इटली की प्रतिस्पर्धा निगरानी संस्था ने मेटा (जो व्हाट्सऐप की मालिक है) को निर्देश दिया है कि वह अपनी उस नई नीति को तुरंत निलंबित करे, जिसके तहत व्हाट्सऐप के बिज़नेस टूल्स के ज़रिये अन्य एआई चैटबॉट्स को काम करने से रोका जाना था। यह फैसला इस बात की जांच के तहत लिया गया है कि कहीं मेटा अपने बाज़ार प्रभुत्व का गलत इस्तेमाल तो नहीं कर रही है।
मेटा की नई नीति क्या थी?
अक्टूबर 2025 में मेटा ने व्हाट्सऐप बिज़नेस एपीआई के नियमों में बदलाव किया था। यह एपीआई कंपनियों को व्हाट्सऐप के साथ अपने सॉफ्टवेयर को जोड़ने की सुविधा देता है।
नई नीति के तहत जनरल-पर्पज़ एआई चैटबॉट्स, जैसे OpenAI, Perplexity और अन्य समान सेवाओं के चैटबॉट्स को व्हाट्सऐप पर उपलब्ध कराने से रोका जाना था।
इटली की प्रतिस्पर्धा संस्था AGCM के अनुसार, यह बदलाव सीधे तौर पर अन्य एआई कंपनियों को प्रभावित करता है।
मेटा का पक्ष
मेटा ने कहा कि उसके बिज़नेस टूल्स का उद्देश्य कस्टमर सर्विस और व्यावसायिक काम हैं, न कि एआई चैटबॉट्स के लिए एक प्लेटफॉर्म बनना।
कंपनी का तर्क है कि अन्य एआई सेवाएं अब भी ऐप स्टोर्स और वेबसाइट्स जैसे दूसरे माध्यमों से उपलब्ध रह सकती हैं।
इटली ने कार्रवाई क्यों की?
इटली की प्रतिस्पर्धा प्राधिकरण AGCM, जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करती है, ने अपनी चल रही जांच में पाया कि इस नीति के लागू होने से पहले हस्तक्षेप करना जरूरी है।
प्राधिकरण का कहना है कि इस नीति से:
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उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम हो सकते हैं
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अन्य एआई कंपनियों के लिए बाज़ार में प्रवेश मुश्किल हो सकता है
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चैटबॉट उद्योग में तकनीकी और बाज़ार विकास धीमा पड़ सकता है
इन कारणों से प्रतिस्पर्धा को नुकसान हो सकता है और मेटा को अनुचित लाभ मिल सकता है।
तुरंत रोक लगाने का आदेश
इन चिंताओं को देखते हुए, इटली की संस्था ने मेटा को आदेश दिया है कि वह थर्ड-पार्टी एआई चैटबॉट्स को ब्लॉक करने वाले नियमों को तुरंत निलंबित करे, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती।
मेटा की प्रतिक्रिया
मेटा ने इटली के इस फैसले से असहमति जताई है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इसे “मौलिक रूप से गलत” बताया।
मेटा का कहना है कि व्हाट्सऐप बिज़नेस एपीआई को एआई चैटबॉट्स के लिए ऐप स्टोर की तरह डिज़ाइन नहीं किया गया है और बड़े स्तर पर चैटबॉट्स को सपोर्ट करने से उसके सिस्टम पर दबाव पड़ता है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी।
यूरोप में भी जांच जारी
इटली की यह कार्रवाई यूरोप में बड़ी टेक कंपनियों पर बढ़ती निगरानी का हिस्सा है।
यूरोपीय संघ की कार्यकारी संस्था यूरोपीय आयोग ने भी व्हाट्सऐप की एआई नीतियों की अलग से जांच शुरू की है।
यूरोपीय नियामकों को चिंता है कि यह नीति यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) में थर्ड-पार्टी एआई कंपनियों की सेवाओं को सीमित कर सकती है, जिससे प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी।
यूज़र्स के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर जांच के दौरान इटली का आदेश लागू रहता है, तो:
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ChatGPT, Claude, Gemini जैसे एआई चैटबॉट्स फिलहाल इटली में व्हाट्सऐप के बिज़नेस इंटीग्रेशन के ज़रिये काम करते रह सकते हैं
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चैटबॉट डेवलपर्स को अभी व्हाट्सऐप बिज़नेस एपीआई से रोका नहीं जाएगा
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यह मामला भविष्य में दूसरे देशों की एआई और टेक कंपनियों से जुड़ी नीतियों को भी प्रभावित कर सकता है
यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला इस बढ़ती चिंता को दिखाता है कि बड़ी टेक कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर प्रतिस्पर्धियों को पीछे धकेल सकती हैं।
नियामक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि व्हाट्सऐप जैसे बड़े प्लेटफॉर्म नवाचार और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए खुले रहें, खासकर ऐसे समय में जब एआई रोज़मर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बनती जा रही है।