नई दिल्ली : शंघाई में होने वाली आगामी वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए भारत अपनी
तैयारियाँ तेज़ कर रहा है, इसी क्रम में, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई)
ने आज ऑस्ट्रेलिया में होने वाले ग्लोबल स्किल्स चैलेंज (जीएससी) 2026 के लिए
टीम इंडिया को रवाना किया। 30 सदस्यों वाले इस भारतीय दल में 15 प्रतियोगी
और 15 एक्सपर्ट्स शामिल हैं, जो 23 से 29 जून 2026 तक आयोजित होने
वाले अंतर्राष्ट्रीय स्किल्स सिमुलेशन इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
वर्ल्डस्किल्स ऑस्ट्रेलिया
द्वारा आयोजित ग्लोबल स्किल्स चैलेंज, वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता का एक बड़े स्तर का
अंतरराष्ट्रीय सिमुलेशन है और शंघाई, चीन में होने वाली 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता
से पहले तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म का काम करता है। वास्तविक अंतरराष्ट्रीय
प्रतियोगिताओं जैसी परिस्थितियाँ बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया यह कार्यक्रम, भाग
लेने वाले देशों को एक हाई-इंटेंसिटी वाले वैश्विक माहौल में अपने प्रदर्शन को बेंचमार्क
करने, अपनी तैयारियों को परखने और प्रतियोगिता के लिए अपनी तत्परता को बेहतर बनाने
का अवसर देता है।
यह प्रतियोगिता चार
दिनों तक चलने वाले स्किल कॉन्टेस्ट के ज़रिए वर्ल्डस्किल्स जैसा माहौल तैयार करेगी,
जिससे मार्किंग और असेसमेंट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कॉम्पिटिशन
इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) का सपोर्ट मिलेगा। वर्ल्डस्किल्स के सदस्य देशों के
लगभग 600 प्रतियोगियों, एक्सपर्ट, ट्रांसलेटर और अधिकारियों के भाग लेने की उम्मीद
है और इस इवेंट से टीम इंडिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों, इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और
ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस का बहुमूल्य अनुभव मिलेगा।
इस अवसर पर कौशल
विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की सचिव श्रीमती देवश्री मुखर्जी ने कहा,
“ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 ऑस्ट्रेलिया सिर्फ़ एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि टीम
इंडिया के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने, अपने कौशल को निखारने और शंघाई में
होने वाली वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के लिए तैयारी करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
मैं प्रत्येक प्रतियोगी को विशेष रूप से यह कहना चाहती हूँ कि वे अपने एक्सपर्ट्स की
बात ध्यान से सुनें, अपना ध्यान और अनुशासन बनाए रखें और सीखने के हर अवसर का पूरा
फ़ायदा उठाएँ। वे सभी पहले से ही देश के लिए चैंपियन हैं और हमें उनके सफ़र पर बहुत
गर्व है। मैं टीम इंडिया को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देती हूँ कि वे पूरे आत्मविश्वास
के साथ आगे बढ़ें और ग्लोबल स्टेज पर भारत का मान बढ़ाएँ।”
इसके अलावा, राष्ट्रीय
कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सीईओ श्री अरुणकुमार पिल्लई ने कहा,
"हमारे हर उम्मीदवार ने भारत में सर्वश्रेष्ठ में से एक बनने के लिए एक कठिन और
बेहद प्रतिस्पर्धी सफ़र तय करके यहाँ अपनी जगह बनाई है। ऑस्ट्रेलिया में होने वाला
यह ग्लोबल स्किल्स चैलेंज 2026 शंघाई जाने से पहले का आखिरी पड़ाव है, अब और भी ज़्यादा
फ़ोकस, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की ज़रूरत है। मुझे उम्मीद है कि वे हर अनुभव से सीखेंगे,
अपनी ट्रेनिंग पर भरोसा करेंगे और सफलता की कल्पना करेंगे। उस पल को साकार करेंगे जब
वे सितंबर 2026 में एक देश की उम्मीदों को लेकर पोडियम पर खड़े होंगे। हमारे लिए, वे
पहले से ही हीरो हैं। जब वे दुनिया का सामना करने के लिए आगे बढ़ेंगे, तो उन्हें यह
पता होना चाहिए कि पूरा स्किल इंडिया परिवार हमारे हर उम्मीदवार के साथ मजबूती से खड़ा
है और हर कदम पर उनकी सफलता के लिए उनका हौसला बढ़ा रहा है।
इस अवसर पर एमएसडीई
की सीनियर इकोनॉमिक एडवाइज़र श्रीमती मनीषा सेनशर्मा, एमएसडीई की जॉइंट सेक्रेटरी श्रीमती
हेना उस्मान के साथ-साथ एमएसडीई और एनएसडीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
भारत ग्लोबल स्किल्स
चैलेंज 2026 में 15 स्किल कैटेगरी में मुकाबला करेगा जिसमें 3डी डिजिटल गेम आर्ट,
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल टेक्नोलॉजी, ब्यूटी थेरेपी, ब्रिकलेइंग, क्लाउड
कंप्यूटिंग, फ्लोरिस्ट्री, ग्राफिक डिज़ाइन टेक्नोलॉजी, हेयरड्रेसिंग, हेल्थ और सोशल
केयर, इंडस्ट्रियल मैकेनिक्स, पेंटिंग और डेकोरेटिंग, रेस्टोरेंट सर्विस, वॉल और फ्लोर
टाइलिंग, और वेब टेक्नोलॉजीज़ शामिल है। ये क्षेत्र एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग,
डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज़, कंस्ट्रक्शन ट्रेड और सर्विस-सेक्टर स्किल्स
का एक मिला-जुला रूप हैं, जो भारत के स्किलिंग इकोसिस्टम के विस्तार और उसमें आ रही
आधुनिकता को दर्शाते हैं।
इस अनुभव से टेक्निकल
तैयारी मजबूत होने, इंटरनेशनल इवैल्यूएशन सिस्टम से परिचित होने और वैश्विक मंच पर
कदम रखने से पहले वास्तविक प्रतिस्पर्धा की स्थितियों में प्रदर्शन करने का अवसर मिलने
की उम्मीद है।
यह चैलेंज यूरोप,
पूर्वी एशिया, ओशिनिया और अन्य भाग लेने वाले क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों
और एक्सपर्ट्स के साथ जुड़कर बेंचमार्किंग का एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म भी देता है। एडवांस्ड
इक्विपमेंट एनवायरनमेंट, इंडस्ट्री की बदलती उम्मीदों और विविध कॉम्पिटिशन अप्रोच से
भारत की तैयारी और प्रदर्शन क्षमताओं में और मजबूत होने की उम्मीद है।
ग्लोबल स्किल्स चैलेंज
में भारत की भागीदारी स्किल इंडिया मिशन के उस व्यापक विज़न को और मज़बूत करती है, जिसका
उद्देश्य भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स बनाना और ग्लोबल स्किल्स इकोसिस्टम में भारत
की स्थिति को मज़बूत करना है। स्ट्रक्चर्ड ट्रेनिंग, एक्सपर्ट मेंटरिंग और मज़बूत इंडस्ट्री
पार्टनरशिप के ज़रिए, टीम इंडिया विश्व स्तर पर उत्कृष्टता के उच्च मानकों को हासिल
करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।