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यह अनुसंधान पर आधारित शुरुआती शिक्षा कार्यक्रम है, जिसमें बच्चों के विकास की
मज़बूत बुनियाद रखने के लिए विशिष्ट पाठ्यक्रम, विशेषज्ञ शिक्षक और सीखने के
सुरक्षित माहौल पर विशेष ज़ोर दिया जाता है।
मुंबई: भारत के प्रमुख प्रीस्कूल ब्रांड, यूरोकिड्स प्रीस्कूल ने आज 'जूनियर प्लेग्रुप' कार्यक्रम लॉन्च करने की घोषणा की। यह 18-24 महीने के बच्चों के लिए खास तौर पर बनाया गया अपनी तरह का पहला व्यवस्थित शुरुआती शिक्षा कार्यक्रम है। विशिष्ट पाठ्यक्रम, विशेषज्ञ शिक्षक और सीखने के सुरक्षित माहौल पर आधारित यह कार्यक्रम बच्चों के विकास के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है।
आम तौर पर, भारत में व्यवस्थित प्रीस्कूल शिक्षा ढाई या तीन साल की उम्र में शुरू होती है। जूनियर प्लेग्रुप उम्र के हिसाब से सीखने का उचित माहौल बनाकर इसके फर्क को कम करता है, जो बच्चों के विकास के विभिन्न पड़ावों का समर्थन करता है। इसमें पढ़ाई-लिखाई जल्दी शुरू करने के बजाय, दिलचस्प और विकास पर केंद्रित अनुभवों के ज़रिए संवाद, गति (मूवमेंट), जिज्ञासा, भावनात्मक सुरक्षा और कॉग्निटिव विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान दिया जाता है।
आज के दौर के माता-पिता की बदलती ज़रूरतों को पूरा
करने के लिए डिज़ाइन किया गया जूनियर प्लेग्रुप सुरक्षित और अच्छा माहौल देता है, जहां बच्चे पूरे दिन
सार्थक रूप से व्यस्त रहते हुए आत्मविश्वास के साथ अपनी सीखने की यात्रा शुरू कर
सकते हैं। यह परिवारों को विज्ञान-आधारित तरीका भी प्रदान करता है जो सामाजिक
मेलजोल को बढ़ावा देता है, स्क्रीन पर निर्भरता कम करता है और व्यवस्थित
शुरुआती शिक्षा के ज़रिए उम्र के अनुकूल विकास का समर्थन करता है।
लाइटहाउस लर्निंग (यूरोकिड्स) के प्री-के डिवीज़न के मुख्य कार्यकारी, केवीएस शेषसाई ने कहा, "आरंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को, लंबे समय से, को ऐसी चीज़ के तौर पर देखा जाता रहा है जो बच्चे के प्रीस्कूल में आने पर शुरू होती है। लेकिन वैज्ञानिक शोध के मुताबिक बच्चे बहुत पहले से ही सीखना शुरू कर देते हैं। जीवन के शुरुआती दो साल के दौरान मस्तिष्क का असाधारण विकास होता है, और इसी दौरान संवाद, जिज्ञासा, आत्मविश्वास और भावनात्मक खुशहाली की बुनियाद तैयार होती है।
जूनियर प्लेग्रुप के साथ, हम छोटे बच्चों के लिए विशेष
तौर पर तैयार अनुसंधान-आधारित कार्यक्रम के ज़रिए भारत के शुरुआती शिक्षा परितंत्र
में मौजूद उल्लेखनीय कमी पूरी कर रहे हैं। चाहे कामकाजी माता-पिता हों जो ऐसा सुरक्षित
और अच्छा माहौल चाहते हों, जहां उनका बच्चा आत्मविश्वास के साथ सीखने की यात्रा
शुरू कर सके, या ऐसे परिवार जो विज्ञान-आधारित कार्यक्रम चाहते हों जो स्वस्थ विकास, सामजिक मेलजोल और जिज्ञासा
का समर्थन करे, हमारा लक्ष्य है, हर बच्चे को अपनी जिज्ञासा के मुताबिक चीज़ें देखने-परखने, बातचीत करने और जीवन भर
सीखने में मदद करने वाले बुनियादी कौशल विकसित करने के लिए उचित माहौल प्रदान करना।"
जूनियर प्लेग्रुप का मुख्य आधार है, 30-सप्ताह का एक प्रगतिशील पाठ्यक्रम, जिसमें 150 विशेष रूप से चुने गए लर्निंग अनुभव शामिल हैं। ये अनुभव हर बच्चे के विकास के सफर के साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। हर 90-मिनट के सेशन में सेंसरी एक्सप्लोरेशन, मूवमेंट, कहानी सुनाना, संवाद, रोज़मर्रा के जीवन के अनुभव और रचनात्मक गतिविधियां शामिल होती हैं। इनका लक्ष्य है, विकास के चार मुख्य आधारों – नियमित कार्य (रूटीन) व नियम (रेगुलेशन), संवाद, मस्तिष्क का विकास, और खोज व जिज्ञासा - पर बुनियादी कौशल को विकसित करना। यह कार्यक्रम आरंभिक बाल्यावस्था के संबंध में विशेष रूप से प्रशिक्षित शिक्षक 1:6 के शिक्षक-शिशु अनुपात में चलाया जाता है। हर शिक्षक शिशु के विकास, उम्र के हिसाब से पढ़ाने के तरीकों, कक्षा प्रबंधन (क्लासरूम मैनेजमेंट) और सुरक्षा के मामलों में प्रशिक्षित होता है। बच्चों को टीयूवी नॉर्ड-सर्टिफाइड केंद्रों में सीखने का लाभ भी मिलता है, जहां सुरक्षित और अच्छा माहौल मिलता है।
यह लॉन्च पारंपरिक प्रीस्कूल शुरू होने से पहले व्यवस्थित विकास से जुड़े अनुभवों की बढ़ती मांग के बीच हो रहा है। इस बदलाव के मद्देनज़र यूरोकिड्स से, हर महीने हज़ारों माता-पिता पूछताछ करते हैं, जो इस उम्र के बच्चों के लिए व्यवस्थित कार्यक्रमों की तलाश में रहते हैं। इससे विशिष्ट शुरुआती शिक्षा कार्यक्रम की बढ़ती ज़रूरत का पता चलता है।
देश भर में 2,000
से अधिक यूरोकिड्स केंद्र पर लॉन्च हो रहे
जूनियर प्लेग्रुप में 450 अनोखे सीखने के अनुभव शामिल हैं, जिनसे बच्चे की शिक्षा के सफर
के लिए उचित आधार होता है। इन केंद्रों में अभी भी नामांकन हो रहा है और कक्षा 20 जुलाई 2026 से शुरू होंगी। माता-पिता इस
कार्यक्रम की जानकारी और नामांकन के लिए अपने नज़दीकी यूरोकिड्स केंद्र से संपर्क कर सकते
हैं।