चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्यात में नवंबर महीने में बड़ी तेजी देखने को मिली है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में चीन के EV निर्यात में सालाना आधार पर 87% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह दर्शाता है कि दुनियाभर में चीनी इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
नवंबर 2025 में चीन ने लगभग 2 लाख इलेक्ट्रिक कारें दूसरे देशों को निर्यात कीं। इनमें से बड़ी संख्या एशिया, यूरोप और लैटिन अमेरिका भेजी गई।
किन देशों में सबसे ज्यादा डिमांड
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एशिया सबसे बड़ा बाजार बना रहा, जहां निर्यात में 71% की बढ़ोतरी हुई
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यूरोप दूसरे स्थान पर रहा, जहां EV शिपमेंट 63% बढ़ी
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लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में सबसे तेज उछाल देखा गया, जहां निर्यात 283% तक बढ़ गया
मेक्सिको चीन के लिए एक बड़ा उभरता हुआ बाजार बनकर सामने आया है, जहां चीनी इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात 2000% से ज्यादा बढ़ा है।
क्यों बढ़ रहे हैं चीन के EV एक्सपोर्ट
BYD, NIO, XPeng और Li Auto जैसी चीनी कंपनियां तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार कर रही हैं।
इन वाहनों की किफायती कीमत, बेहतर टेक्नोलॉजी, और बैटरी रेंज में सुधार ने इन्हें कई देशों में लोकप्रिय बना दिया है।
हालांकि अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में चीनी EVs पर टैरिफ और सख्त नियम लागू हैं, इसके बावजूद उभरते बाजारों जैसे ब्राजील, इंडोनेशिया और फिलीपींस में मांग मजबूत बनी हुई है।
वैश्विक स्तर पर इसका असर
चीन पहले ही दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता और निर्यातक है। नवंबर के आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि आने वाले वर्षों में चीन की भूमिका वैश्विक EV बाजार में और मजबूत हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा, खासकर उन देशों में जहां इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से अपनाया जा रहा है।