मुंबई: स्वरा बेबी, जो कि वित्तीय
वर्ष 2025 में
मूल्य के आधार पर भारत में डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों (जिसमें बच्चों के डायपर, बड़ों के डायपर
और सैनिटरी नैपकिन शामिल हैं) की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है, ने बाज़ार
नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग
प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है।
इस आईपीओ में ₹2 प्रति
शेयर के अंकित मूल्य वाले नए शेयर जारी किए जाएंगे (फ्रेश इश्यू), जिनका कुल
मूल्य ₹500 करोड़
तक होगा। इसके साथ ही,
₹2 प्रति शेयर के अंकित मूल्य वाले पुराने शेयर भी बेचे जाएंगे (ऑफर फॉर सेल), जिनका कुल
मूल्य भी ₹500 करोड़
तक होगा। प्रमोटर बेचने वाले शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल के तहत, ब्रेनबीज
सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा ₹2 अंकित
मूल्य वाले ₹300 करोड़
तक के शेयर और अनाद्या बॉन मर्चरी एलएलपी द्वारा ₹2 अंकित मूल्य वाले ₹200 करोड़
तक के शेयर बेचे जाएंगे।
कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाली रकम (नेट प्रोसीड्स) का उपयोग कई कामों के लिए
करना चाहती है। इसमें भारत के मध्य प्रदेश में एक नई विनिर्माण इकाई लगाने के
पूंजीगत खर्च के लिए ₹198.2
करोड़; कंपनी
द्वारा लिए गए कुछ कर्जों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने के लिए ₹100 करोड़; अपनी सहायक
कंपनियों - सोलिस हाइजीन,
स्वरा हाइजीन और केएईएचपीएल में उनके द्वारा लिए गए कुछ बकाये कर्जों को
चुकाने के लिए ₹27.5 करोड़
का निवेश शामिल है। इसके अलावा,
इस रकम का उपयोग अनआइडेंटिफाइड एक्विजिशंस के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ करने और
सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के साथ
सलाह-मशविरा करके कंपनी ₹100
करोड़ के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है।
स्वरा बेबी ने साल 2018
में बच्चों के डायपर बनाने के साथ अपने काम की शुरूआत की थी। यह बच्चों की
देखभाल, बड़ों
के असंयम (अडल्ट इनकॉन्टिनेंस) और महिलाओं की स्वच्छता से जुड़े उत्पाद श्रेणियों
में डिस्पोजेबल उपभोक्ता स्वच्छता उत्पादों की एक विशेषज्ञ और स्वतंत्र निर्माता
कंपनी है। इसका मुख्य ध्यान अनुसंधान और विकास और गुणवत्ता नियंत्रण पर है। इनके
विविध उत्पाद पोर्टफोलियो में बच्चों के पैंट-स्टाइल डायपर, बच्चों के
टेप-स्टाइल डायपर, बड़ों
के पैंट-स्टाइल डायपर, बड़ों
के टेप-स्टाइल डायपर, सैनिटरी
नैपकिन और पैंटी लाइनर्स शामिल हैं। मूल रूप से, ये अपने ग्राहकों के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर उत्पाद बनाते हैं, ताकि वे ग्राहक
इन्हें अंतिम उपभोक्ताओं को बेच सकें।
कंपनी ने हाइजीन उत्पाद क्षेत्र में अपने कॉर्पोरेट प्रमोटर, ब्रेनबीज़
सॉल्यूशंस और पीरामल फार्मा लिमिटेड तथा हिमालया वेलनेस कंपनी सहित अन्य भारतीय और
बहुराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ लंबे समय से मज़बूत संबंध स्थापित किए हैं। इसके
अलावा, कंपनी
अपने खुद के ब्रांड के तहत भी उत्पाद बनाती है और उन्हें सीधे अंतिम उपभोक्ताओं को
बेचती है। इसमें कडल्स ब्रांड के तहत बच्चों के डायपर और शील्ड ब्रांड के तहत
बड़ों के डायपर शामिल हैं,
जिन्हें ऑनलाइन ई-कॉमर्स और आधुनिक व्यापार चैनलों के माध्यम से बेचा जाता है।
कंपनी ने 22 दिसंबर, 2025 को महिलाओं की
स्वच्छता से जुड़े उत्पाद बनाने वाली कंपनी के.ए. एंटरप्राइजेस हाइजीन प्राइवेट
लिमिटेड (केएईएचपीएल) का अधिग्रहण किया।
डीआरएचपी के अनुसार,
वित्तीय वर्ष 2025 में
मूल्य के आधार पर कंपनी भारत की सबसे बड़ी हाइजीन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर है।
यह बच्चों के डायपर, बड़ों
के डायपर और सैनिटरी नैपकिन बनाती है। बच्चों के डायपर के कॉन्ट्रैक्ट
मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी यह कंपनी सबसे आगे है, जहाँ वित्तीय
वर्ष 2025 में
मूल्य के आधार पर इसकी बाजार हिस्सेदारी 37% थी और
वित्तीय वर्ष 2026 में
इसने साल-दर-साल 21.9% की
शानदार बढ़त दर्ज की है। इसके साथ ही,
कंपनी बड़ों के डायपर के सबसे बड़े कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में
भी सबसे आगे है। इस क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान इसकी अनुमानित बाज़ार हिस्सेदारी 36% थी और वित्तीय
वर्ष 2026 में
इसने साल-दर-साल 24.9% की
वृद्धि हासिल की है।
कंपनी मध्य प्रदेश के पीथमपुर और इंदौर में 24 एकड़ में फैली अपनी चार फैक्ट्रियों को चलाती है, साथ ही उनके
गोदाम पूरे देशभर में बने हुए हैं। साल 2018
से अब तक कंपनी ने बड़ा विस्तार किया है। शुरूआत में जहाँ इनके पास सिर्फ एक
मैन्युफैक्चरिंग लाइन थी,
वहीं आज इनकी संख्या बढ़कर 20
हो चुकी है। इन 20 लाइनों
में से 12 लाइनें
बच्चों के डायपर बनाने के लिए,
चार लाइनें बड़ों के डायपर और पीरियड पैंट्रीज़ के लिए, तथा चार लाइनें
सैनिटरी नैपकिन और पैंटी लाइनर्स तैयार करने के लिए इस्तेमाल होती हैं। उत्पादन
क्षमता की बात करें तो कंपनी हर साल लगभग 266
करोड़ बच्चों के डायपर,
25.3 करोड़ बड़ों के डायपर व पीरियड पैंट्रीज़ और 75.6 करोड़ सैनिटरी
नैपकिन व पैंटी लाइनर्स बना सकती है। कंपनी के पास अपनी खुद की एक रिसर्च टीम भी
है, जिसमें
13 विशेषज्ञ
काम कर रहे हैं। इस टीम का पूरा ध्यान नए और बेहतर उत्पाद बनाने के साथ-साथ
पर्यावरण को सुरक्षित रखने पर है। इसी प्रयास के तहत उन्होंने पौधों से बनने वाले
"ट्री फ्री" यानी पेड़-मुक्त डायपर और बेहद पतले सैनिटरी नैपकिन तैयार
किए हैं। कंपनी ने इस खास "ट्री फ्री" डायपर के अधिकार सुरक्षित करने के
लिए पेटेंट का आवेदन भी किया हुआ है,
जिसकी जाँच अभी चल रही है।
वित्तीय वर्ष 2026 में
कंपनी का परिचालन रेवेन्यू बढ़कर ₹1163.9
करोड़ हो गया, जो
वित्तीय वर्ष 2025 में ₹942.97 करोड़ और
वित्तीय वर्ष 2024 में ₹749.96 करोड़ था।
वार्षिक मुनाफा वित्तीय वर्ष 2026
में ₹95.58 करोड़
रहा, जबकि
वित्तीय वर्ष 2025 में यह
₹80.67 करोड़
और वित्तीय वर्ष 2024 में ₹93.97 करोड़ दर्ज
किया गया था। इसी तरह, कंपनी
का ईबीआईटीडीए वित्तीय वर्ष 2026
में ₹192.77 करोड़
रहा, जो
वित्तीय वर्ष 2025 के ₹162.719 करोड़ और
वित्तीय वर्ष 2024 के ₹153.58 करोड़ के
मुकाबले अधिक है। उत्पादों की बिक्री के मामले में, वित्तीय वर्ष 2026
के दौरान बच्चों के डायपर ने ₹911.81
करोड़ के साथ सबसे बड़ा योगदान दिया,
जो कुल बिक्री का 79.06% है।
इसके बाद बड़ों के एडल्ट इनकॉन्टिनेंस डायपर्स से ₹185.35 करोड़ की कमाई हुई,
जो कुल बिक्री का 16.07%
दर्शाती है। वहीं महिलाओं के फेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स का योगदान ₹31.35 करोड़ यानी 2.72% रहा। कुल
मिलाकर, इन
तीनों मुख्य उत्पाद श्रेणियों ने ₹1128.52
करोड़ का व्यापार किया,
जो कुल उत्पाद बिक्री का 97.85% है।
ब्रांड के स्तर पर बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026 में 'कडल्स' ब्रांड के
उत्पादों की बिक्री से ₹204.184
करोड़ का रेवेन्यू प्राप्त हुआ,
जो कंपनी के बेबी डायपर्स से होने वाले कुल रेवेन्यू का 22.39% था। वहीं 'शील्ड्स' ब्रांड के
उत्पादों की बिक्री से ₹38.45
करोड़ की कमाई हुई,
जो बड़ों के डायपर से होने वाले कुल रेवेन्यू का 20.74% दर्शाती है।
टीकेसी रिपोर्ट के अनुसार,
वित्तीय वर्ष 2025 में
भारत के हाइजीन बाज़ार पर बच्चों के डायपर और महिलाओं के फेमिनिन हाइजीन
प्रोडक्ट्स का दबदबा रहा,
जिनकी हिस्सेदारी क्रमशः 52.1% और 40.1% थी। बड़ों के
एडल्ट इनकॉन्टिनेंस प्रोडक्ट्स का योगदान 6.3% रहा, जबकि वेट
वाइप्स की हिस्सेदारी 1.5% दर्ज
की गई। लंबे समय तक चलने वाले कंजम्पशन ट्रेंड्स के दम पर, मुख्य उत्पाद
श्रेणियों में पूरे हाइजीन बाज़ार के 12.7% की
सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है। स्वरा बेबी का पुराना रिकॉर्ड, इस क्षेत्र का
गहरा अनुभव और मज़बूत बाज़ार स्थिति,
उनकी एकीकृत फैक्ट्रियों के साथ मिलकर,
उन्हें भारत में डिस्पोजेबल हाइजीन उद्योग के इस विकास का पूरा लाभ उठाने के
लिए पूरी तरह तैयार करते हैं।
इस आईपीओ के मुख्य बैंकर्स जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड और एवेंडस कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड हैं।