~ हेल्दी लाइफस्टाइल को हेल्थरिटर्न्स™ से पुरस्कृत करता है ~
~ दावों से आगे बढ़कर ओपीडी, वेलनेस और आय सुरक्षा लाभ भी देता है ~
मुंबई:
आदित्य
बिड़ला कैपिटल की हेल्थ इंश्योरेंस शाखा आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी
लिमिटेड ("एबीएचआईसीएल") ने आज एक्टिव युवा लॉन्च करने की घोषणा की। यह
एक स्वास्थ्य केंद्रित बीमा योजना है, जिसे युवा भारतीयों की बदलती
जीवनशैली और वेलनेस जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस प्लान के साथ
एक व्यापक वेलनेस प्रोग्राम भी शुरू किया गया है, जो एबीएचआईसीएल के हेल्थरिटर्न्स™
प्रस्ताव पर आधारित
है और लोगों
को पोषण,
फिटनेस और
रिकवरी जैसी रोजमर्रा की स्वस्थ आदतों के लिए पुरस्कृत करता है।एबीएचआईसीएल अपने हेल्थरिटर्न्स™
मॉडल के जरिए हेल्थ इंश्योरेंस को हेल्थ एश्योरेंस के रूप में नए सिरे से परिभाषित कर रही है। यह मॉडल रोज 10,000 या उससे ज्यादा कदम चलने या एक ही व्यायाम सत्र में 300
कैलोरी जलाने जैसी गतिविधियों के लिए स्वस्थ जीवनशैली को
पुरस्कृत करता है। जो ग्राहक लगातार सक्रिय रहते हैं और जिनका हेल्दी हार्ट स्कोर™
अच्छा है, वे अपने सालाना प्रीमियम का 100% तक वापस पा सकते हैं।
नया एक्टिव युवा प्लान इस प्रस्ताव को तीन स्तंभों पर आधारित एक व्यवहार से
जुड़े पुरस्कार कार्यक्रम के साथ और मजबूत बनाता है। ये तीन स्तंभ हैं: ईट,
मूव और हील, जो न्यूनतम एक्टिव डेज़™ की शर्त पूरी करने वाले ग्राहकों को शारीरिक गतिविधि से परे भी उनकी समग्र स्वस्थ आदतों के लिए पुरस्कृत करते हैं।
ü ईट: जो यूजर महीने में 21 दिन ऐप पर दिन के कोई भी दो मील
लॉग करते हैं, वे अपने मासिक
हेल्थरिटर्न्स™ में 10% की अतिरिक्त बढ़त हासिल कर सकते हैं।
ü मूव: जो यूजर उन दिनों में, जब उन्होंने एक्टिव डेज़™ अर्जित नहीं किए हों, मासिक औसतन 7,500 से अधिक कदम चलते हैं या 250 कैलोरी बर्न करते हैं
ü हील: जो यूजर महीने में 21 दिन 7 से 8 घंटे की नींद लेते
हैं,
वे अपने मासिक हेल्थरिटर्न्स™ में 15% तक की अतिरिक्त बढ़त
हासिल कर सकते हैं।
एक्टिव युवा के लॉन्च पर अपनी राय रखते हुए आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस
कंपनी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री मयंक बाथवाल ने कहा,
"हेल्थ इंश्योरेंस को बदलती उपभोक्ता जीवनशैली
और वेलनेस आदतों के साथ विकसित होना होगा। आज के युवा उपभोक्ता अपनी सेहत में
निवेश को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानते हैं। इससे बीमा को उनके जीने के
तरीके के साथ ज्यादा मेल खाने वाला बनाने का एक स्पष्ट अवसर मिलता है।
पिछले एक दशक में हमने दावों से परे भी ग्राहकों की पूरी स्वास्थ्य यात्रा में
उनका साथ देने पर ध्यान दिया है। उस अनुभव से यह साफ हो गया है कि इस क्षेत्र में
असली विकास दावों के बीच के वक्त में भी ग्राहकों से जुड़े रहने से आएगा,
न कि केवल दावे के समय सामने आने से। एक्टिव युवा इसी बदलाव
को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह बीमा को रोजमर्रा की जिंदगी का एक सक्रिय
हिस्सा बनाता है, पूरे साल, न कि सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी के वक्त।"
स्वास्थ्य के प्रति उपभोक्ताओं का नज़रिया अब ज्यादा सक्रिय और निरंतर होता जा
रहा है, लेकिन बीमा को अभी भी एक बार की, लेन-देन वाली चीज के तौर पर देखा जाता है, जिसका
रोजमर्रा की जिंदगी में कोई खास रोल नहीं होता। एक्टिव युवा इस बदलाव को ध्यान में
रखकर रोजमर्रा की स्वस्थ आदतों को ठोस फायदों से जोड़ता है, ताकि
बीमा युवा उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा प्रासंगिक, लचीला और
आकर्षक बन सके।