सीहोर :
गणित विभाग, स्कूल ऑफ एडवांस्ड साइंसेज एंड लैंग्वेजेज (SASL), VIT Bhopal University द्वारा
“Numerical & Optimization
Techniques for Machine Learning in Real-World Applications” विषय पर
11 से 13
फरवरी 2026
तक एक तीन दिवसीय
अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला
का सफल आयोजन ऑनलाइन माध्यम से किया
गया। इस कार्यशाला को मध्य प्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (MPCST), भोपाल
द्वारा तकनीकी प्रायोजन प्राप्त था।
इस
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य
गणितीय मूल सिद्धांतों तथा उनके मशीन लर्निंग (ML) एवं आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस (AI) में व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच सेतु स्थापित करना था।
इसमें भारत एवं यूरोप के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए प्रख्यात शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता की, जिससे एक समृद्ध
अंतर-विषयक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण हुआ।
उद्घाटन
सत्र का आयोजन
11 फरवरी 2026 को किया गया,
जिसमें विश्वविद्यालय के गणमान्य
अधिकारी, शिक्षकगण एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात डॉ. हेमंत कुमार
नाशिने (डीन, SASL) द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। कार्यशाला का परिचय डॉ. अनंत कांत शुक्ला (संयोजक) द्वारा प्रस्तुत किया
गया तथा डॉ. नेहा चौबे (संयोजक) द्वारा औपचारिक धन्यवाद
ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर
MPCST, भोपाल
को तकनीकी सहयोग हेतु तथा विश्वविद्यालय
प्रबंधन को संस्थागत समर्थन हेतु विशेष आभार व्यक्त किया गया।
तीन
दिवसीय कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यानों में अनेक उन्नत एवं समकालीन
विषयों पर चर्चा की गई,
जिनमें प्रमुख रूप से — लार्ज लैंग्वेज
मॉडल्स का सांख्यिकीय आधार,
फज़ी लॉजिक एवं नॉन-लिनियर समीकरण, कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस, मशीन
लर्निंग में स्पेक्ट्रल एवं न्यूमेरिकल विधियाँ, डायनामिकल
सिस्टम्स, केओस एवं बाइफर्केशन, मजबूत
मशीन लर्निंग हेतु मोबियस ट्रांसफॉर्म, गेम
थ्योरी के अनुप्रयोग,
जैविक प्रणालियों में गणितीय मॉडलिंग, एआई का विकसित परिदृश्य तथा सुरक्षा आश्वासन ढाँचे शामिल रहे।
IIT
रूड़की, IIT दिल्ली, चेन्नई मैथमेटिकल इंस्टिट्यूट, साउथ
एशियन यूनिवर्सिटी,
ABV-IIITM ग्वालियर, स्वीडन के RISE
रिसर्च इंस्टीट्यूट्स सहित अनेक प्रतिष्ठित
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत
किए, जिससे शैक्षणिक विमर्श को अत्यधिक समृद्धि प्राप्त हुई।
कार्यशाला
का समापन समापन सत्र,
प्रमाण-पत्र वितरण, तथा प्रतिभागी प्रतिक्रिया के साथ हुआ। शिक्षण
उद्देश्यों को सुदृढ़ करने हेतु
अंतिम मूल्यांकन एवं क्विज़ का भी आयोजन किया
गया। प्रतिभागियों ने सत्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता एवं गहराई की भूरी-भूरी प्रशंसा
की तथा भविष्य में इस प्रकार की और कार्यशालाओं के आयोजन की प्रबल इच्छा व्यक्त
की।
यह
कार्यशाला एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि के रूप में स्थापित
हुई, जिसने
अंतर-विषयक सहयोग को सुदृढ़ किया तथा अनुसंधान, नवाचार एवं उन्नत वैज्ञानिक शिक्षा के प्रति वीआईटी
भोपाल विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।