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वेदांता चेयरमैन, अनिल अग्रवाल ने माननीय पीएम के 300 MT स्टील लक्ष्य का किया समर्थन, बोले- कहा आयरन ओर में आत्मनिर्भरता जरूरी

वेदांता चेयरमैन, अनिल अग्रवाल ने माननीय पीएम के 300 MT स्टील लक्ष्य का किया समर्थन, बोले- कहा आयरन ओर में आत्मनिर्भरता जरूरी

नई दिल्ली- वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने प्रधानमंत्री के 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन के लक्ष्य का समर्थन करते हुए देश को आयरन ओर के मामले में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए  भारत को बड़े स्तर पर आयरन ओर उत्पादन बढ़ाना होगा।

सोशल मीडिया पर साझा अपने विचारों में अग्रवाल ने बताया कि 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन के लिए करीब 800 मिलियन टन आयरन ओर की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने चिंता जताई कि मौजूदा उत्पादन के आधार पर देश को अपनी जरूरत का लगभग 75 प्रतिशत आयरन ओर आयात करना पड़ सकता है।

अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर Vale, BHP, Rio Tinto और Fortescue जैसी कुछ ही कंपनियां दुनिया के 70-80 प्रतिशत आयरन ओर का उत्पादन करती हैं। ऐसे में भारत को भी 3-4 ऐसी बड़ी कंपनियां तैयार करनी होंगी, जो हर साल 200-300 मिलियन टन आयरन ओर का उत्पादन कर सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए बुनियादी ढांचे में 20-25 अरब डॉलर या उससे अधिक का निवेश जरूरी होगा। अग्रवाल के अनुसार, भारत की भूगर्भीय स्थिति और अयस्क की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की कंपनियों के बराबर या उनसे बेहतर है।

अग्रवाल ने वैश्विक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा कि खनिज और हाइड्रोकार्बन उत्पादन को आसान बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अमेरिका में तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए स्व-प्रमाणन आधारित मंजूरी प्रणाली का उदाहरण भी दिया।

उन्होंने कहा कि भूमिगत संसाधनों के विकास के लिए बड़े विजन की जरूरत होती है, जैसा कि प्रधानमंत्री के लक्ष्य में दिखता है। साथ ही, इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की भी संभावनाएं हैं, जिससे लोगों की आय और जीवन स्तर में सुधार होता है।

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