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सात्विक ग्रीन एनर्जी ने आरईआई एक्सपो 2026 में उच्च दक्षता वाला क्वाड-कट TOPCon 3.0 ड्यूल ग्लास बाइफेशियल मॉड्यूल लॉन्च कर अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत किया

सात्विक ग्रीन एनर्जी ने आरईआई एक्सपो 2026 में उच्च दक्षता वाला क्वाड-कट TOPCon 3.0 ड्यूल ग्लास बाइफेशियल मॉड्यूल लॉन्च कर अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत किया

·       उन्नत N-Type TOPCon 3.0 सेल तकनीक और बाइफेशियल डबल-ग्लास संरचना से लैस नया मॉड्यूल; बाइफेशियल रेटिंग परिस्थितियों में 745 W तक का आउटपुट।

·       Munich RE के बीमा समर्थन के साथ 30 वर्ष की लीनियर पावर वारंटी और केवल 0.35% वार्षिक डीग्रेडेशन।

·       यह लॉन्च भारत के यूटिलिटी-स्केल और कमर्शियल सोलर बाजार के लिए अगली पीढ़ी के उच्च-वाटेज सोलर मॉड्यूल विकसित करने की दिशा में Saatvik का महत्वपूर्ण कदम है।

 

नई दिल्ली: अगली पीढ़ी की सोलर तकनीक पर अपना ध्यान मजबूत करते हुए, भारत की अग्रणी एकीकृत सोलर विनिर्माण कंपनियों में से एक, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने आज ग्रेटर नोएडा में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया (REI) एक्सपो 2026 में अपना क्वाड-कट TOPCon 3.0 डुअल ग्लास बाइफेशियल सोलर PV मॉड्यूल लॉन्च किया।

 

इस मॉड्यूल का उद्घाटन नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) के महानिदेशक श्री मोहम्मद रिहान ने किया। इस अवसर पर सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर श्री नीलेश गर्ग, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री माणिक गर्ग, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री प्रशांत माथुर और मुख्य राजस्व अधिकारी श्री पुष्पेंद्र समाधिया उपस्थित थे।

 

नया मॉड्यूल 670 Wp तक का पावर आउटपुट और 24.8% तक की अधिकतम मॉड्यूल दक्षता प्रदान करता है। यह N-Type TOPCon 3.0 सेल आर्किटेक्चर और बाइफेशियल डबल-ग्लास संरचना पर आधारित है। बाइफेशियल गेन के साथ, मानक बाइफेशियल रेटिंग परिस्थितियों (BNPI) में इसका आउटपुट 745 W तक पहुंच सकता है। यह लॉन्च कंपनी की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलों में से एक है और अगली पीढ़ी के सोलर विनिर्माण के प्रति Saatvik की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है, जब भारत का सोलर बाजार तेजी से अधिक वाटेज और अधिक दक्षता वाले मॉड्यूल की ओर बढ़ रहा है।

 

लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री प्रशांत माथुर ने कहा “भारत का सोलर क्षेत्र जैसे-जैसे विस्तार कर रहा है, वैसे-वैसे अधिक दक्षता वाले मॉड्यूल पर ध्यान बढ़ रहा है, जो परियोजनाओं की लागत और आर्थिक व्यवहार्यता को बेहतर बनाने के साथ-साथ लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन प्रदान कर सकें। हमारा क्वाड-कट TOPCon 3.0 डुअल ग्लास बाइफेशियल मॉड्यूल ऐसे उत्पादों के माध्यम से सोलर तकनीक को आगे बढ़ाने की सात्विक की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो अधिक पावर आउटपुट, अनुकूलित सिस्टम लागत और दीर्घकालिक प्रदर्शन का भरोसा प्रदान करते हैं।

 

उन्नत N-Type TOPCon 3.0 तकनीक और मजबूत वारंटी संरचना से लैस यह मॉड्यूल भारत के यूटिलिटी-स्केल और कमर्शियल सोलर बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। यह लॉन्च हमारी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और भारत की सोलर विनिर्माण यात्रा के अगले चरण में योगदान देने की दिशा में एक और कदम है।”

 

इस मॉड्यूल में Quad-Cut (Quarter-Cut) सेल डिजाइन का उपयोग किया गया है, जिसमें 6 × 44 के कॉन्फिगरेशन में कुल 264 सेल शामिल हैं। यह डिजाइन प्रत्येक सेल में करंट लॉस को कम करता है, जिससे रेजिस्टिव लॉस घटाने, हॉट-स्पॉट के जोखिम को कम करने और मॉड्यूल की उम्र बढ़ाने में मदद मिलती है।

 

670 Wp तक के आउटपुट के साथ, यह मॉड्यूल डेवलपर्स को कम मॉड्यूल का उपयोग करके अधिक क्षमता स्थापित करने में सक्षम बनाता है। इससे प्रति मेगावाट माउंटिंग स्ट्रक्चर, केबलिंग, भूमि उपयोग और इंस्टॉलेशन से जुड़ी बैलेंस-ऑफ-सिस्टम (BoS) लागत को कम करने में मदद मिलती है।

-26%/°C के बजाय -0.26%/°C का Pmax तापमान गुणांक यह सुनिश्चित करता है कि अधिक तापमान पर भी मॉड्यूल अपने निर्धारित पावर आउटपुट का अधिक हिस्सा बनाए रख सके। यह विशेषता भारत की जलवायु और मैदानी परिस्थितियों में विशेष लाभ प्रदान करती है।

 

इस मॉड्यूल पर 12 वर्ष की उत्पाद वारंटी और 30 वर्ष की लीनियर पावर वारंटी दी गई है। पहले वर्ष में डीग्रेडेशन केवल 1% और उसके बाद प्रत्येक वर्ष 0.35% है। 30 वर्ष के अंत में भी मॉड्यूल के कम से कम 88.85% निर्धारित पावर आउटपुट देने की वारंटी है। इस वारंटी को Munich RE का बीमा समर्थन प्राप्त है। मॉड्यूल का विनिर्माण ISO 9001, ISO 14001, ISO 45001 और SA 8000 प्रबंधन प्रणालियों के अंतर्गत किया जाता है।

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