कम से कम पाँच प्रमुख दिल्ली स्कूलों को 10 दिसंबर 2025, बुधवार की सुबह बम धमकी वाली ईमेल मिली, जिसके बाद पुलिस और स्कूल प्रशासन ने तुरंत छात्रों को बाहर निकाला और पूरे परिसर की सुरक्षा जांच शुरू कर दी। जिन स्कूलों को धमकी मिली, उनमें DPS आर.के. पुरम, मॉडर्न स्कूल, इंडियन स्कूल, संस्कृति स्कूल और Lovely Public School (लक्ष्मी नगर) शामिल हैं।
धमकी भरी ईमेल मिलते ही तुरंत कार्रवाई
पहली सूचना लगभग 10:40 बजे Lovely Public School, लक्ष्मी नगर से मिली। बम निरोधक दस्ते, पुलिस टीमें, फायर सर्विस और डॉग स्क्वॉड तुरंत स्कूलों में पहुंच गए।
छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकालकर स्कूलों को घेर लिया गया और हर हिस्से की जांच शुरू कर दी गई।
धमकी वाली ईमेल 10:04 बजे एक पते wasung@atomicmail.io से भेजी गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि 12:04 बजे विस्फोट हो सकता है। ईमेल में झूठा दावा किया गया कि खालिस्तानी समूहों ने स्कूलों में विस्फोटक लगाए हैं।
पूरी जांच के बाद धमकी को फर्जी घोषित किया गया
बम निरोधक टीमों ने कक्षा-कक्ष, मैदान, गलियारों और स्कूल के हर हिस्से की सावधानी से जांच की।
किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस ने धमकियों को पूरी तरह फर्जी (hoax) घोषित कर दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस तरह की फर्जी धमकियाँ स्कूल समुदाय पर अनावश्यक दबाव डालती हैं और सुरक्षा संसाधनों को भटका देती हैं, लेकिन पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
दिल्ली में फर्जी धमकियों का बढ़ता पैटर्न
यह घटना इस महीने दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर मिली तीसरी बड़ी फर्जी धमकी है।
कुछ दिन पहले, Indian Women’s Press Corps (IWPC) को भी एक धमकी भरी ईमेल मिली थी, जिसमें दावा किया गया था कि परिसर में RDX-IED लगाया गया है। बाद में वह धमकी भी फर्जी निकली।
इसके अलावा, 3 दिसंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज और देशबंधु कॉलेज को भी बम धमकी वाली ईमेल मिली थी। छात्रों को बाहर निकाला गया, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिला।
पुलिस जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने पांचों स्कूलों को भेजी गई ईमेल की जाँच शुरू कर दी है।
टीमें ईमेल हेडर्स, IP जानकारी और डिजिटल सबूतों के जरिए भेजने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएँ नहीं, और बिना पुष्टि किए सोशल मीडिया पर कोई संदेश साझा न करें।
जाँच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार निगरानी में हैं।