मेनू

×

खोजें

एयर इंडिया ने दिल्ली हवाई अड्डे पर अत्याधुनिक एमआरओ (MRO) हैंगर का किया भूमिपूजन; विमान रखरखाव में भारत की आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

एयर इंडिया ने दिल्ली हवाई अड्डे पर अत्याधुनिक एमआरओ (MRO) हैंगर का किया भूमिपूजन; विमान रखरखाव में भारत की आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

नौ एकड़ में फैला यह अत्याधुनिक बहु-सुविधाजनक एमआरओ हैंगर दिल्ली में एक साथ एक वाइडबॉडी (चौड़े ढांचे वाले) और एक नैरोबॉडी विमान को समायोजित करने में सक्षम पहला ढांचा होगा

एयर इंडिया ने आज दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGIA) पर अपने नए बहु-सुविधाजनक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल-एमआरओ (Maintenance, Repair and Overhaul - MRO) हैंगर के भूमिपूजन की घोषणा की, जो एयरलाइन की परिवर्तन यात्रा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह सुविधा एयर इंडिया के सबसे बड़े हब पर उसके रखरखाव क्षमताओं को मजबूत करेगी, जबकि परिचालन दक्षता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।

नौ एकड़ में फैली यह अत्याधुनिक सुविधा एक साथ एक वाइडबॉडी और एक नैरोबॉडी विमान को समायोजित करने के लिए डिज़ाइन की जा रही है। यह एयर इंडिया को प्रमुख इंजीनियरिंग और रखरखाव गतिविधियों को केंद्रीकृत करने में सक्षम बनाएगी, जिससे प्रत्यक्ष परिचालन देखरेख के तहत महत्वपूर्ण कार्य आएंगे।

यह नई एमआरओ सुविधा इन-हाउस रखरखाव क्षमताओं का निर्माण करने, बेड़े (फ़्लीट) की विश्वसनीयता में सुधार करने और भारत में एक मजबूत विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में योगदान देने के एयर इंडिया के प्रयासों का समर्थन करेगी।

भूमिपूजन समारोह में एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक (CEO & MD) तेवोल्डे गेब्रेमरियाम, एयर इंडिया के ग्रुप हेड - गवर्नेंस, रेगुलेटरी, कम्प्लायंस एंड कॉर्पोरेट अफेयर्स पी. बालाजी, चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर बेसिल क्वाक, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट - इंजीनियरिंग एंड मेंटेनेंस जेरेमी येव, डायल (DIAL) के डिप्टी सीईओ मनोमॉय राय, वाइस प्रेसिडेंट व हेड - एविएशन सर्विसेज बिजनेस विजय के. शर्मा और एजीएम - कमर्शियल एयरो दीपिका शर्मा सहित एयर इंडिया और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख परिचालन लाभ:

  • उन्नत बेड़ा उपलब्धता (Enhanced Fleet Availability): निरीक्षण, केबिन के रखरखाव और खामियों को सुधारने के कार्यों को केंद्रीकृत करके, यह सुविधा विमान के ग्राउंड टाइम (ज़मीन पर रहने के समय) को काफी कम करेगी।

  • परिचालन दक्षता: एकीकृत इंजीनियरिंग कार्यालय और स्पेयर पार्ट्स के लिए ऑन-साइट वेयरहाउस विखंडित वर्कफ़्लो को समाप्त करेगा और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा।

  • बेहतर यात्री अनुभव: एक समर्पित 'केबिन शॉप' आंतरिक सज्जा (इंटीरियर) की तेजी से मरम्मत सुनिश्चित करेगी, जिससे तीसरे पक्ष के विक्रेताओं पर निर्भरता कम होगी और केबिन से संबंधित कमियों में कमी आएगी।

  • ग्राउंडेड विमानों की त्वरित बहाली: तकनीकी टीमों और स्पेयर पार्ट्स तक सीधी पहुंच तकनीकी कारणों से ग्राउंडेड (उड़ान न भर पाने वाले) विमानों के तेजी से समाधान को सक्षम बनाएगी, जिससे व्यवधान कम से कम होगा।

दीर्घकालिक स्केलेबिलिटी के लिए डिज़ाइन किए गए इस हैंगर में अगली पीढ़ी के विमानों को समायोजित करने के लिए 25 मीटर की स्पष्ट ऊंचाई और बड़े कॉलम-मुक्त स्पैन शामिल हैं। यह परियोजना उन्नत अग्नि सुरक्षा सहित सख्त सुरक्षा मानकों का पालन करती है, और ऊर्जा व जल संरक्षण के लिए IGBC ग्रीन बिल्डिंग मानदंडों का पालन करके एयर इंडिया की ESG प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।

ADVERTISEMENT