ग्रेटर नोएडा: बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी
(बिमटेक),में बुधवार को एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत हुई। इस मौके पर 400 से ज्यादा
स्टूडेंट्स और शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को एआई की विभिन्न तकनीकों
की जानकारी दी गई और उन्हें इनका इस्तेमाल करते हुए अपने विचारों पर काम करने का अवसर
मिला।
कार्यक्रम की थीम ‘लर्न. बिल्ड. डिप्लॉय.
इनोवेट.’ रही। इस दौरान स्टूडेंट्स को एआई की बुनियादी जानकारी के साथ जनरेटिव एआई,
गूगल एआई स्टूडियो, गूगल एंटीग्रैविटी और गूगल क्लाउड जैसी तकनीकों से परिचित कराया
गया। स्टूडेंट्स ने इन तकनीकों को खुद आजमाते हुए अपने विचारों पर काम किया और उन्हें
प्रोजेक्ट्स के रूप में तैयार किया।
कार्यक्रम में डन्हम्बी के ग्लोबल प्रोडक्ट
डायरेक्टर नीरज गेहानी, एमएससीआई इंक. के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वरुण गोविल और वैल्यूफर्स्ट
(तनला कंपनी ) के कंसल्टेंट डॉ. सौमेंद्र मोहंती भी शामिल हुए। उन्होंने स्टूडेंट्स
के साथ नई तकनीकों और उनके इस्तेमाल से जुड़े अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स ने मेडटेक,
फिनटेक, एडटेक और ओपन इनोवेशन से जुड़े अलग-अलग विषयों पर काम किया। उन्होंने संबंधित
समस्याओं को समझने के बाद टीमों में मिलकर एआई की मदद से उनके संभावित समाधान तैयार
किए। इस दौरान स्टूडेंट्स ने यह भी समझा कि किसी समस्या को पहचानने से लेकर उसके समाधान
के लिए एक विचार को प्रोजेक्ट के रूप में कैसे विकसित किया जा सकता है।
इस मौके पर डॉ. प्रबीना राजिब , डायरेक्टर,
बिमटेक ने बताया “किसी भी नए काम की शुरुआत एक विचार से होती है। लेकिन असली काम तब
शुरू होता है जब उस विचार को परखा जाए, उस पर काम किया जाए और उसे किसी वास्तविक समस्या
के समाधान में बदला जाए। एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बिमटेक में टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकल
लर्निंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि स्टूडेंट्स
तेजी से बदलती एआई की दुनिया में नई चीजें सीखने, बनाने और नए प्रयोग करने के लिए तैयार
हों।”
स्टूडेंट्स ने इस दौरान एआई की मदद से
ऐप, ऑटोमेशन टूल और अलग-अलग प्रोजेक्ट तैयार किए। इनमें शेयर और म्यूचुअल फंड से जुड़े
समाधान के साथ-साथ हेल्थ और पर्सनल केयर से जुड़े प्रोजेक्ट भी शामिल रहे। इन प्रोजेक्ट्स
के जरिए स्टूडेंट्स ने एआई के प्रैक्टिकल यूज़ को समझते हुए अलग-अलग समस्याओं के समाधान
पर काम किया।
कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने एआई की मदद
से तैयार किए गए अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन नए आइडिया,
उपयोगिता, टेक्नोलॉजी और समस्या के समाधान के आधार पर किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने
वाली टीमों को कैश प्राइज दिए गए। फर्स्ट प्राइज कार्तिक सक्सेना, कृतिका डिगारी, कुमारी
शाची एवं भावना मित्तल की टीम को, सेकंड प्राइज भाव्या रावत को और थर्ड प्राइज साक्षी
जायसवाल, रुचि यादव, रिशिता अग्रवाल, सुरभि सिंह एवं रंजन कुमार सिंह की टीम को मिला।
इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शामिल सभी स्टूडेंट्स
को सर्टिफिकेट दिए गए।
बिमटेक में शुरू हुए एआई सेंटर के तहत
वर्कशॉप, हैकाथॉन, रिसर्च और स्टूडेंट प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा। इसके जरिए स्टूडेंट्स
को पढ़ाई के साथ एआई और दूसरी नई तकनीकों को समझने और उन पर काम करने का मौका मिलेगा।