- इस
पहल के तहत पूरे भारत में LGBTQ+
टेक टैलेंट का निष्पक्ष और कौशल-आधारित मूल्यांकन किया गया।
- समावेशी टीमों, पक्षपात-मुक्त नवाचार और AI-आधारित
तकनीक के बीच संबंध को मजबूत किया।
मुंबई, 09 फरवरी, 2026: गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप की वित्तीय सेवा शाखा, गोदरेज कैपिटल ने विशेष रूप से LGBTQ+ समुदाय के लिए 'प्राइड इन टेक' (Pride in
Tech) नामक एक तकनीकी हैकाथॉन का आयोजन किया। इसका उद्देश्य समावेशी कैंपस हायरिंग
को मजबूत करना और भविष्य के लिए तैयार तकनीकी टैलेंट की एक टीम बनाना है। यह पहल
उन बाधाओं और सीमित अवसरों को दूर करने के लिए शुरू की गई है, जिनका सामना
अक्सर इस समुदाय के पेशेवर अपने करियर के शुरुआती चरणों में करते हैं।
'प्राइड इन
टेक'
का
मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सुरक्षित और योग्यता-आधारित मंच तैयार करना था, जहां LGBTQ+ टेक टैलेंट
का आकलन केवल उनकी क्षमता और संभावनाओं के आधार पर किया जा सके। वास्तविक समस्याओं
पर आधारित इस हैकाथॉन ने पारंपरिक भर्ती में मौजूद पक्षपात को कम किया और बड़े
स्तर पर निष्पक्ष मूल्यांकन संभव बनाया। यह पहल समावेशी और समान अवसर देने की दिशा
में गोदरेज कैपिटल की लंबे समय की सोच और
प्रतिबद्धता को दिखाती है।
जैसे-जैसे
गोदरेज कैपिटल अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और लेंडिंग, रिस्क व
कस्टमर एक्सपीरियंस में AI आधारित समाधानों को तेजी से अपना रहा
है,
कंपनी
का मानना है कि नवाचार (Innovation) विविध टीमों द्वारा
ही किया जाना चाहिए। समावेशी कार्यबल बिना पक्षपात वाले नवाचार को बढ़ावा देता है
और यह सुनिश्चित करता है कि AI सिस्टम और टेक प्लेटफॉर्म सभी तरह के
उपयोगकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर जिम्मेदारी से विकसित किए जाएं।
इस
हैकाथॉन को पूरे देश से LGBTQ+ समुदाय के 1,200 से अधिक
आवेदन मिले। सभी प्रतिभागियों ने ऑनलाइन तकनीकी मूल्यांकन में हिस्सा लिया। इनमें
से 200
से
ज्यादा उम्मीदवार अगले चरण में पहुंचे, जहां उनकी समस्या
सुलझाने की क्षमता, कोडिंग स्किल और व्यावहारिक सोच का आकलन
किया गया। अंत में चार उम्मीदवारों को गोदरेज कैपिटल में नौकरी के ऑफर दिए गए।
हैकाथॉन के विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए गए।
'प्राइड इन
टेक'
हैकाथॉन
का आयोजन विक्रोली स्थित गोदरेज वन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गोदरेज
कैपिटल की चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ज्योतिर्लता बी ने की और समापन मुख्य मानव संसाधन
अधिकारी (सीएचआरओ) भव्या मिश्रा के संबोधन के साथ हुआ।
इस
पहल पर बोलते हुए, गोदरेज कैपिटल की चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ज्योतिर्लता
बी ने कहा, "टेक्नोलॉजी
प्रॉडक्ट और प्लेटफॉर्म वही लोग बनाते हैं जो उन्हें विकसित करते हैं। अगर
टेक्नोलॉजी भूमिकाओं में सभी के लिए समान और खुले अवसर दिए जाएं, तो सोच का
दायरा बढ़ता है और बेहतर समाधान तैयार होते हैं। AI और उन्नत
तकनीकों के बढ़ते उपयोग के साथ, विविध टीमों का होना जरूरी हो जाता
है,
ताकि
सिस्टम निष्पक्ष, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार बन सकें। 'प्राइड इन
टेक'
इसी
सोच को दर्शाता है, जहां प्रतिभा का मूल्यांकन पहचान या
पृष्ठभूमि नहीं,
बल्कि
वास्तविक समस्याओं को सुलझाने की क्षमता के आधार पर किया जाता है।"
गोदरेज
कैपिटल की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी (सीएचआरओ) भव्या मिश्रा ने कहा, "समावेशी
भर्ती सिर्फ अच्छी मंशा से नहीं होती, इसके लिए सही योजना
और लगातार प्रयास जरूरी होते हैं। 'प्राइड इन टेक' इसी कोशिश का हिस्सा है, ताकि भर्ती
प्रक्रिया ऐसी बने जहां प्रतिभा का निष्पक्ष मूल्यांकन हो और LGBTQ+ समुदाय के
लोगों को सार्थक काम और लंबे समय तक करियर आगे बढ़ाने के अवसर मिलें। समावेशी
संस्कृति नवाचार को भी मजबूत बनाती है, क्योंकि विविध
टीमों में अलग-अलग नजरिए होते हैं, जो सोच को चुनौती देते हैं और फैसलों
में पक्षपात को कम करते हैं।
'प्राइड इन
टेक' दरअसल गोदरेज कैपिटल के व्यापक समावेशन
ढांचे का हिस्सा है, जिसमें Qnity (कर्मचारी
संसाधन समूह),
Pride Capital और
Pride
Path जैसे
LGBTQ+
भर्ती
कार्यक्रम,
Inclusion 3.0 प्रशिक्षण
पहल और BeYou
इंटर्नशिप
प्रोग्राम शामिल हैं। ये सभी पहलें संगठन में जागरूकता, समावेशी
भर्ती,
करियर
ग्रोथ और सहयोग को बढ़ावा देती हैं।
इसके
अलावा,
गोदरेज
कैपिटल ने सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल के लिए कई नीतियां लागू की हैं, जैसे
जेंडर-न्यूट्रल वॉशरूम, जेंडर अफर्मेशन से जुड़ा मेडिकल
सपोर्ट और नेतृत्व व करियर विकास के समान अवसर।
'प्राइड इन
टेक' को एक प्रमुख वार्षिक पहल के रूप में आगे भी
जारी रखने की योजना है। भविष्य में गोदरेज कैपिटल इसका दायरा बढ़ाने, उद्योग
स्तर पर प्रभाव मजबूत करने और विविध टेक टैलेंट पाइपलाइन तैयार करने पर ध्यान
देगा।