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रणवीर सिंह की ‘कांतारा’ मिमिक्री पर ऋषभ शेट्टी ने दिखाया ‘ना’ — वीडियो हुआ वायरल

रणवीर सिंह की ‘कांतारा’ मिमिक्री पर ऋषभ शेट्टी ने दिखाया ‘ना’ — वीडियो हुआ वायरल

IFFI 2025 (इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया) के समापन समारोह में एक पल, जो श्रद्धांजलि के रूप में होना चाहिए था, विवाद का कारण बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही रणवीर सिंह कांतारा का एक नाटकीय सीन कॉपी करने की कोशिश करते हैं, ऋषभ शेट्टी उंगली उठाकर उन्हें रोकने का संकेत देते हैं।


क्या हुआ था?

रणवीर सिंह मंच पर आए और ऋषभ शेट्टी व अन्य से मुलाकात करते समय कांतारा में दिखाए गए “दैवा” — एक पवित्र आध्यात्मिक रूप — की नकल करने लगे।

शेट्टी, जो पास ही बैठे थे, तुरंत ‘ना’ का इशारा करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश करते हैं। इसके बावजूद रणवीर मंच पर आगे जाकर भी वही एक्ट दोहराते हैं और अपने भाषण में इसे “female ghost” के शरीर में प्रवेश करने जैसा बताते हैं।

हालांकि कार्यक्रम के दौरान कई लोग हंस पड़े, लेकिन जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, आलोचना शुरू हो गई।


विवाद क्यों हुआ?

कांतारा के प्रशंसकों और उन समुदायों के लोगों, जिनके लिए “दैवा” अत्यंत पवित्र है, ने इसे बहुत ही असंवेदनशील और अपमानजनक कहा। उनका कहना था कि इस तरह की मिमिक्री एक गहरे आध्यात्मिक परंपरा को हल्का दिखाती है।

रणवीर के द्वारा दैवा को “female ghost” कहना लोगों की नाराज़गी और बढ़ा गया।

ऑनलाइन कई लोगों ने कहा कि एक बड़ा बॉलीवुड स्टार होने के नाते रणवीर को सांस्कृतिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी — खासकर जब खुद ऋषभ शेट्टी ने उन्हें रोकने का संकेत दिया था।


रणवीर सिंह की माफ़ी

तेज़ विरोध के बाद रणवीर सिंह ने अगले दिन सार्वजनिक माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद केवल “ऋषभ शेट्टी के शानदार प्रदर्शन को सम्मान देने” का था। उन्होंने कहा कि वह भारत की हर संस्कृति, परंपरा और विश्वास का सम्मान करते हैं और यदि किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं, तो वे क्षमा चाहते हैं।

अपनी माफ़ी में उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुष्ठान बेहद संवेदनशील होते हैं और उन्हें किसी को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं था।


आगे इसका क्या मतलब है?

यह घटना दिखाती है कि संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक मंच पर किसी भी तरह की नकल या प्रस्तुति बहुत सावधानी से करनी चाहिए। मशहूर हस्तियों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है कि वे संदर्भ और भावनाओं को समझकर ही ऐसा कदम उठाएँ।

दर्शकों और फैंस के बीच भी यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्षेत्रीय परंपराओं का सम्मान कैसे किया जाए और लोकप्रिय चेहरों की ज़िम्मेदारियाँ कितनी बड़ी होती हैं जब वे सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण विषयों को छूते हैं।

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