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एलएंडटी ने विशाख रिफाइनरी में दुनिया की पहली LC-Max रेजिड्यू अपग्रेडेशन सुविधा में फीड-इन की उपलब्धि हासिल की

एलएंडटी ने विशाख रिफाइनरी में दुनिया की पहली LC-Max रेजिड्यू अपग्रेडेशन सुविधा में फीड-इन की उपलब्धि हासिल की

मुंबई : लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) के हाइड्रोकार्बन ऑनशोर बिजनेस वर्टिकल ने आंध्र प्रदेश में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की विशाख रिफाइनरी में दुनिया की पहली LC-Max रेजिड्यू अपग्रेडेशन फैसिलिटी (RUF) में 'फीड-इन' की प्रक्रिया पूरी कर एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। 3.55 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) की क्षमता वाली इस अत्याधुनिक इकाई को सफलतापूर्वक चालू (commission) कर दिया गया है। वर्तमान में यह इकाई रिफाइनरी से प्राप्त वैक्यूम रेजिड्यू को फीडस्टॉक के रूप में ग्रहण कर उच्च-मूल्य वाले उत्पादों का उत्पादन कर रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर एचपीसीएल, लाइसेंसदाता सीएलजी और पीएमसी ईआईएल के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

एलएंडटी द्वारा ईपीसी (EPC) टर्नकी आधार पर निष्पादित यह आरयूएफ (RUF) परियोजना, विशाख रिफाइनरी आधुनिकीकरण परियोजना की सबसे जटिल प्रक्रिया इकाई है। 'राष्ट्रीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता कार्यक्रम' के तहत यह पहल रेजिड्यू स्ट्रीम से उच्चतम मूल्य निकालने और बीएस-VI (BS-VI) उत्सर्जन मानकों के अनुरूप ईंधन का उत्पादन करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इस सुविधा में भारतीय रिफाइनरियों में पहली बार इस्तेमाल होने वाली कई उन्नत प्रौद्योगिकियों को शामिल किया गया है, जिनमें एबुलेटिंग पंप, ग्रेलोक फ्लैंग्स, प्रेशर लेट-डाउन स्टेशन और पिच सॉलिडिफिकेशन यूनिट्स शामिल हैं।

एलएंडटी के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रेसिडेंट, श्री सुब्रमण्यन सरमा ने इस उपलब्धि पर कहा कि एलएंडटी ने इस परियोजना के माध्यम से जटिल और बड़े पैमाने की परियोजनाओं को नवाचार और सटीकता के साथ निष्पादित करने में अपनी अग्रणी स्थिति को पुनः पुष्ट किया है। इस परियोजना का क्रियान्वयन कोविड-19 महामारी, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और विशाखपत्तनम शहर के बीच स्थित एक कॉम्पैक्ट ब्राउनफील्ड रिफाइनरी की निर्माण बाधाओं जैसी कठिन चुनौतियों के बीच किया गया। इन चुनौतियों से निपटने के लिए एलएंडटी ने उन्नत निर्माण विधियों को अपनाया, जिसमें 135 प्लग-एंड-प्ले मॉड्यूल और प्रीकास्ट सिविल निर्माण का व्यापक उपयोग किया गया।

सुरक्षा और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों का पालन करते हुए, एलएंडटी ने इस परियोजना को 58 मिलियन सुरक्षित कार्य घंटों के साथ पूरा किया। इस दौरान 750 से अधिक उपकरणों की स्थापना की गई, जिनमें 230 ओवर-डायमेंशनल कंसाइनमेंट (ODC) शामिल थे। सिविल निर्माण का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा प्रीकास्ट मोड में निष्पादित किया गया, जो किसी भी भारतीय रिफाइनरी परियोजना में पहली बार हुआ है। यह उपलब्धि एलएंडटी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जटिल परियोजनाओं को समय पर वितरित करने की उसकी अद्वितीय क्षमता को रेखांकित करती है।

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