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एक्सिस बैंक और बिट्स पिलानी मिलकर हैदराबाद में स्थापित करेंगे 100 करोड़ रुपये का इंडस्ट्री रिसर्च, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन पार्क, भारत के लैब-टू-मार्केट इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

 एक्सिस बैंक और बिट्स पिलानी मिलकर हैदराबाद में स्थापित करेंगे 100 करोड़ रुपये का इंडस्ट्री रिसर्च, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन पार्क, भारत के लैब-टू-मार्केट इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

मुंबई: भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक एक्सिस बैंक ने ‘इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस’ बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस पिलानी (बिट्स पिलानी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत बिट्स पिलानी के हैदराबाद परिसर में एक्सिस बैंक–बिट्स इंडस्ट्री रिसर्च, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन पार्क की स्थापना की जाएगी। 100 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) ग्रांट के साथ यह साझेदारी भारत के डीप-टेक और ट्रांसलेशनल रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच गहरे सहयोग को बढ़ावा देना, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना तथा शोध को बाजार तक पहुंचाने के लिए एक समेकित मंच तैयार करना है।

 

जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज), बायोफार्मा, स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा उपकरणों पर केंद्रित यह प्रस्तावित पार्क भारत के नवाचार तंत्र को मजबूत करने के लिए एक समर्पित मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका विशेष लक्ष्य ऐसी किफायती स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिनसे व्यापक जनसमुदाय को लाभ मिल सके।

 

हैदराबाद में स्थापित होने वाला यह पार्क तेलंगाना के तेजी से विकसित हो रहे लाइफ साइंसेज कॉरिडोर के केंद्र में स्थित होगा, जिसकी पहचान जीनोम वैली के रूप में है। इस इकोसिस्टम में अकादमिक नेतृत्व वाले बायोफार्मा और डीप-टेक अनुसंधान को शामिल कर यह पहल भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के अनुरूप किफायती स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रांसलेशनल रिसर्च और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।

 

इस साझेदारी के तहत बिट्स पिलानी रिसर्च पार्क के संचालन और शोध एजेंडा का मार्गदर्शन करेगा, जबकि एक्सिस बैंक इसके बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग प्रदान करेगा।

 

करीब 1.20 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैले इस रिसर्च पार्क में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, इन्क्यूबेशन स्पेस और साझा सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। यह विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई क्षेत्र के नवोन्मेषकों को संरचित साझेदारी, सह-डिजाइन और सह-विकास परियोजनाओं के माध्यम से सहयोग देगा। साथ ही यह तकनीकी हस्तांतरण, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) प्रबंधन और बिट्स पिलानी की शैक्षणिक विशेषज्ञता तथा प्रतिभा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा।

 

बिट्स पिलानी के चांसलर कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, “बिट्स पिलानी और एक्सिस बैंक के बीच यह साझेदारी भारत की नवाचार प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक दूरदर्शी सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह रिसर्च पार्क अत्याधुनिक अनुसंधान और उद्यमिता को नई गति देगा तथा समाज के लिए सार्थक समाधान विकसित करने में योगदान करेगा। यह उत्साहजनक है कि शिक्षा और उद्योग जगत के अग्रणी संस्थान शोध, प्रतिभा विकास और राष्ट्रीय प्रभाव के साझा उद्देश्य के साथ एक मंच पर आए हैं।”

 

इस अवसर पर एक्सिस बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफ़िसर अमिताभ चौधरी ने कहा, “हम मानते हैं कि समावेशी और सतत विकास का भविष्य ज्ञान, नवाचार और उद्देश्य के संगम में निहित है। बिट्स पिलानी के साथ हमारी यह साझेदारी वास्तविक चुनौतियों का समाधान करने वाले इकोसिस्टम के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दोनों संस्थानों का साझा लक्ष्य ऐसे जिम्मेदार नेतृत्वकर्ताओं का निर्माण करना है, ऐसे ज़िम्मेदार लीडर तैयार करना जो ज्ञान और अटूट संकल्प से लैस हों और बदलाव लाने की क्षमता रखते हों।”

 

बिट्स पिलानी के कुलपति वी. रामगोपाल राव ने कहा, “यह समझौता शिक्षा जगत और उद्योग के बीच साझा दृष्टिकोण का मजबूत उदाहरण है। एक्सिस बैंक–बिट्स रिसर्च पार्क हमें ऐसा बहुआयामी और शोध-केंद्रित इकोसिस्टम विकसित करने में मदद करेगा, जो संकाय-नेतृत्व वाले नवाचार, डॉक्टोरल शोध, तकनीकी रूपांतरण और छात्रों को बड़े पैमाने पर जटिल समस्याओं के समाधान के लिए तैयार करने में सहायक होगा।”

 

मुंबई में आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में दोनों संस्थानों के वरिष्ठ नेतृत्व ने भाग लिया और शोध को उद्योग से जोड़कर विचारों को प्रभावशाली परिणामों में बदलने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

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