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राइनो,
भारत का सबसे ग्रीन रॉक मिनरल वूल, जिसे भारत के पहले
और सबसे बड़े इलेक्ट्रिक स्मेल्टर में बनाया गया है, बिना फॉसिल
फ्यूल के इस्तेमाल के।
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बेहतर थर्मल और अकूस्टिक परफॉर्मेंस
के लिए बनाया गया, राइनो अपने थर्मल, अकूस्टिक, आग रोकने वाले, पानी को रोकने वाले गुणों और हाई कम्प्रेसिव
स्ट्रेंथ के साथ मॉडर्न कंस्ट्रक्शन को बदलने के लिए तैयार है।
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बिल्डिंग, इंडस्ट्रियल और मरीन एप्लीकेशन
में कई तरह से इस्तेमाल होने वाला, राइनो इंसुलेशन हर साल 45-50% तक एनर्जी बचाने का वादा करता है।
रायपुर : सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड (BSE: 504614) (NSE: SARDAEN) की सब्सिडियरी सारडा मेटल्स एंड अलॉयज लिमिटेड, ने आज सीआईआई के 23वें ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस (आईजीबीसी) 2025 में भारत का सबसे ग्रीन रॉक मिनरल वूल इंसुलेशन सॉल्यूशन राइनो लॉन्च किया। यह ग्रीन बिल्डिंग प्रोडक्ट्स और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एशिया का सबसे बड़ा सम्मेलन है, जो मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुआ। इस लॉन्च में उद्योग जगत के कई माननीय अतिथि और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित थे । यह लॉन्च भारत की सस्टेनेबल बिल्डिंग मटीरियल इंडस्ट्री में परिवर्तनकारी मील का पत्थर साबित होगा।
सात साल
की रिसर्च, डेवलपमेंट और ग्लोबल पार्टनरशिप से बना राइनो भारत का सबसे ग्रीन रॉक मिनरल वूल है, जिसे बिना फॉसिल फ्यूल के रिफाइंड
किया गया है और भविष्य के लिए इंजीनियर किया गया है। राइनो सस्टेनेबिलिटी, एनर्जी बचाने
और बेहतर एफिशिएंसी को मिलाकर इंसुलेशन को नए तरीके से दिखाता है। अपने तीन वेरिएंट
इलाइट, एनड्यूरो और इको-ग्रीन के साथ, राइनो अकेला ऐसा
रॉक मिनरल वूल है जो बिल्डिंग, इंडस्ट्रियल और मरीन इंडस्ट्री की अलग-अलग सस्टेनेबिलिटी
की उम्मीदों को पूरा करता है।
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बेहतरीन फायर सेफ्टी: 1000 डिग्री सेल्सियस तक अग्नि प्रतिरोधन करता है और ज़ीरो स्मोक
एमिशन होता है, जिससे सेफ्टी पक्की होती है।
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बेहतरीन एनर्जी एफिशिएंसी: इंस्टीट्यूशनल, कमर्शियल और रेजिडेंशियल जगहों के लिए एनर्जी कॉस्ट में 45-50%
की कमी करके इंसुलेशन को नया रूप देता है।
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एनवायरनमेंटल लीडरशिप: ज़ीरो फॉसिल फ्यूल इस्तेमाल से मार्केट में मौजूद प्रोडक्ट्स के मुकाबले 65% तक
कम कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन होता है।
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एडवांस्ड अकूस्टिक कंट्रोल: शोर को सोखने में मदद करता है, जिससे रहने और काम करने
का माहौल हेल्दी और शांत बनता है।
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वॉटर रेपेलेंट डिज़ाइन: इंसुलेशन परफॉर्मेंस बनाए रखते हुए नमी से बचाता है।
- टेम्परेचर मैनेजमेंट:
गर्मी कम करता है और कूलिंग को बेहतर बनाता है, जिससे बिल्डिंग
और घर ज़्यादा देर तक ताज़गी से ठंडे रहते हैं और एनर्जी भी काफी कम खर्च होती
है।
लॉन्च पर सारडा मेटल्स
एंड अलॉयज लिमिटेड के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री मनीष सारडा ने कहा,"राइनो,
सारदा ग्रुप के उस विज़न का प्रतीक है जिसमें इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस को एनवायरनमेंटल
मैनेजमेंट और इनोवेशन के साथ समेकित किया जाता है। बिल्डिंग्स से दुनिया भर में
37% कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन होता है*, हमारा प्रोडक्ट एमिशन को 65% तक कम करता है,
और एनर्जी कॉस्ट को 45–50% तक कम करता है—जिससे भारत नेट ज़ीरो बिल्डिंग्स के टारगेट
की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। इस प्रोडक्ट में बिल्डिंग इंडस्ट्री को बदलने और बेहतर
थर्मल इंसुलेशन और अकूस्टिक कंट्रोल के जरिये मॉडर्न कंस्ट्रक्शन को बेहतर बनाने की
क्षमता है, जो फायर सेफ्टी को बढ़ाता है, नॉइज पॉल्यूशन को कम करता है, और तापमान रेगुलेशन
को बेहतर बनाता है—यह सब बिल्डिंग इंडस्ट्री की लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाता है।
आईजीबीसी की 25वीं वर्षगांठ पर यह लॉन्च, जिसमें इको फर्स्ट के सीईओ, श्री चितरंजन
कौशिक और एंड्योरेंस एथलीट और इंडियन एक्ट्रेस, मिस सैयामी खेर मौजूद थीं, खास तौर
पर मायने रखता है क्योंकि यह ज़िम्मेदार अर्बन डेवलपमेंट के लिए हमारे शेयर्ड कमिटमेंट
को दिखाता है।"
यह लॉन्च ग्रीन बिल्डिंग कांग्रेस 2025 की थीम, 'ग्रीन शिफ्ट्स
फॉर ग्रीनर टुमॉरोज: डू गुड, फील गुड – एम्ब्रेस ग्रीन चॉइस फॉर ए सस्टेनेबल फ्यूचर'
से पूरी तरह मेल खाता है और सारडा ग्रुप को भारत की ग्रीन बिल्डिंग क्रांति में सबसे
आगे रखता है। पांच दशकों से अधिक समय से, सारडा ग्रुप ने इनोवेशन, जिम्मेदार ग्रोथ
और आत्मनिर्भरता के लिए पक्के कमिटमेंट के जरिये भारत की इंडस्ट्रियल तरक्की में योगदान
दिया है।