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टाटा पावर और केपेल ने चेन्नई के 'इंटेलियन पार्क' में बड़े पैमाने पर 'कूलिंग-एज़-ए-सर्विस' समाधान तैनात करने के लिए टाटा रियल्टी के साथ की साझेदारी

टाटा पावर और केपेल ने चेन्नई के 'इंटेलियन पार्क' में बड़े पैमाने पर 'कूलिंग-एज़-ए-सर्विस' समाधान तैनात करने के लिए टाटा रियल्टी के साथ की साझेदारी
  • 12,100 TR कूलिंग-एज़-ए-सर्विस (CaaS): इस तकनीक की तैनाती से सुविधा की ऊर्जा खपत में 20% से अधिक की कमी आएगी।

  • AI और ML आधारित ऑपरेशन्स नर्व सेंटर: वास्तविक समय की निगरानी (real-time monitoring), प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और डायनेमिक परफॉरमेंस ऑप्टिमाइजेशन को सक्षम बनाएगा।

  • रणनीतिक सहयोग: यह साझेदारी भारत में बड़े और अति-बड़े वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विकास के लिए CaaS को एक स्केलेबल मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।

मुंबई : टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड (TPTCL) ने केपेल लिमिटेड (Keppel) के इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन के सहयोग से, टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (TRIL) की इकाई इंफोपार्क प्रॉपर्टीज लिमिटेड (IPL) के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत चेन्नई स्थित इंटेलियन पार्क (Intellion Park) में बड़े पैमाने पर कूलिंग-एज़-ए-सर्विस (CaaS) समाधान तैनात किया जाएगा।

तारामणि के आईटी कॉरिडोर में 25.27 एकड़ में फैला इंटेलियन पार्क एसईजेड (SEZ) और नॉन-एसईजेड दोनों क्षेत्रों को कवर करता है। 12,100 TR (tonnes of refrigeration) की कुल स्थापित क्षमता वाला यह प्रोजेक्ट 15 साल के अनुबंध के तहत अक्टूबर 2026 में शुरू होने वाला है। उच्च दक्षता वाले उपकरणों और इंटेलिजेंट नियंत्रणों के साथ डिज़ाइन किया गया यह समाधान सुविधा की कुल ऊर्जा खपत को लगभग 20% तक कम करने की क्षमता रखता है।


तकनीक और नवाचार

इस समाधान के केंद्र में केपेल द्वारा पेटेंट किया गया AI और ML-संचालित ऑपरेशन्स नर्व सेंटर (ONC) है। यह सिस्टम दक्षता, विश्वसनीयता और स्थिरता बढ़ाने के लिए वास्तविक समय में प्रदर्शन की निगरानी और सुधार करता है। इंटेलियन पार्क पहले से ही टाटा पावर से 'ग्रीन पावर' प्राप्त करता है, और अब CaaS के जुड़ने से इसका लो-कार्बन ऊर्जा इकोसिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा।

नेतृत्व का दृष्टिकोण

साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए टाटा पावर के सीईओ और एमडी, डॉ. प्रवीर सिन्हा ने कहा: "भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र में कूलिंग की बढ़ती जरूरतों के कारण ऊर्जा की मांग तेजी से बढ़ रही है। टाटा पावर केपेल और टाटा रियल्टी (TRIL) के साथ अपनी विशेषज्ञता का उपयोग बड़े पैमाने पर कुशल और लो-कार्बन कूलिंग प्रदान करने के लिए कर रहा है। यह साझेदारी दर्शाती है कि कैसे स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत कूलिंग का एकीकरण डीकार्बोनाइजेशन की गति को तेज कर सकता है।"

टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी और सीईओ, श्री संजय दत्त ने कहा: "यह समझौता आधुनिक वाणिज्यिक संपत्तियों के डिजाइन और संचालन में एक मौलिक बदलाव का प्रतीक है। हम स्वामित्व-आधारित बुनियादी ढांचे से हटकर प्रदर्शन-आधारित 'सर्विस-लेड' मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। यह सिर्फ एक कूलिंग अनुबंध नहीं है, बल्कि भविष्य की दूरदर्शी संस्थाओं के सहयोग का एक खाका (blueprint) है।"

केपेल के इंफ्रास्ट्रक्चर डिवीजन की सीईओ, सुश्री सिंडी लिम ने कहा: "कूलिंग अब केवल एक उपयोगिता (utility) नहीं रह गई है, बल्कि यह वाणिज्यिक संपत्तियों के संचालन और डीकार्बोनाइजिंग का मूल हिस्सा बनती जा रही है। हमारा ऑपरेशन्स नर्व सेंटर इंटेलियन पार्क के ऊर्जा प्रदर्शन को लगातार ऑप्टिमाइज़ करेगा।"


भविष्य की संभावनाएं

इंटेलियन पार्क के अलावा, टाटा पावर और केपेल ने संयुक्त रूप से कई अन्य CaaS प्रोजेक्ट्स हासिल किए हैं। इनका लक्ष्य वाणिज्यिक रियल एस्टेट, डेटा सेंटर, उन्नत विनिर्माण सुविधाओं (advanced manufacturing) और हवाई अड्डों जैसे बड़े मिश्रित उपयोग वाले विकास कार्यों के लिए डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम प्रदान करना है।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के अनुसार, भारत 2050 तक 'स्पेस कूलिंग' का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बन सकता है। ऐसे में कूलिंग-एज़-ए-सर्विस जैसे भविष्योन्मुखी समाधान भारत के ऊर्जा संक्रमण और स्थिरता लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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