एक ही छत के नीचे आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और
खिलाड़ियों को हर तरह की सहायता उपलब्ध होगी
मुंबई: भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों में शामिल एक्सिस
बैंक और लक्ष्य शूटिंग क्लब ने आज नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर में एक्सिस बैंक
लक्ष्य शूटिंग क्लब हाई परफॉर्मेंस सेंटर का उद्घाटन किया। इस केंद्र का उद्देश्य
शूटिंग के क्षेत्र में भारत की प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने के लिए
विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला ऐसा केंद्र विकसित करना है, जहां दिव्यांग और अन्य सभी
खिलाड़ी समान रूप से प्रशिक्षण ले सकें। यहां प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, पोषण,
चिकित्सा और खिलाड़ियों के समग्र विकास पर एक साथ काम किया जाएगा। साथ ही, देश के
शीर्ष निशानेबाजों को ओलंपिक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की तैयारी के लिए विश्वस्तरीय
प्रशिक्षण और कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
भारतीय ओलंपियन और पूर्व राष्ट्रीय शूटिंग कोच सुमाशिरूर ने 2006 में लक्ष्य
शूटिंग क्लब की स्थापना की थी। पिछले दो दशकों में क्लब ने देश की शूटिंग
प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया है। क्लब के खिलाड़ियों ने
ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों, एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और विश्व चैंपियनशिप
सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल की है। इनमें अवनि
लेखरा शामिल हैं, जिन्होंने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण
पदक सहित कुल तीन पैरालंपिक पदक जीते हैं। वहीं, पार्थ माने ने 2024 में जूनियर
विश्व चैंपियन का खिताब हासिल किया और 2026 के आइची-नागोया एशियाई खेलों में टीम
स्पर्धा में रजत पदक जीता।
छह मंजिला यह नया केंद्र लक्ष्य शूटिंग क्लब के लंबे अनुभव और विशेषज्ञता को
आगे बढ़ाएगा। यहां 10 मीटर की दो समर्पित शूटिंग रेंज, ताकत और शारीरिक क्षमता
बढ़ाने के लिए सुविधाएं, बायोमैकेनिक्स आकलन, फिजियोथेरेपी, खेल मनोविज्ञान, पोषण
संबंधी सहायता, रिकवरी के लिए विशेष स्थान और खिलाड़ियों के रहने की सुविधाएं
उपलब्ध होंगी।
केंद्र में खिलाड़ियों के विकास के लिए तीन तरह के कार्यक्रम बनाए गए हैं।
इनमें एलीट रेजिडेंसी, डे स्कॉलर और डेवलपमेंट कार्यक्रम शामिल हैं। इनका उद्देश्य
खिलाड़ियों को उनके प्रशिक्षण और करियर के अलग-अलग चरणों के अनुरूप सुविधाएं
उपलब्ध कराना है। केंद्र का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी कर
रहे शीर्ष खिलाड़ियों पर रहेगा, जबकि लक्ष्य के अन्य केंद्र उभरती प्रतिभाओं को
तलाशने और उन्हें निखारने का काम जारी रखेंगे।
विश्वस्तरीय कोचिंग के साथ वैज्ञानिक आकलन और प्रत्येक खिलाड़ी की जरूरत के
अनुसार सहायता उपलब्ध कराकर यह केंद्र निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं
की तकनीकी, शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के लिए तैयार करेगा।
इस अवसर पर एक्सिस बैंक में होलसेल बैंक कवरेज, कॉरपोरेट सैलरी, सस्टेनेबिलिटी
और सीएसआर के ग्रुप हेड विजय मुलबागल ने कहा, “शूटिंग ओलंपिक में भारत के सबसे सफल
खेलों में से एक रही है और देश के लिए गर्व का बड़ा स्रोत है। भारतीय निशानेबाज
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं, लेकिन इससे भी बड़ी सफलता हासिल
करने की संभावनाएं काफी हैं। लक्ष्य शूटिंग क्लब के साथ साझेदारी के माध्यम से हम
उभरते और शीर्ष खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कोचिंग और तकनीकी
सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना
है, जहां प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले, चैंपियन तैयार हों और भारतीय
शूटिंग नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। हमें उम्मीद है कि यह केंद्र आने वाले वर्षों में
देश की खेल उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान देगा।”
लक्ष्य शूटिंग क्लब की संस्थापक और हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर सुमा शिरूर ने
कहा, “जब हमने 2006 में लक्ष्य की शुरुआत की थी, तब हमारा सपना बहुत सरल
था-निशानेबाजों को उनकी क्षमता पहचानने और उसे हासिल करने के लिए जरूरी अवसर,
मार्गदर्शन और सहयोग देना। पिछले वर्षों में हमारे साथ काम करने वाले खिलाड़ियों
को पैरालंपिक स्वर्ण पदक और विश्व खिताब जीतते देखना बेहद संतोषजनक रहा है। इससे
हमारा यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि प्रतिभा को निखरने के लिए सही माहौल और
सुविधाओं की जरूरत होती है।
“यह केंद्र हमारी इसी यात्रा का अगला अध्याय है। मेरे लिए यह सिर्फ एक इमारत
या विश्वस्तरीय सुविधाओं का समूह नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है, जहां
हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो
सकें, उनके प्रदर्शन के हर पहलू पर ध्यान दिया जाए और ओलंपिक पदक जीतने का सपना
हकीकत के करीब आए। इस सोच को साकार करने में साझेदार बनने के लिए हम एक्सिस बैंक
के बेहद आभारी हैं।”
उल्लेखनीय है कि यह केंद्र पर्यावरण के अनुकूल निर्माण मानकों के अनुरूप तैयार
किया गया है। इसे टिकाऊ विकास के उच्च मानकों के आधार पर बनाया गया है, ताकि ऊर्जा
और संसाधनों का अधिक कुशलता से उपयोग किया जा सके।