Bhoot Bangla के साथ Akshay Kumar एक बार फिर हॉरर-कॉमेडी जॉनर में लौटे हैं। यह वही जॉनर है जिसमें उन्होंने पहले भी दर्शकों को खूब एंटरटेन किया है। हालांकि इस बार फिल्म में मज़ेदार पल जरूर हैं, लेकिन यह पूरी तरह से उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती।
कहानी: पुराना फॉर्मूला, नई पैकेजिंग
फिल्म की कहानी एक पुराने और डरावने बंगले के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां अजीब और रहस्यमयी घटनाएं होती हैं। अक्षय कुमार का किरदार इस पूरे मामले में फंस जाता है, और इसके बाद शुरू होता है हॉरर और कॉमेडी का सिलसिला।
कहानी शुरुआत में दिलचस्प लगती है, लेकिन जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, यह काफी हद तक प्रेडिक्टेबल हो जाती है। ट्विस्ट्स का अंदाजा पहले ही लग जाता है, जिससे रोमांच थोड़ा कम हो जाता है।
परफॉर्मेंस: अक्षय कुमार ही फिल्म की जान
अक्षय कुमार अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन्स से फिल्म को संभालते हैं। उनके सीन ही फिल्म को आगे बढ़ाते हैं और दर्शकों को बांधे रखते हैं।
हालांकि सपोर्टिंग कास्ट उतना असर नहीं छोड़ पाती। कई किरदार अधूरे लगते हैं और उनके पास ज्यादा डेप्थ नहीं है।
डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले: अच्छी शुरुआत, कमजोर अंत
फिल्म की शुरुआत काफी मजबूत है और पहले हाफ में हॉरर और कॉमेडी का अच्छा बैलेंस देखने को मिलता है। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म की पकड़ ढीली पड़ जाती है।
स्क्रीनप्ले कहीं-कहीं रिपीटेटिव लगता है और कुछ जोक्स बार-बार दोहराए जाते हैं। डर का एलिमेंट भी उतना मजबूत नहीं है, जिससे फिल्म पूरी तरह हॉरर फील नहीं दे पाती।
म्यूजिक और विजुअल्स
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक ठीक-ठाक है और डर का माहौल बनाने की कोशिश करता है। बंगले का सेट और लोकेशन फिल्म को एक अच्छा विजुअल टच देते हैं।
हालांकि VFX और हॉरर इफेक्ट्स बहुत खास नहीं हैं और इसमें कुछ नया देखने को नहीं मिलता।
क्या अच्छा है और क्या नहीं
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अक्षय कुमार की परफॉर्मेंस और कुछ मजेदार सीन हैं। यह एक हल्की-फुल्की एंटरटेनर फिल्म है जिसे बिना ज्यादा उम्मीद के देखा जा सकता है।
वहीं कमजोर कहानी, प्रेडिक्टेबल प्लॉट और कमजोर हॉरर एलिमेंट्स इसे एक यादगार फिल्म बनने से रोकते हैं।
फाइनल वर्डिक्ट
भूत बंगला एक ठीक-ठाक वन-टाइम वॉच फिल्म है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्षय कुमार और हॉरर-कॉमेडी फिल्मों को पसंद करते हैं।
सरल शब्दों में, फिल्म में आइडिया अच्छा है लेकिन उसे पूरी तरह से असरदार तरीके से पेश नहीं किया गया।
रेटिंग: 2.5/5