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वंदे
भारतम पहल के तहत देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और 800 से अधिक ज़िलों
से इनोवेटर्स, उद्यमियों और बदलावकर्ताओं की पहचान की जाएगी।
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कई
चरणों वाली प्रक्रिया के ज़रिए 75 फाइनलिस्ट चुने जाएंगे और उन्हें अहमदाबाद में एक
खास प्रोग्राम के लिए आमंत्रित किया जाएगा, प्रोग्राम का समापन स्वतंत्रता दिवस के
आस-पास एक नेशनल ग्रांड फिनाले के साथ होगा।
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इस
पहल का उद्देश्य स्थापित स्टार्ट-अप हब से आगे बढ़कर अलग-अलग इलाकों, क्षेत्रों, भाषाओं
और समुदायों से जुड़ी उद्यमी प्रतिभा की पहचान करना है।
अहमदाबाद: अपने 64वें जन्मदिन के मौके पर अदाणी
ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी ने आज एक राष्ट्रव्यापी पहल वंदे भारतम का लॉन्च
किया, जिसका उद्देश्य देश भर से इनोवेटर्स, उद्यमियों एवं समस्या का समाधान करने वालों
की पहचान कर उन्हें समर्थन प्रदान करना है।
यह प्रोग्राम कई भारतीय भाषाओं में
36 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों, 800 से अधिक ज़िलों तक पहुंचेगा। इसमें हर उम्र
और हर पृष्ठभूमि से जुड़े प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। इसका उद्देश्य भारत के पारंपरिक
स्टार्ट-अप सेंटरों से आगे बढ़कर अच्छे आइडियाज़ एवं उद्यमी प्रतिभा को एक राष्ट्रीय
मंच पर लाना है।
आज भारत दुनिया के अग्रणी स्टार्ट-अप
इकोसिस्टम्स में से एक है। फिर भर स्टार्ट-अप स्थापित करने वाले 80 फीसदी उद्यमी सिर्फ
पांच शहरों से आते हैं, बहुत से महत्वाकांक्षी इनोवेटर्स को पहचान, मार्गदर्शन या नेटवर्किंग
के अवसर नहीं मिल पाते।
वंदे भारतम इसी कमी को दूर करने के लिए
लॉन्च किया गया है। महानगरों से लेकर उभरते शहरों, छोटे कस्बों और ग्रामीण समुदायों
तक यह पहल ऐसे लोगों की पहचान करेगी, जिनके पास आइडियाज़, समाधान और उद्यम हों तथा जो
सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करने में सक्षम हों।
देश 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की
ओर अग्रसर है, ऐसे में उद्यमियों की भागीदारी और इनोवेशन- आर्थिक विकास को बढ़ावा देने,
नौकरियों उत्पन्न करने तथा स्थानीय चुनौतियों को हल करने में कारगर हो सकते हैं। यह
पहल उन सभी लोगों के लिए खुली है जिनके पास कोई आइडिया, इनोवेशन, समाधान या उद्यमी
बनने की इच्छा जो, फिर चाहे किसी भी उम्र, पेशे, शिक्षा या विकास के चरण से जुड़े हों।
प्रतिभागी किसी अवधारणा, प्रोटोटाइप, शुरुआती चरण के उद्यम या स्थापित बिज़नेस के साथ
आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए रजिस्टर्ड स्टार्ट-अप होना ज़रूरी नहीं है।
टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबिलिटी,
खेती, पारंपरिक शिल्प और समुदाय-आधारित समाधान जैसे कई क्षेत्रों से प्रविष्टियां आमंत्रित
की गई हैं। इसमें विशेष रूप से महिला उद्यमियों, आदिवासी उद्यमियों, ग्रामीण इनोवेटर्स,
दिव्यांग उद्यमियों और स्थानीय चुनौतियों का समाधान करने वाले समुदाय-आधारित इनोवेटर्स
की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा।
इनोवेशन, उद्यमिता की क्षमता, प्रभाव
औरपैमाने को ध्यान में रखते हुए आवेदन का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा मूल्यांकन
के मानकों, जूरी एवं चुनाव के चरणों के बारे में जानकारी निर्धारित समय पर दी जाएगी।
राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन
के बाद, 75 फाइनलिस्ट्स को अहमदाबाद में एक खास प्रोग्राम के लिए बुलाया जाएगा, जहां
उन्हें उद्योग जगत के लोगों से बातचीत करने, निवेशकों एवं बिज़नेस लीडर्स के साथ जुड़ने
तथा ज़रूरी मार्गदर्शन पाने का मौका मिलेगा। ये सभी अलग-अलग क्षेत्रों, सेक्टरों और
समुदायों से आई प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इस पहल का लॉन्च करते हुए श्री गौतम अदाणी
ने कहा, ‘‘जब मैंने अपनी यात्रा की शुरूआत की, मेरे पास कुछ नहीं था। आज मैं जो कुछ
भी हूं, मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, मुझे भारत की मिट्टी से ही मिला है। हमारे
देश में प्रतिभा की कमी नहीं है कि लेकिन अवसर हमेशा देश के हर कोने तक पहुंचते हैं।’’
भारत ने दुनिया के सबसे बड़े स्टार्ट-अप
इकोसिस्टम्स में से एक बनाया है, इसके बावजूद बहुत से संस्थापक कुछ मुट्ठी भर शहरों
से ही उभरे हैं। वंदे भारतम के माध्यम से हम इनोवेटर्स, उद्यमियों एवं समस्या का समाधान
करने वालों की तलाश करना चाहते हैं, जिनके आइडियाज़ को पहचाना जाना चाहिए, उन्हें आगे
बढ़ने के लिए ज़रूरी सहयोग एवं बड़ा मंच मिलना चाहिए। हम हर भारतीय कोे आगे आने और इस
पहल में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिनमें कुछ करने का साहस है, जो कुछ
नया रचने का मजबूत इरादा रखते हैं।’’
फाइनलिस्ट्स को मेंटर्स, निवेशकों, उद्योग
जगत के लीडरों का सहयोग, इन्क्युबेशन में सहयोग और सामरिक साझेदारी के अवसर मिलेंगे,
ताकि वे अपने आइडिया को उद्यम में बदल सकें। इस प्रोग्राम में पुरस्कार राशि और श्रेणी-आधारित
मान्यता भी शामिल होगी, जिसका विवरण बाद के चरणों में घोषित किया जाएगा।
ग्राण्ड फिनाले का आयोजन स्वतन्त्रता
दिवस के आस-पास किया जाएगा, इसके साथ एक प्लेटफॉर्म की शुरूआत होगी जो प्रतिभागियों
को मेंटर्स, निवेशकों, उद्योग जगत के लीडरों एवं साथी इनोवेटर्स के साथ जोड़ेगा।
‘‘अगर मैं कर सकता हूं, तो कोई भी भारतीय
इसे कर सकता है। उन्हें सिर्फ अवसर और एक मंच की ज़रूरत है।’’ श्री अदाणी ने अपनी बात
को जारी रखते हुए कहा।
सात राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों,
800 से अधिक ज़िलों और दुनिया भर में बसे भारतीयों तक पहुंच के साथ वंदे भारतम का उद्देश्य
उद्यमिता की खोज एवं इनोवेशन के लिए भारत के सबसे बड़े मंचों में से एक का निर्माण करना
है।