मुंबई : स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) रिसर्च टीम ने पश्चिम बंगाल वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के बजट पर अपनी नवीनतम शोध रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, यह बजट सामाजिक कल्याण, सरकारी रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगीकरण के पुनरुद्धार को एक साथ जोड़ने वाला एक साहसिक कदम है
22 जून 2026 को प्रस्तुत किया गया यह शुद्ध बजट 4.38 लाख करोड़ रुपये के कुल आवंटन के साथ राजकोषीय असंतुलन को ठीक करने पर विशेष जोर देता है। बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित कर GSDP का 2.9% कर दिया गया है, जबकि राजस्व घाटे को लगभग आधा करके 21,984 करोड़ रुपये पर ले आया गया है। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसके पूंजीगत परिव्यय (Capital Outlay) में 54.8% की ऐतिहासिक वृद्धि है, जो अब बढ़कर 40,930 करोड़ रुपये हो गया है। इस बुनियादी ढांचे के विकास के तहत कल्याणी में एक नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, पूर्व मेदिनीपुर में एक गहरे समुद्री बंदरगाह और दुर्गापुर में एक सेमीकंडक्टर यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्त, गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue) के बढ़कर 8,303 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है, जो प्रशासनिक दक्षता और संपत्ति मुद्रीकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
सामाजिक-आर्थिक मोर्चे पर, बजट में रोजगार और लोक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने 1 लाख रिक्त सरकारी पदों को भरने का संकल्प लिया है, जिसमें महिला उम्मीदवारों के लिए 33% आरक्षण की व्यवस्था की गई है, साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 20% की बढ़ोतरी की गई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम आवंटन किया गया है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इसके साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा हेतु 550 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बेरोजगार युवाओं के लिए भी 'भरोसा कर्मसाथी योजना' के तहत 3,000 रुपये प्रति माह की सहायता राशि घोषित की गई है। हालांकि वेतन और पेंशन जैसे प्रतिबद्ध खर्चों (Committed Expenditures) का उच्च अनुपात अभी भी राजकोषीय लचीलेपन के लिए एक चुनौती बना हुआ है, फिर भी SBI रिसर्च का निष्कर्ष है कि यह बजट घरेलू कल्याण को सुरक्षित रखते हुए मानव पूंजी और औद्योगिक लॉजिस्टिक्स में निवेश करने का एक सराहनीय और संतुलित प्रयास है।