हरियाणा सरकार डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज को अधिक आधुनिक, तेज और प्रभावी बनाना है।
सरकार ने सभी विभागों, विश्वविद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों से कहा है कि वे कर्मचारियों को karmayogi iGOT प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध AI कोर्स में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
क्या है iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म
iGOT Karmayogi एक डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसे मिशन कर्मयोगी के तहत शुरू किया गया है। इसका मकसद देशभर के सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग देना है।
इस प्लेटफॉर्म पर:
- फ्री और सर्टिफाइड कोर्स मिलते हैं
- कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार सीख सकते हैं
- गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी और पब्लिक सर्विस से जुड़े विषय शामिल हैं
यह प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को बिना काम पर असर डाले अपनी स्किल्स सुधारने में मदद करता है।
AI स्किलिंग पर खास फोकस
हरियाणा सरकार अब AI ट्रेनिंग पर खास ध्यान दे रही है। अधिकारियों को कहा गया है कि वे AI से जुड़े कोर्स में ज्यादा से ज्यादा भाग लें।
इन कोर्स में शामिल हैं:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेसिक जानकारी
- जनरेटिव AI टूल्स
- गवर्नेंस में AI का उपयोग
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
इसका उद्देश्य कर्मचारियों को यह समझाना है कि AI के जरिए सरकारी सेवाओं को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
कौन कर रहा है सपोर्ट
इस पहल को हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (HIPA) का समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म पर कोर्स देने वाले प्रमुख संस्थान हैं:
- कर्मयोगी भारत
- नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (MeitY)
- माइक्रोसॉफ्ट
- वाधवानी फाउंडेशन
इससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारियों को अच्छी और आधुनिक ट्रेनिंग मिले।
यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है
यह कदम एक टेक्नोलॉजी-आधारित और आधुनिक प्रशासन बनाने की दिशा में उठाया गया है। AI स्किलिंग से सरकार को कई फायदे मिल सकते हैं:
- डेटा के आधार पर बेहतर फैसले लेना
- सरकारी सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाना
- डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देना
- नागरिकों को बेहतर सेवाएं देना
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI गवर्नेंस का एक अहम हिस्सा बन जाएगा।
कर्मचारियों को क्या फायदा होगा
सरकारी कर्मचारी iGOT Karmayogi प्लेटफॉर्म पर जाकर अपनी जरूरत के अनुसार कोर्स चुन सकते हैं। यह प्लेटफॉर्म फ्लेक्सिबल है, जिससे वे अपने काम के साथ-साथ नई स्किल्स सीख सकते हैं।
इससे उनके करियर ग्रोथ में भी मदद मिलेगी, क्योंकि आज के समय में डिजिटल और AI स्किल्स बहुत जरूरी हो गई हैं।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार का karmayogi iGOT प्लेटफॉर्म के जरिए AI ट्रेनिंग पर जोर देना यह दिखाता है कि देश तेजी से डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ रहा है।
अगर इस पहल को सही तरीके से लागू किया जाता है, तो यह न सिर्फ सरकारी कामकाज को बेहतर बनाएगा बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।