मुंबई — स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) रिसर्च ने अपनी नवीनतम आर्थिक रिपोर्ट "सेलिब्रेटिंग रेजिलिएंस ऑफ इंडियन इकोनॉमी ऑन इंडियाज 80थ इंडिपेंडेंस डे" जारी करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.0% रहने का अनुमान जताया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, यह रिपोर्ट भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक के रूप में रेखांकित करती है, जिसे मजबूत बैंकिंग तरलता, कॉरपोरेट प्रदर्शन और पूंजी प्रवाह का समर्थन प्राप्त है। जुलाई 2026 के अंत तक बैंक क्रेडिट मांग में 19.3% की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जमा वृद्धि भी 15.4% तक पहुंच गई।
रिपोर्ट में भारतीय रिज़र्व बैंक की फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (बैंक) [FCNR(B)] योजना के तहत दर्ज पूंजी जुटाव पर प्रकाश डाला गया है, जिसके तहत अगस्त के मध्य तक 52.3 बिलियन डॉलर जुटाए जा चुके हैं। विदेशी मुद्रा उधार (OFCB) और बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) को मिलाकर कुल संसाधन जुटाव योजना की समाप्ति तक 80 बिलियन से 85 बिलियन डॉलर के बीच पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा, गैर-बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों (non-BFSI) के कॉरपोरेट प्रदर्शन में पहली तिमाही के दौरान शुद्ध बिक्री में 24% की वार्षिक वृद्धि देखी गई। मानसून के बेहतर प्रसार और खरीफ की बुआई की स्थिर स्थिति ने देश के समग्र व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान की है।