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यूरोकिड्स ऑसम अगस्त 2026: जहां उत्सव केवल यादें ही नहीं, बल्कि चरित्र का निर्माण भी करते हैं

यूरोकिड्स ऑसम अगस्त 2026: जहां उत्सव केवल यादें ही नहीं, बल्कि चरित्र का निर्माण भी करते हैं

                   महीने भर चलने वाली यह पहल फ्रेंडशिप डे, स्वतंत्रता दिवस, सस्टेनेबिलिटी वीक और रक्षा बंधन को दिलचस्प एक्टिविटीज़ के ज़रिए मनाती है

                   ह्यूरेका पाठ्यक्रम पर आधारित, ऑसम अगस्त बच्चों को कहानी, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और खेल के ज़रिए सहानुभूति, गर्व, जिम्मेदारी और भरोसा सिखाने में मदद करता है

 

मुंबई: भारत के अग्रणी प्रीस्कूल, यूरोकिड्स प्रीस्कूल ने ऑसम अगस्त 2026 की घोषणा की है। यह स्कूल का सालाना महीने-भर चलने वाला उत्सव है, जो देशभर के केंद्रों में बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को एक साथ लाता है। यह पहल चार मुख्य जीवन मूल्यों पर आधारित है और कहानी सुनाने, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मिलकर खेलने के ज़रिए त्योहारों को सीखने के मज़ेदार मौकों में बदल देती है।

 

ऑसम अगस्त थीम वाले हफ्तों में बंटा है, जिसमें फ्रेंडशिप डे, स्वतंत्रता दिवस, सस्टेनेबिलिटी वीक और रक्षा बंधन मनाया जाता है। हर हफ़्ता एक जीवन मूल्य पर केंद्रित होता है। उम्र के हिसाब से बनाई गई मज़ेदार गतिविधियों के ज़रिए, यह पहल बच्चों को सहानुभूति, गर्व, जिम्मेदारी और भरोसा सिखाती है, और परिवारों को भी साथ मिलकर सीखने और जश्न मनाने का मौका देती है।

यूरोकिड्स का ऑसम अगस्त कार्यक्रम उनके खास 'ह्यूरेका - द विजिबल थिंकिंग करिकुलम' पर आधारित है। यह पाठ्यक्रम हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के 'प्रोजेक्ट ज़ीरो' से प्रेरित है और भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के मुताबिक बनाया गया है। इस पहल का मकसद बच्चों को सिर्फ बातें सिखाना नहीं, बल्कि खुद गतिविधियां करवाकर उनके स्वभाव और भावनाओं का विकास करना है। त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सीखने के मज़ेदार तरीकों से जोड़कर, यूरोकिड्स स्कूल और घर के रिश्ते को मज़बूत बनाता है, ताकि बच्चे खेल-खेल में और खुद काम करके सीख सकें।

 

केवीएस शेषसाई, सीईओ - प्री-के डिविजन, लाइटहाउस लर्निंग (यूरोकिड्स), ने कहा, "यूरोकिड्स में हमारा मानना है कि हर त्योहार सीखने का एक बड़ा मौका होता है। हम सिर्फ खुशियां ही नहीं मनाते, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार और अच्छी आदतें भी डालते हैं, जो जीवन भर उनके काम आएं। 'ऑसम अगस्त' के ज़रिए हम बच्चों को सिर्फ किताबों या कहानियों में नहीं, बल्कि खुद करके सिखाते हैं कि दोस्ती, देशप्रेम, जिम्मेदारी और भरोसा क्या होता है। चाहे फ्रेंडशिप बैंड बांधना हो, पानी बचाने का वादा करना हो या फिर पेड़ों को राखी बांधना हो, हमारा मकसद हमेशा एक ही रहता है: बच्चों को ऐसे ज़रूरी गुण सिखाना जो त्योहार खत्म होने के बाद भी हमेशा उनके साथ रहें।"

उत्सव की शुरुआत फ्रेंडशिप वीक (1-8 अगस्त) से होती है, जो सहानुभूति पर केंद्रित है। कृष्ण और सुदामा की कालजयी कहानी से प्रेरित होकर, बच्चे 'फ्रेंडशिप पोटली' और ब्रेसलेट बनाएंगे, और 'बडी ट्रेजर हंट' 'काइंडनेस सर्कल्स' जैसी गतिविधियों में हिस्सा लेंगे, जो कम उम्र से ही सहयोग, करुणा और सच्ची दोस्ती को बढ़ावा देती हैं। अभिभावकों को भी चुनिंदा गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे साथ मिलकर सीखने और जश्न मनाने के पल बनेंगे।

 

इसके बाद, 'इंडिपेंडेंस वीक' (9-16 अगस्त) दिलचस्प देशभक्ति भरे अनुभवों के ज़रिए गर्व और एकता के मूल्यों का जश्न मनाता है। तिरंगा पतंग उत्सव, सेंसरी प्ले, थीम आधारित बाधा दौड़, मिनी देशभक्ति परेड और 'यूनिटी इन डाइवर्सिटी' (विविधता में एकता) रैंप वॉक जैसी गतिविधियां बच्चों को एकजुटता की भावना के साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने में मदद करेंगी।

'सस्टेनेबिलिटी वीक' (17-23 अगस्त) में, यूरोकिड्स अपनी उस पहचान को आगे बढ़ाता है जिसके तहत संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों पर पूरे साल ध्यान दिया जाता है। इस महीने खास फोकस 'एसडीजी 6 – स्वच्छ जल और स्वच्छता' पर है। वॉटर ड्रॉप पासपोर्ट (जिसमें बच्चे जूनियर वॉटर हीरो बनते हैं), रेस्क्यू द रिवर, 'आई प्लेज टू सेव वॉटर' म्यूरल, और वॉटर बैंक रिवॉर्ड गेम जैसी मज़ेदार गतिविधियों के ज़रिए, 2-6 साल के बच्चे जल बचाने की आदत रोज़ की पढ़ाई का हिस्सा बनाकर सीखते हैं, न कि सिर्फ एक बार के कार्यक्रम के तौर पर।

उत्सव का समापन 'रक्षा बंधन वीक' (24-31 अगस्त) के साथ होता है, जो सस्टेनेबिलिटी की थीम को आगे बढ़ाते हुए भरोसे और सच्चे रिश्तों का जश्न मनाता है। बच्चे पत्तियों, बीजों और रीसायकल की गई चीज़ों से इको-फ्रेंडली राखियां बनाएंगे, और फिर 'राखी फॉर नेचर' गतिविधि में हिस्सा लेंगे, जिसमें वे बगीचे के पेड़ों पर रिबन बांधकर प्रकृति की रक्षा और देखभाल करने का वादा करेंगे।

'ऑसम अगस्त' के ज़रिए, यूरोकिड्स त्योहारों को सीखने के मज़ेदार तरीकों में बदल रहा है, जिससे बच्चों में अच्छी आदतें आती हैं और स्कूल व घर का रिश्ता भी मज़बूत होता है। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों को पास के यूरोकिड्स सेंटर लेकर जाएं और इन आयोजनों में शामिल हों, जहां वे देख सकते हैं कि कैसे यूरोकिड्स संस्कृति, अच्छे संस्कारों और खेल-खेल में सीखने के तरीक़ों को मिलाकर पढ़ाई को मज़ेदार और यादगार बनाता है।

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