भारत में बने iPhone ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत-निर्मित iPhone का निर्यात 50 अरब डॉलर (लगभग ₹4.15 लाख करोड़) को पार कर गया है। यह सफलता सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत मिली है, जिसका मकसद देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
Apple और उसके पार्टनर्स की बड़ी भूमिका
Apple ने अपने मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स Foxconn और Tata Group के जरिए भारत में iPhone का उत्पादन तेजी से बढ़ाया है। वित्त वर्ष 2022 में PLI योजना में शामिल होने के बाद से Apple का निर्यात लगातार बढ़ता गया है। आज iPhone भारत के सबसे बड़े निर्यात उत्पादों में शामिल हो चुका है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, FY 2026 के पहले 9 महीनों में ही करीब 16 अरब डॉलर के iPhone भारत से निर्यात किए गए हैं। PLI योजना की अवधि अभी बाकी है, ऐसे में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।
भारत बना ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
भारत में फिलहाल 5 iPhone फैक्ट्रियां काम कर रही हैं और इनके साथ करीब 45 सहयोगी कंपनियां जुड़ी हुई हैं। इनमें कई MSME (छोटे और मझोले उद्योग) भी शामिल हैं, जो कंपोनेंट्स और सर्विसेज की सप्लाई कर रहे हैं।
इससे न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर मजबूत हुआ है, बल्कि रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा हुए हैं। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत के शीर्ष निर्यात क्षेत्रों में से एक बन चुका है।
आगे की राह
विशेषज्ञों के मुताबिक, PLI योजना के चलते भारत तेजी से स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बन रहा है। आने वाले महीनों में iPhone निर्यात के आंकड़े और बढ़ सकते हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।