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वेदांता की कॉपरटेक मेटल्स ने अमेरिकी आईपीओ में 3.6 अरब डॉलर के मूल्याकन का लक्ष्य रखा

वेदांता की कॉपरटेक मेटल्स ने अमेरिकी आईपीओ में 3.6 अरब डॉलर के मूल्याकन का लक्ष्य रखा

मुंबई: वेदांता रिसोर्सेज द्वारा स्थापित कॉपर एवं कोबाल्ट उत्पादक कंपनी कॉपरटेक मेटल्स ने अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए रोडशो शुरू कर दिया है। कंपनी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) में सूचीबद्ध होने की तैयारी कर रही है और उसका प्रस्तावित टिकर सिंबल "CUX" होगा।

 

कंपनी 2.35 करोड़ (23.5 मिलियन) शेयर जारी कर लगभग 423.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। शेयरों का मूल्य दायरा 16 से 18 अमेरिकी डॉलर प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। इस मूल्यांकन के आधार पर कॉपरटेक मेटल्स का संभावित बाजार मूल्य लगभग 3.57 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 3.6 अरब डॉलर) हो सकता है।

 

कॉपरटेक मेटल्स, वेदांता रिसोर्सेज की अमेरिकी-आधारित कंपनी है, जो जाम्बिया स्थित कोंकोला कॉपर माइंस (KCM) का स्वामित्व और संचालन करती है। कोंकोला कॉपर माइंस विश्व की उच्च-ग्रेड तांबा संपत्तियों में से एक माना जाता है और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अवसंरचना, डेटा सेंटर विस्तार तथा विद्युतिकरण से बढ़ती तांबे की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

 

कंपनी ने अगले पांच वर्षों में लगभग 2.7 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना बनाई है। इस निवेश के माध्यम से कॉपरटेक मेटल्स वर्ष 2030 से तांबा उत्पादन को बढ़ाकर औसतन लगभग 2.7 लाख टन प्रति वर्ष तक ले जाने का लक्ष्य रखती है।

 

वेदांता ने वर्ष 2004 से अब तक कोंकोला कॉपर माइंस में 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश किया है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि AI, डेटा सेंटर, बिजली ग्रिड आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण तांबा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक रणनीतिक धातु बनकर उभर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में कॉपरटेक मेटल्स का IPO वैश्विक निवेशकों के बीच महत्वपूर्ण आकर्षण का केंद्र माना जा रहा है।

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