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वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने उद्योग-केंद्रित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से 2026-27 बैच के स्नातक विद्यार्थियों का किया स्वागत, एआई-आधारित इंजीनियरिंग यात्रा की रखी मजबूत नींव

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने उद्योग-केंद्रित ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से 2026-27 बैच के स्नातक विद्यार्थियों का किया स्वागत, एआई-आधारित इंजीनियरिंग यात्रा की रखी मजबूत नींव

सीहोर : वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय ने अपने वर्ष 2026-27 के स्नातक विद्यार्थियों का व्यापक फ्रेशर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से स्वागत किया। यह कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियों द्वारा परिवर्तित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य के अनुरूप भविष्य के स्नातकों को तैयार करने के विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक कार्यप्रणाली, अनुसंधान-आधारित शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र, अंतर्विषयी पाठ्यक्रम, वैश्विक सहयोग, नवाचार संस्कृति, उद्योग सहभागिता तथा विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास हेतु विकसित सहयोगात्मक व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन के नेतृत्व में हुआ। इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री कादंबरी एस. विश्वनाथन तथा ट्रस्टी श्रीमती रमणी बालासुंदरम की गरिमामयी उपस्थिति रही। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ माइक्रोसॉफ्ट CSS के डायरेक्टर श्री अमित चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में तथा आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्र एवं प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक स्वामी विज्ञानानंद जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वर्ष 2023 बैच की पूर्व छात्रा सुश्री प्रियंका गिरी ने भी प्रतिष्ठित पूर्व छात्रा के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता की।

इस अवसर पर चांसलर डॉ. जी. विश्वनाथन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय जीवन केवल तकनीकी उत्कृष्टता अर्जित करने का अवसर नहीं है, बल्कि सत्यनिष्ठा, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता विकसित करने का भी महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कहा,

"भविष्य उनका नहीं होगा जो केवल तकनीकी परिवर्तन के साथ कदम मिलाकर चलेंगे, बल्कि उनका होगा जो इन परिवर्तनों की दिशा निर्धारित करेंगे। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में हमने ऐसा शैक्षणिक वातावरण विकसित किया है जो जिज्ञासा, मल्टीडिसिप्लिनरी थिंकिंग, इनोवेशन तथा आजीवन सीखने की भावना को प्रोत्साहित करता है। वर्ष 2026 के नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए हमारा संकल्प है कि प्रत्येक विद्यार्थी को ऐसे अवसर, मार्गदर्शन एवं वैश्विक अनुभव उपलब्ध कराए जाएँ, जिससे वे केवल सफल पेशेवर ही नहीं, बल्कि समाज पर दीर्घकालिक एवं सकारात्मक प्रभाव छोड़ने वाले दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बन सकें।"

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय की असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री कादंबरी एस. विश्वनाथन ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे स्नातकों का निर्माण करना है जो तीव्र गति से प्रौद्योगिकी-परिवर्तित होती वैश्विक परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम हों। उन्होंने कहा,

"आप ऐसे महत्वपूर्ण समय में उच्च शिक्षा की यात्रा प्रारंभ कर रहे हैं जब प्रौद्योगिकी प्रत्येक व्यवसाय और समाज की कार्यप्रणाली को पुनर्परिभाषित कर रही है। वीआईटी में हमारी जिम्मेदारी केवल आपको पहली नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि आजीवन सीखने, नवाचार और नेतृत्व के लिए सक्षम बनाना है। सदैव जिज्ञासु बने रहें, चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करें तथा अपनी शिक्षा का उपयोग ऐसे समाधान विकसित करने में करें जो समाज में सार्थक परिवर्तन ला सकें।"

विद्यार्थियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर विश्वनाथन ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय जीवन को खोज, इनोवेशन एवं व्यक्तिगत रूपांतरण की यात्रा के रूप में देखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सफलता का आधार मजबूत बुनियादी ज्ञान, अंतर्विषयी अधिगम तथा परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान-आधारित शिक्षण वातावरण, उद्योग सहयोग तथा समग्र विकास के विविध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बायोइंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की विभिन्न स्पेशलाइजेशन (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग, -कॉमर्स, हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स, गेमिंग टेक्नोलॉजी एवं एजुकेशन टेक्नोलॉजी), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (एआई एवं साइबरनेटिक्स), मैकेनिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (एआई एवं रोबोटिक्स) तथा एयरोस्पेस इंजीनियरिंग एवं इंटीग्रेटेड एम.टेक. कार्यक्रमों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। बी.टेक. सीएसई कोर, बीबीए तथा बी.आर्क. कार्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम बाद में आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर वाइस चांसलर प्रो. सतीश कुमार मोढ़ ने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे स्नातकों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो उस भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार हों, जहाँ प्रत्येक उद्योग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अंतर्विषयी ज्ञान की केंद्रीय भूमिका होगी। वहीं प्रो-वाइस चांसलर डॉ. टी. बी. श्रीधरन ने कहा कि विश्वविद्यालय में सफलता केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं है और विश्वविद्यालय प्रत्येक विद्यार्थी को आवश्यक अवसर एवं संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य वक्तव्य देते हुए स्वामी विज्ञानानंद जी ने विद्यार्थियों को तकनीकी प्रगति के साथ नैतिक मूल्यों, जीवन के उद्देश्य तथा आत्मबोध के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान एवं विवेक को जीवन में मार्गदर्शक बनाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि श्री अमित चौधरी, डायरेक्टर, माइक्रोसॉफ्ट CSS, ने तीव्र गति से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्य करने के तरीकों को अवश्य बदल रही है, किन्तु यह उन लोगों का स्थान नहीं ले सकती जो निरंतर सीखने, स्वयं को परिस्थितियों के अनुरूप ढालने तथा नवाचार करने के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से विकासोन्मुख सोच (Growth Mindset) के साथ कॉर्पोरेट जगत में प्रवेश की तैयारी करने, चुनौतियों को स्वीकारने, असफलताओं से सीखने तथा निरंतर नए कौशल अर्जित करते रहने का आह्वान किया, जिससे वे एआई-प्रधान भविष्य में प्रासंगिक बने रह सकें।

प्रतिष्ठित पूर्व छात्रा के रूप में उपस्थित सुश्री प्रियंका गिरी, जो वर्तमान में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं, ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पूर्णतः निर्भर रहें, बल्कि उसका विवेकपूर्ण एवं संतुलित उपयोग करते हुए स्वयं को प्रतिस्पर्धात्मक रूप से आगे रखें।

विश्वविद्यालय ने केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक ही अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु एक सशक्त एवं समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया है। संकाय मार्गदर्शन, उद्योग-संलग्न पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक अधिगम, अनुसंधान अवसर, नवाचार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन, तकनीकी क्लब, हैकाथॉन, इंटर्नशिप, वैश्विक सहयोग तथा व्यापक करियर विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को तीव्र गति से बदलती दुनिया में सफलता प्राप्त करने हेतु आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं आत्मविश्वास प्रदान करता है। इसके साथ ही नेतृत्व क्षमता, प्रभावी संप्रेषण, नैतिक मूल्यों तथा व्यक्तिगत कल्याण पर भी समान रूप से बल दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ उद्योग एवं समाज में नेतृत्व, नवाचार और सार्थक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर सकें। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक नेतृत्व के मध्य संवादात्मक सत्र के साथ हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को परिसर जीवन, शैक्षणिक प्रक्रियाओं, विद्यार्थी सहायता सेवाओं तथा वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में उनकी आगामी शैक्षणिक यात्रा से जुड़ी विविध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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