वरिष्ठ भारतीय लेखिका और कॉलमिस्ट Shobhaa De ने हाल ही में बॉलीवुड फिल्म Dhurandhar को लेकर बनी जबरदस्त चर्चा और सोशल मीडिया पर चल रही बहस पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के आसपास जो माहौल बनाया गया है, उस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
फिल्म की तारीफ, लेकिन हाइप पर सवाल
Dhurandhar, जिसका निर्देशन Aditya Dhar ने किया है और जिसमें Ranveer Singh तथा Akshaye Khanna जैसे कलाकार नजर आए हैं, साल 2025–2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई की है।
फिल्म की सफलता के बाद कई प्रशंसकों और फिल्म समीक्षकों ने अक्षय खन्ना के अभिनय की खूब तारीफ की। खासकर उनका एक डांस सीन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद उनकी चर्चा और भी बढ़ गई।
हालांकि, शोभा डे का मानना है कि इस तारीफ को जिस तरह से पेश किया गया, वह उन्हें “मैनीपुलेटिव” यानी बनावटी लगा। उनके अनुसार, यह कहना कि अक्षय खन्ना अचानक सबसे बड़े स्टार बन गए हैं या फिल्म की सफलता सिर्फ उन्हीं की वजह से है, एक बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई कहानी है। उनका कहना है कि ऐसा नैरेटिव असली विश्लेषण से ज्यादा चर्चा और प्रचार के लिए तैयार किया गया लगता है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी एक सीन, जैसे एक डांस सीक्वेंस, पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने से पूरे प्रदर्शन की सही तस्वीर सामने नहीं आती।
ऋतिक रोशन की टिप्पणी और राजनीति
इस पूरे मामले में Hrithik Roshan की टिप्पणी भी चर्चा का हिस्सा बनी। ऋतिक रोशन ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें फिल्म एक सिनेमा के रूप में पसंद आई, लेकिन वे इसके राजनीतिक स्वर से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।
शोभा डे ने इस पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि किसी ने ऋतिक से सीधे तौर पर यह नहीं पूछा था कि वे फिल्म के राजनीतिक संदेश से सहमत हैं या नहीं। फिर भी उनकी राय को विवाद का हिस्सा बना दिया गया। उनके मुताबिक, इसे उनकी व्यक्तिगत राय के तौर पर देखने के बजाय अनावश्यक बहस का विषय बना दिया गया।
संतुलित लेकिन आलोचनात्मक नजरिया
हालांकि शोभा डे ने हाइप और बहस पर सवाल उठाए, लेकिन उन्होंने फिल्म को खारिज नहीं किया। उन्होंने माना कि यह एक बड़ी फिल्म है और बहुत से लोग इसे पसंद कर रहे हैं। उनकी असली चिंता इस बात को लेकर है कि फिल्म के आसपास जो चर्चा बनती है, वह किस तरह प्रचार, सोशल मीडिया ट्रेंड और सेलिब्रिटी टिप्पणियों से प्रभावित होती है।
उनकी टिप्पणियों ने इस बात पर नई बहस छेड़ दी है कि मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों को किस तरह प्रस्तुत किया जाता है, किस तरह तारीफ या आलोचना को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है, और किस तरह सितारों की राय को कभी सही तो कभी गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है।