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भोपाल जिला न्यायालय बना मध्य प्रदेश का पहला 'प्लास्टिक-मुक्त' परिसर, एडवोकेट अनुराग दुबे ने शुरू की मुहिम

भोपाल जिला न्यायालय बना मध्य प्रदेश का पहला 'प्लास्टिक-मुक्त' परिसर, एडवोकेट अनुराग दुबे ने शुरू की मुहिम

भोपाल, मध्य प्रदेश : पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, भोपाल जिला न्यायालय परिसर मध्य प्रदेश का पहला ऐसा न्यायालय बनने जा रहा है जिसने आधिकारिक तौर पर "प्लास्टिक-मुक्त कोर्ट परिसर" पहल की शुरुआत की है। आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किए गए पर्यावरण-अनुकूल न्यायिक परिसरों से प्रेरणा लेते हुए, यह जनहित अभियान मध्य मध्य भारत के कानूनी क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस मुहिम का उद्देश्य अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायिक अधिकारियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करना है, जो राज्य के अन्य सार्वजनिक संस्थानों के लिए भी एक मिसाल बनेगा।

इस पर्यावरण-हितैषी पहल की शुरुआत भोपाल के प्रतिष्ठित अधिवक्ता अनुराग दुबे के सक्रिय योगदान से हुई है, जिन्होंने परिसर में व्यवस्थित कचरा प्रबंधन के लिए लोहे की जाली से बने ५ (पाँच) विशेष 'प्लास्टिक बोतल कलेक्टर' दान किए हैं। न्यायालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए ये अनूठे डस्टबिन एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक के कचरे को रोकने और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने में मदद करेंगे। यह जनहित अभियान कानूनी समुदाय के प्रति अनुराग दुबे की प्रगतिशील सोच को दर्शाता है। गौरतलब है कि दुबे आगामी जिला अधिवक्ता संघ (जिला अभिभाषक संघ) के चुनाव में सचिव पद के सशक्त उम्मीदवार हैं, और उनका यह व्यावहारिक कदम बार एसोसिएशन के कल्याण, आधुनिकीकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है।

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