भारत के विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) ने देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo को अपने फ्लाइट शेड्यूल में 5 प्रतिशत कटौती करने का निर्देश दिया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि पिछले कई हफ्तों से IndiGo लगातार कैंसिलेशन और देरी की समस्या से जूझ रही है, जिससे यात्रियों को बड़ी दिक्कत हो रही है।
DGCA का आदेश क्या है?
DGCA ने कहा है कि IndiGo को अपनी स्वीकृत फ्लाइट्स में से लगभग 5 प्रतिशत उड़ानें कम करनी होंगी, यानी रोज़ाना लगभग 115 फ्लाइट्स कम चलाई जाएंगी।
यह कटौती मुख्य रूप से हाई-डिमांड और हाई-फ्रीक्वेंसी रूट्स पर प्रभाव डाल सकती है, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि जरूरी कनेक्टिविटी को बचाने की कोशिश की जाएगी।
IndiGo को 10 दिसंबर (बुधवार शाम) तक संशोधित फ्लाइट शेड्यूल जमा करना होगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि वह कम उड़ानों के साथ संचालन कैसे करेगी।
कटौती की वजह क्या है?
यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि IndiGo पिछले कुछ समय से अपने फ्लाइट शेड्यूल को ठीक से चला नहीं पा रही थी।
DGCA ने IndiGo को 15,014 साप्ताहिक उड़ानों की अनुमति दी थी, लेकिन एयरलाइन इतनी उड़ानें चला ही नहीं पाई।
आंकड़ों के अनुसार:
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नवंबर में IndiGo ने लगभग 64,346 स्वीकृत फ्लाइट्स में से केवल 59,438 उड़ानें ही संचालित कीं
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यानी करीब 5,000 उड़ानें कम चल पाईं
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कई सौ उड़ानें अचानक कैंसिल भी हुईं
IndiGo किन समस्याओं से जूझ रही है?
IndiGo ने इस सीजन में अपनी उड़ानें बढ़ाई थीं, लेकिन वह उन्हें संभाल नहीं पाई। मुख्य वजहें थीं:
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नए क्रू रोस्टर और पायलट आराम नियम अपनाने में कठिनाई
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जितने विमान चाहिए थे, उतने उपलब्ध नहीं हो पाए
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तकनीकी और शेड्यूलिंग समस्याएँ
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सर्दियों के मौसम और भारी एयर ट्रैफिक का असर
DGCA का कहना है कि IndiGo ने उड़ानों में पिछले साल की तुलना में लगभग 9.7% वृद्धि तो की, लेकिन वह उतनी क्षमता दिखा नहीं पाई कि इन उड़ानों को समय पर और सुचारू रूप से चला सके।
सरकार और उद्योग की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने पहले ही संकेत दिया था कि यात्रियों की शिकायतों के बाद IndiGo के शेड्यूल में कटौती करनी पड़ सकती है।
DGCA को दिए गए जवाब में IndiGo ने माफी मांगते हुए कहा कि:
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बदलते शीतकालीन शेड्यूल
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तकनीकी दिक्कतें
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मौसम
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और नए क्रू नियम
इन सभी कारणों के चलते फ्लाइट संचालन पर दबाव पड़ा।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
5 प्रतिशत कम उड़ानें चलने से:
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शेड्यूल ज्यादा स्थिर हो सकता है
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लेकिन कुछ रूट्स पर यात्रियों के लिए टिकट पाना मुश्किल हो सकता है
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कुछ फ्लाइट्स की आवृत्ति कम हो सकती है
अधिकारियों ने कहा है कि कोशिश की जाएगी कि जरूरी रूट्स पर फ्लाइट्स में ज्यादा कटौती न हो।
आगे क्या होगा?
DGCA अब IndiGo के नए शेड्यूल को जांचेगा कि क्या एयरलाइन कम उड़ानों के साथ सुरक्षित और समय पर उड़ानें चला सकती है।
अगर IndiGo सुधार नहीं दिखाती है, तो:
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और कटौती
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या अतिरिक्त कदम
भी उठाए जा सकते हैं।
IndiGo की लगातार समस्याओं से यात्रियों में नाराजगी बढ़ी है और अब दबाव है कि एयरलाइन जल्द से जल्द अपने संचालन को स्थिर करे।