चतम प्रथम तिमाही खनन धातु उत्पादन का स्तर हासिल किया, जबकि FACOR ने 153 किलोटन के रिकॉर्ड अयस्क उत्पादन (41% YoY वृद्धि) के साथ अपना उच्चतम तिमाही EBITDA दर्ज किया। इसके अलावा, कॉपर इंडिया ने पिछले आठ वर्षों में अपनी उच्चतम पहली तिमाही की बिक्री हासिल की। परिणामों पर टिप्पणी करते हुए वेदांता लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक श्री अरुण मिश्रा ने कहा कि सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में यह मजबूत प्रदर्शन हमारी परिसंपत्तियों की मजबूती, मात्रात्मक वृद्धि, लागत दक्षता और मूल्य सृजन पर हमारे निरंतर ध्यान को दर्शाता है। वहीं, ग्रुप सीएफओ श्री अजय गोयल ने कहा कि वेदांता के पुनर्गठन और डिमर्जर से शेयरधारक मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, जिससे इस तिमाही के दौरान संयुक्त बाजार पूंजीकरण में ₹71,000 करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ है

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