दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही IndiGo की एक फ्लाइट के यात्रियों को हाल ही में एक अजीब यात्रा का अनुभव हुआ। फ्लाइट ने सामान्य तरीके से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ घंटों बाद उसे उसी एयरपोर्ट पर वापस लौटना पड़ा।
यह विमान इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रात करीब 12:30 बजे रवाना हुआ था। इसे लगभग 11 घंटे में मैनचेस्टर (यूनाइटेड किंगडम) पहुंचना था। लेकिन फ्लाइट अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी।
उड़ान के बीच में लौटना पड़ा
यह फ्लाइट 6E033 के रूप में संचालित हो रही थी। विमान लगभग सात से आठ घंटे तक हवा में रहा, जिसके बाद पायलटों ने इसे वापस मोड़ने का फैसला किया।
पर्शियन गल्फ के ऊपर से उड़ान भरने के बजाय, विमान पहले ही मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों से बचने के लिए अफ्रीका के ऊपर से लंबा रास्ता ले चुका था। जब विमान एरिट्रिया और इथियोपिया की सीमा के पास पहुंचा, तब उसने यू-टर्न लिया और दिल्ली की ओर वापस मुड़ गया।
जब विमान दोपहर करीब 2:30 बजे फिर से दिल्ली में उतरा, तब तक पूरी यात्रा लगभग 14 घंटे की हो चुकी थी। इस तरह यात्री उसी एयरपोर्ट पर लौट आए, जहां से उन्होंने यात्रा शुरू की थी।
फ्लाइट के लौटने की वजह
IndiGo के अनुसार, फ्लाइट को आखिरी समय में लगाए गए एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण वापस लौटना पड़ा।
ये प्रतिबंध पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और बढ़ते तनाव से जुड़े थे, जिसकी वजह से कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रूट प्रभावित हो रहे हैं। जब कोई देश अचानक अपने एयरस्पेस को बंद या सीमित कर देता है, तो एयरलाइंस उस क्षेत्र से उड़ान जारी नहीं रख सकतीं। ऐसी स्थिति में पायलटों को या तो फ्लाइट को दूसरे एयरपोर्ट पर मोड़ना पड़ता है या फिर उसे वापस शुरुआती एयरपोर्ट पर लाना पड़ता है।
इंडिगो ने कहा कि यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
एयरलाइंस के लिए बढ़ती चुनौती
यह घटना यह भी दिखाती है कि भूराजनीतिक तनाव के समय एयरलाइंस के लिए संचालन कितना मुश्किल हो सकता है।
एशिया और यूरोप के बीच उड़ान भरने वाली कई फ्लाइट्स आमतौर पर मध्य पूर्व के एयर कॉरिडोर से होकर गुजरती हैं। जब इन रास्तों पर प्रतिबंध लग जाते हैं, तो एयरलाइंस को लंबा रास्ता लेना पड़ता है या कुछ फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ती हैं।
इसी वजह से कई एयरलाइंस अब जोखिम वाले क्षेत्रों से बचने के लिए अफ्रीका के ऊपर से उड़ान भर रही हैं। लेकिन हालात तेजी से बदलते हैं और इन रास्तों पर भी अचानक नए प्रतिबंध लग सकते हैं।
एयरलाइन का बयान
इंडिगो ने एक आधिकारिक बयान में इस घटना की पुष्टि की। एयरलाइन ने कहा कि दिल्ली–मैनचेस्टर फ्लाइट को इसलिए वापस लाना पड़ा क्योंकि एयरस्पेस की अनुमति अचानक बदल गई थी।
कंपनी ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में तेजी से बदलती स्थिति के कारण कुछ फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ सकता है या उन्हें लंबा रास्ता लेना पड़ सकता है। इंडिगो ने यह भी बताया कि वह अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षित तरीके से यात्रा को आगे जारी रखने के विकल्प तलाश रही है।
एक लंबी यात्रा जो कहीं नहीं पहुंची
फ्लाइट में मौजूद यात्रियों के लिए यह यात्रा काफी थकाने वाली रही। उन्होंने लगभग आधा दिन हवा में बिताया, लेकिन आखिर में उसी एयरपोर्ट पर वापस आ गए जहां से उन्होंने उड़ान भरी थी। यह घटना दिखाती है कि दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाला संघर्ष अंतरराष्ट्रीय यात्रा को कितनी तेजी से प्रभावित कर सकता है, भले ही फ्लाइट उस क्षेत्र से हजारों किलोमीटर दूर क्यों न हो।