एक छोटा सा बच्चा अपने हीरो से मिलने आया था। वह अपने साथ अपना क्रिकेट बैट लेकर आया था। वह होटल के बाहर काफी देर तक इंतज़ार करता रहा। लेकिन उसे वह नहीं मिला, जिसके लिए वह आया था। और इसके बाद जो हुआ, उसका वीडियो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।
क्या हुआ?
एक RCB मैच के बाद, एक छोटा बच्चा टीम के होटल के बाहर खड़ा था। वह Virat Kohli का ऑटोग्राफ लेने के लिए अपने साथ बैट लेकर आया था। जैसे ही कोहली होटल से बाहर निकले, बच्चा उनकी ओर बढ़ने की कोशिश करने लगा, लेकिन सिक्योरिटी ने उसे रोक दिया।
इसके बाद बच्चा बहुत भावुक हो गया। उसने अपना बैट फेंक दिया, रोने लगा और फिर अपने माता-पिता के पास वापस चला गया।
किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया। ज्यादातर लोगों ने यह कहते हुए वीडियो शेयर किया कि कोहली ने बच्चे को नजरअंदाज कर दिया। लेकिन वीडियो को ध्यान से देखने पर ऐसा साफ नहीं दिखता।
वीडियो में यह कहीं भी स्पष्ट नहीं है कि Virat Kohli ने उस बच्चे को देखा भी था या नहीं। इसमें सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा दिखता है और दोनों के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं दिखता। बच्चे को सिक्योरिटी ने रोका था, कोहली ने नहीं। ऐसे मौकों पर जब कोई बड़ा खिलाड़ी बाहर आता है, तो सिक्योरिटी ही फैसले लेती है, खिलाड़ी नहीं।
लोगों ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने बच्चे की प्रतिक्रिया की आलोचना की और इसे खराब पैरेंटिंग या जरूरत से ज्यादा उम्मीदें रखने वाला व्यवहार बताया।
लेकिन कई लोगों ने बच्चे का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि वह सिर्फ एक बच्चा है। वह अपने पसंदीदा खिलाड़ी से मिलने आया था, इंतज़ार किया और जब उसे मौका नहीं मिला, तो वह रो पड़ा। यह कोई गलत बात नहीं है, बल्कि एक बच्चे की सामान्य भावना है।
कोहली का फैंस के साथ व्यवहार
Virat Kohli आमतौर पर अपने फैंस से मिलने, ऑटोग्राफ देने और तस्वीरें खिंचवाने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए यह घटना लोगों को थोड़ी अलग और हैरान करने वाली लगी।
इससे पहले इसी IPL सीजन में, युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को कोहली से मिलने का मौका मिला था। कोहली ने उनके RCB कैप पर ऑटोग्राफ दिया और एक छोटा सा मैसेज भी लिखा, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
फरवरी 2025 में भी दुबई में कोहली ने एक बच्चे के बैट पर साइन किया था। वह बच्चा इतना खुश हुआ कि उसने कहा था कि वह उस बैट को हमेशा के लिए संभाल कर रखेगा।
निष्कर्ष
सरल शब्दों में कहें तो, यह घटना एक छोटे से पल की है जिसे सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके से देखा गया। इसमें यह साफ नहीं है कि कोहली ने बच्चे को नजरअंदाज किया।
यह एक ऐसी स्थिति थी जहां सिक्योरिटी ने फैसला लिया, और एक बच्चे की भावनाएं सामने आ गईं।