प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने के मौके पर एक साल लंबा उत्सव शुरू किया है। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी किया।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत की शान और आज़ादी का प्रतीक है। यह मां भारती को समर्पित एक प्रार्थना है, जो हर भारतीय को गर्व और शक्ति का अहसास कराती है।
‘वंदे मातरम्’ की रचना बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी और बाद में यह उनकी प्रसिद्ध पुस्तक आनंदमठ का हिस्सा बना। आज़ादी की लड़ाई के समय यह गीत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना था।
सरकार ने इस अवसर पर पूरे साल कई कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:
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सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत प्रस्तुतियाँ जिनमें देशभक्ति गीत गाए जाएंगे।
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प्रदर्शनियाँ, जिनमें ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम की झलक दिखाई जाएगी।
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स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगिताएँ ताकि युवा पीढ़ी को इस गीत का महत्व बताया जा सके।
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सेमिनार और चर्चाएँ, जिनमें इसके संदेश और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता पर बात होगी।
पीएम मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारतीयों के दिलों को जोड़ने वाला गीत है, जो हमें एकता, साहस और देशभक्ति की भावना याद दिलाता है।
यह उत्सव नवंबर 2026 तक चलेगा और इसके समापन पर एक विशेष कार्यक्रम में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया जाएगा।