सीहोर: रिसर्च और इनोवेशन की अपनी मजबूत
नींव को और आगे बढ़ाते हुए, वीआईटी भोपाल यूनिवर्सिटी ने एक 'मल्टीपर्पज लैंप स्टैंड'
के लिए डिजाइन रजिस्ट्रेशन हासिल किया है। यह एक स्मार्ट मल्टीफंक्शनल प्रोडक्ट है,
जिसे फैकल्टी और छात्रों ने मिलकर तैयार किया है।
फैकल्टी इन्वेंटर डॉ. पुष्पदंत जैन और छात्र रिसर्चर्स—मानस साहू, मेघा गुप्ता,
स्वस्तिक कौरव, प्रफुल्ल बघेल, आदित्य विक्रम सिंह और भानव लेंका—की टीम के नेतृत्व
में हुआ यह इनोवेशन, पारंपरिक डेस्क लैंप को आधुनिक वर्कस्पेस के लिए एक शानदार प्रोडक्टिविटी
सॉल्यूशन के रूप में पेश करता है। छात्रों, कामकाजी प्रोफेशनल्स और रिमोट वर्कर्स की
जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्रोडक्ट में लाइटिंग, ऑर्गनाइजेशन (सामान व्यवस्थित
रखने की सुविधा) और डिजिटल यूटिलिटी को एक ही कॉम्पैक्ट डिवाइस में समेटा गया है।
इस रजिस्टर्ड डिजाइन में एक एडजस्टेबल डेस्क लैंप है, जिसमें स्टेशनरी के लिए
खास तौर पर बने स्टोरेज कम्पार्टमेंट, एक मोबाइल फोन होल्डर और एक मल्टीफंक्शनल बेस
दिया गया है, जिसमें घड़ी और इन-बिल्ट स्पीकर सिस्टम शामिल हैं। रोजमर्रा के कई कामों
को एक ही प्रोडक्ट में जोड़कर, इस इनोवेशन का उद्देश्य काम के माहौल को अधिक कुशल,
व्यवस्थित और यूजर-फ्रेंडली बनाना है।
यह उपलब्धि क्लासरूम की पढ़ाई और रिसर्च को व्यावहारिक व वास्तविक जीवन के समाधानों
में बदलने पर वीआईटी भोपाल के फोकस को दर्शाती है। यूनिवर्सिटी का इनोवेशन इकोसिस्टम
लगातार छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स को ऐसे प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करने के लिए प्रेरित
कर रहा है, जो सिर्फ अकादमिक रिसर्च तक सीमित न रहकर कमर्शियल और सामाजिक क्षमता वाली
तकनीक व प्रोडक्ट्स में तब्दील हो सकें।
इस कामयाबी पर बात करते हुए डॉ. पुष्पदंत जैन ने कहा, "इनोवेशन सबसे ज्यादा
प्रभावशाली तब होता है जब वह रोजमर्रा की चुनौतियों का समाधान करे। यह डिजाइन कई तरह
की सुविधाओं को एक ही प्रोडक्ट में शामिल करके एक स्मार्ट और अधिक व्यवस्थित वर्कस्पेस
बनाने के विचार से तैयार हुआ है। यह रजिस्ट्रेशन पूरी टीम के साझा प्रयासों को मिला
एक उत्साहजनक सम्मान है।"
इस डिजाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को आसान बनाने में यूनिवर्सिटी के 'बौद्धिक
संपदा अधिकार' (IPR) सेल ने अहम भूमिका निभाई है। मेंटरिंग, जागरूकता अभियानों और फाइलिंग
सपोर्ट के जरिए यह सेल वीआईटी भोपाल के बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो को मजबूत कर रहा
है और रिसर्च-ओरिएंटेड इनोवेशन की संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है।
पिछले कुछ सालों में, वीआईटी भोपाल ने पेटेंट, कॉपीराइट और डिजाइन रजिस्ट्रेशन
पर अपना ध्यान लगातार केंद्रित किया है, जिससे एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार हुआ है जहां
नए विचारों को बढ़ावा और सुरक्षा दोनों मिलती है। यह नया डिजाइन रजिस्ट्रेशन यूनिवर्सिटी
की उस प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है जिसके तहत वे भविष्य के ऐसे इनोवेटर्स तैयार
कर रहे हैं जो समाज और उद्योगों की उभरती जरूरतों के हिसाब से समाधान ढूंढ सकें।