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फर्टिलाइजर उद्योग के प्रोफेशनल्स के लिए 'प्रोफेशनल एंड पर्सनल इफेक्टिवनेस' में सुधार पर FAI नॉर्दर्न रीजन ने आयोजित किया ट्रेनिंग प्रोग्राम

फर्टिलाइजर उद्योग के प्रोफेशनल्स के लिए 'प्रोफेशनल एंड पर्सनल इफेक्टिवनेस' में सुधार पर FAI नॉर्दर्न रीजन ने आयोजित किया ट्रेनिंग प्रोग्राम
  • फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI), नॉर्दर्न रीजन ने फागु, शिमला, हिमाचल प्रदेश में 'इम्प्रूविंग प्रोफेशनल एंड पर्सनल इफेक्टिवनेस' पर चार दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम (ट्रेनिंग प्रोग्राम) का आयोजन किया है।

  • 17 जून को शुरू हुआ यह कार्यक्रम 20 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें फर्टिलाइजर सेक्टर के प्रोफेशनल्स अपनी क्षमताओं को मजबूत करने और उद्योग की चुनौतियों व अवसरों को समझने के लिए शामिल हुए हैं।

शिमला : इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है, जिनमें फर्टिलाइजर और कच्चे माल का परिदृश्य, लॉजिस्टिक्स व लागत अनुकूलन (कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन), फर्टिलाइजर व्यापार के कानूनी पहलू, iFMS और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और बंदरगाह संचालन (पोर्ट ऑपरेशंस), फर्टिलाइजर मार्केटिंग रणनीतियाँ, नए जमाने के फर्टिलाइजर, इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट (एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन), प्रिसिजन एग्रीकल्चर (सटीक कृषि), ब्रांड डेवलपमेंट, उत्पादकता में सुधार, नेतृत्व (लीडरशिप), इंटरपर्सनल स्किल्स और टाइम मैनेजमेंट शामिल हैं।

उद्घाटन भाषण देते हुए FAI के को-चेयरमैन और HURL व AVFCCL के प्रबंध निदेशक डॉ. एस.पी. मोहंटी ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलते बिजनेस माहौल में निरंतर सीखना, अनुकूलनशीलता (अडैप्टेबिलिटी) और कौशल विकास आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रोफेशनल्स को बदलती तकनीकों, परिचालन आवश्यकताओं और उद्योग की उम्मीदों के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपनी क्षमताओं को लगातार अपग्रेड करना होगा। दक्षता, नवाचार (इनोवेशन) और संसाधनों के इष्टतम उपयोग के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने प्रतिभागियों को बदलाव को सक्रिय रूप से अपनाने और भविष्य की चुनौतियों व अवसरों से निपटने के लिए आवश्यक योग्यताएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने फर्टिलाइजर सेक्टर के भविष्य को आकार देने में सस्टेनेबिलिटी (स्थिरता), ऊर्जा दक्षता और तकनीकी प्रगति के बढ़ते महत्व पर भी प्रकाश डाला।

अपने मुख्य भाषण (कीनोट एड्रेस) में FAI के महानिदेशक डॉ. सुरेश कुमार चौधरी ने मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से लेकर मार्केटिंग, ट्रेड और पॉलिसी कार्यान्वयन तक—फर्टिलाइजर वैल्यू चेन में पेशेवर कौशल (प्रोफेशनल स्किल्स) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हालांकि फर्टिलाइजर सेक्टर एक विनियमित (रेगुलेटेड) माहौल में काम करता है, फिर भी यह भू-राजनीतिक घटनाक्रमों, वैश्विक व्यवधानों, कच्चे माल की उपलब्धता और बदलती कृषि आवश्यकताओं से उत्पन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि फर्टिलाइजर उद्योग की भूमिका केवल उत्पादों की आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों की सेवा करने और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का समर्थन करने से गहराई से जुड़ी हुई है।

उभरती हुई कृषि चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए, डॉ. चौधरी ने संतुलित उवर्रीकरण (बैलेंस्ड फर्टिलाइजेशन) और इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट पर जोर दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि आदर्श N:P (नाइट्रोजन:फॉस्फोरस) अनुप्रयोग अनुपात पिछले कुछ वर्षों में काफी असंतुलित हो गया है, जिससे विवेकपूर्ण और वैज्ञानिक पोषक तत्व प्रबंधन प्रथाओं की आवश्यकता बढ़ गई है। उन्होंने मिट्टी के स्वास्थ्य, घटते ऑर्गेनिक कार्बन स्तर और पोषक तत्वों की कमी से जुड़ी चिंताओं को भी रेखांकित किया, और संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया। इस क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने नए जमाने के फर्टिलाइजर्स की बढ़ती प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला, जिसमें नैनो फर्टिलाइजर, बायो-फर्टिलाइजर, लिक्विड फर्टिलाइजर और कस्टमाइज्ड फर्टिलाइजर शामिल हैं, साथ ही प्रिसिजन एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजीज का भी उल्लेख किया जो पोषक तत्व-उपयोग दक्षता में सुधार और टिकाऊ कृषि विकास में मदद कर सकती हैं।

डॉ. चौधरी ने प्रतिभागियों को पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चाओं और ज्ञान साझा करने (नॉलेज शेयरिंग) में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कुशल मानव संसाधन विकसित करने और फर्टिलाइजर उद्योग को भविष्य के अवसरों व चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाने की FAI की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया।

उद्घाटन सत्र को आईसीएआर-केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (ICAR-CPRI), शिमला के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने भी विशिष्ट अतिथि (गेस्ट ऑफ ऑनर) के रूप में संबोधित किया। प्रतिभागी कृषि अनुसंधान, नवाचार और जमीनी स्तर के अनुप्रयोगों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने के लिए केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, कुफरी का एक तकनीकी दौरा (टेक्निकल विजिट) भी करेंगे।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योग, सरकार, अनुसंधान संस्थानों और प्रौद्योगिकी संगठनों के विशेषज्ञ फैकल्टी को एक मंच पर लाता है, जो फर्टिलाइजर सेक्टर में ज्ञान साझा करने, पेशेवर विकास और परिचालन उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के FAI के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।

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