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एअर इंडिया ने एमआरओ पर सहयोग के लिए एसआईए इंजीनियरिंग कंपनी के साथ किया एग्रीमेन्ट

एअर इंडिया ने एमआरओ पर सहयोग के लिए एसआईए इंजीनियरिंग कंपनी के साथ किया एग्रीमेन्ट

भारत को वैश्विक विमानन एमआरओ हब के रूप में विकसित करने में योगदान देने के लिए साझेदारी हेतु साईन किया एमओयू

मुंबई - भारत की अग्रणी ग्लोबल एयरलाइन एअर इंडिया ने रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) में सहयोग के लिए एसआईए इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एसआईएईसी) के साथ एमओयू साईन करने की घोषणा की, जो ग्लोबल एमआरओ हब के रूप में भारत के विकास में योगदान देगा।

3 जुलाई 2026 को मुंबई में एअर इंडिया के सीईओ एवं एमडी, कैंपबेल विल्सन और एसआईएईसी के सीईओ, चिन याउ सेंग ने एमओयूू पर हस्ताक्षर किए गए।

एसआईएईसी के साथ एयर इंडिया की पूर्व साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एयरलाईन के बढ़ते फ्लीट और नेटवर्क विस्तार को सपोर्ट करने तथा रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए यह समझौता किया गया है। इससे पहले किए गए समझौतों का विवरण इस प्रकार है

() 21 फरवरी 2024 को एअर इंडिया के एयरबस 320 फैमिली के विमानों के मौजूदा फ्लीट को कम्पोनेन्ट सपोर्ट देने के लिए एसआईएईसी के साथ 12-वर्षीय इन्वेंटरी टेकनिकल मैनेजमेन्ट एग्रीमेन्ट साईन किया था

(बी) 11 मई 2024 को बैंगलोर में स्थित एयरलाइन की बेस मेंटेनेंस सुविधाओं के विकास के लिए एयर इंडिया के बेस मेंटेनेंस स्ट्रैटेजिक पार्टनर के रूप में एसआईएईसी की नियुक्ति की गई थी।

इस नए एमओयू का उद्देश्य भारत में विश्व स्तरीय एमआरओ सिस्टम विकसित करना और एअर इंडिया के मौजूदा एयरलाइन संचालन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए एसआईएईसी की एमआरओ और तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग करके दोनों पक्षों के बीच साझेदारी को और मजबूत बनाना है। इस साझेदारी के तहत भारत में एमआरओ जॉइंट वेंचर का गठन भी किया जा सकता है, जो भारतीय और क्षेत्रीय विमानन मार्केट्स की बढ़ती जरूरतों को पूरा करेगा।

एयर इंडिया के सीईओ एवं एमडी कैंपबेल विल्सन ने कहाःभारत में विमानन क्षेत्र के तीव्र विकास को देखते हुए देश के भीतर मजबूत, अधिक आत्मनिर्भर एमआरओ सिस्टम की आवश्यकता भी तेज़ी से बढ़ रही है। फ्लीट का आकार और संचालन का पैमाना बढ़ाने के साथ दक्षता, प्रत्यास्थता और दीर्घकालिक को बढ़ावा देना ज़रूरी हो जाता है। ऐसे में यह साझेदारी भारत को ग्लोबल एविएशन हब के रूप में विकसित करने में रचनात्मक भूमिका निभा सकती है।

 

एसआईएईसी के सीईओ चिन याउ सेंग ने कहाःभारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में से एक है। ऐसे में एमआरओ क्षमता का विकास वैश्विक एयरोस्पेस सिस्टम में इसकी स्थिति को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। अब हम यह देखने के लिए उत्सुक है कि किस तरह एसआईएईसी की तकनीकी विशेषज्ञता और एअर इंडिया के साथ हमारी मौजूदा साझेदारी - भारत में क्षमता निर्माण में मुख्य भूमिका निभाएगी।’’

 

यह संभावी सहयोग, जो कानूनी रूप से गैर-बाध्यकारी है, भविष्य में भौतिक विकास के साथ और मजबूत होने की संभावना है।  

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