नई टेक्नोलॉजी जहां सुविधा लाती है, वहीं अब वही चिंता की वजह भी बन रही है। अमेरिका और ब्रिटेन से सामने आई रिपोर्ट्स में बताया गया है कि कुछ महिलाओं को उनकी जानकारी और अनुमति के बिना स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड किया जा रहा है।
स्मार्ट ग्लासेस देखने में सामान्य चश्मे जैसे होते हैं, लेकिन इनसे चुपचाप फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए जा सकते हैं। इन्हें आसान रिकॉर्डिंग, वॉइस कमांड और जल्दी शेयरिंग जैसी सुविधाओं के लिए बनाया गया था। लेकिन हाल की घटनाओं ने दिखाया है कि इनका गलत इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है।
कई मामलों में पुरुष सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं से बात करते दिखे। उस समय बातचीत सामान्य लगी। बाद में महिलाओं को पता चला कि पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दी गई थी। कुछ वीडियो तो लाखों बार देखे गए।
ब्रिटेन की एक महिला ने पाया कि उसकी निजी बातचीत इंटरनेट पर डाल दी गई, साथ में उसकी कुछ व्यक्तिगत जानकारी भी दिख रही थी। इसके बाद उसे अजनबियों के फोन और मैसेज आने लगे। एक अन्य महिला ने कहा कि एक छोटी सी मुलाकात ऑनलाइन कंटेंट बन गई और उसे भद्दे कमेंट्स और परेशान करने वाले संदेशों का सामना करना पड़ा।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि सामने वाले को पता ही नहीं चलता कि रिकॉर्डिंग हो रही है। स्मार्ट ग्लासेस में आमतौर पर रिकॉर्डिंग के समय एक छोटी लाइट जलती है, लेकिन कई लोगों का कहना है कि उसे देख पाना मुश्किल होता है।
महिला अधिकार समूहों और प्राइवेसी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निजी सीमा का उल्लंघन है। उनका मानना है कि मौजूदा सुरक्षा इंतजाम काफी नहीं हैं और टेक कंपनियों को दुरुपयोग रोकने के लिए और मजबूत कदम उठाने चाहिए।
जैसे जैसे यह टेक्नोलॉजी ज्यादा आम होती जा रही है, वैसे वैसे भारत जैसे देशों में भी चिंता बढ़ रही है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर बिना जानकारी के रिकॉर्डिंग लोगों की निजता के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
विशेषज्ञ अब सख्त नियम और बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नई तकनीक को लोगों के अधिकारों और सहमति का सम्मान करना चाहिए।
स्मार्ट ग्लासेस भले ही सुविधा के लिए बनाए गए हों, लेकिन हाल की घटनाएं बता रही हैं कि जिम्मेदारी के बिना इनका इस्तेमाल गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।