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एअर इंडिया की उड़ानों में वाई-फाई कनेक्टिविटी ने 1 मिलियन से अधिक यात्रियों के डिजिटल अनुभव को बनाया बेहतर

एअर इंडिया की उड़ानों में वाई-फाई कनेक्टिविटी ने 1 मिलियन से अधिक यात्रियों के डिजिटल अनुभव को बनाया बेहतर

35,000 फ़ीट की ऊंचाई पर वाई-फ़ाई कनेक्टिविटी अब आधुनिक हवाई यात्रा का एक अहम हिस्सा बन गई है। यात्रियों के अनुभव और डिजिटल जुड़ाव को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ, जून 2025 से जून 2026 के बीच एअर इंडिया के 1 मिलियन से अधिक यात्रियों ने उड़ान के दौरान वाई-फ़ाई सेवा का इस्तेमाल किया।

रोज़ाना 55 से अधिक उड़ानों का संचालन करने वाली एअर इंडिया के यात्री उड़ान के दौरान ईमेल चैक करने या सोशल मीडिया ब्राउज़ करने के लिए बिना किसी रुकावट के इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं। साल भर के दौरान इंटरनेट के इस्तेमाल में लगातार बढ़ोतरी हुई है; उड़ान के भीतर वाई-फ़ाई का इस्तेमाल जून 2025 में 30 फीसदी था जो जून 2026 में बढ़कर 55 फीसदी हो गया। आंकड़ों में यह बढ़ोतरी उड़ान के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी की बढ़ती मांग को दिखाती है।

35,000 फ़ीट की ऊंचाई पर कनेक्टिविटी

कनेक्टेड यात्रियों में से लगभग 89 फीसदी ने यात्रा के दौरान सोशल मीडिया पर कंटेंट स्ट्रीम किया। शेष 11 फीसदी ने वेब ब्राउज़िंग, ईमेल और मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया। इंटरनेट की लगातार मांग के चलते साल भर में लगभग 500 टीबी डेटा इस्तेमाल हुआ। कैटेगरी के अनुसार देखें, तो कुल इस्तेमाल में स्ट्रीमिंग सेवाओं की हिस्सेदारी 86 फीसदी थी, जबकि वेब ब्राउज़िंग की हिस्सेदारी 14 फीसदी रही।

ये आंकड़े एअर इंडिया के यात्रियों के लिए उड़ान के दौरान बदलते अनुभव को दर्शाते हैं।  मौजूदा आंकड़े 28 वाई-फ़ाई-इनेबल्ड विमानों के शुरुआती फ्लीट से जुड़े हैं, जो दुनिया भर के शहरों - जैसे लंदन, न्यूयॉर्क, नेवार्क, फ्रैंकफर्ट, मेलबर्न, हांगकांग, सिंगापुर, बाली, मनीला और मॉरीशस - के लिए उड़ान भरते हैं। आने वाले समय में अन्य विमानों में भी ये सेवाएं शुरू की जाएंगी। कनेक्टेड विमानों के फ्लीट के बढ़ने के साथ यात्रियों के लिए डिजिटल जुड़ाव के अवसर बढ़ेंगे, फिर चाहे वे दुनिया के किसी भी कोने के लिए उड़ान भरें।

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