गुरूग्राम : साल 2026 की
शुरूआत एक नई उम्मीद
के साथ हुई है,
दिल्ली के इंदिरा गांधी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एअर इंडिया
के लिए बनाए गए
फर्स्ट-लाईन फिट बोइंग
787-9 की लेंडिंग के साथ हमने
अपने बदलाव की कहानी में
एक और नया अध्याय
शुरू किया है। चार
सदस्यों की हमारी कॉकपिट
क्रू के साथ एअर
इंडिया के पायलट्स ने
वॉशिंगटन स्थित बोइंग की एवरेट फैक्टरी
से नई दिल्ली तक
यह नॉन-स्टॉप उड़ान
16 घण्टे 58 मिनट में पूरी
की। यह न सिर्फ
एक विमान का आगमन है
बल्कि मेहमानों को उड़ान का
विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने की एयरलाईन
की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी
है।
नए विमान का रजिस्ट्रेशन VT-AWA है और इसमें तीन
केबिन क्लासेज़ः बिज़नेस, प्रीमियम इकोनॉमी और इकोनॉमी में
296 सीटें हैं। विमान के
फीचर्स की बात करें
तो इसमें सीधे बोइंग की
प्रोडक्शन लाईन पर खास
केबिन इंटीरियर इंस्टॉल किए गए हैं,
जिनका विवरण आगामी सप्ताहों में बताया जाएगा।
बदलाव
के साल की शुरूआत
यह इस साल हासिल
की जाने वाली कई
उपलब्धियों की शुरूआत है।
2026 में कुल छह वाईडबॉडी
विमानों की डिलीवरी होगी
(एयरबस ए350-1000 और बोइंग 787-9), जिसमें
हाल ही में डिलीवर
किया गया VT-AWA शामिल
है। बोइंग 787-9 के नए केबिन
हमारे बोइंग 787 फ्लीट में नए बेंचमार्क
स्थापित करेंगे। इसी के तहत
एअर इंडिया के 26 लेगेसी बोइंग 787-8 विमानों को धीरे-धीरे
रेट्रोफिट किया जा रहा
है। यह प्रोग्राम ठीक
प्रकार से जारी है
और 2026 के दौरान ऐसे
कई विमान नए नोज़-टू-टेल रीफिट के
साथ वापस सर्विस के
लिए लौटेंगे, जिनमें एअर इंडिया की
नई ब्रांडिंग की लाइवरी भी
शामिल होगी। इसका सीधा अर्थ
यह है कि इस
साल के अंत तक
हमारे वाईडबॉडी फ्लीट के 60 फीसदी विमानों में आधुनिक इंटीरियर
होगा।
कमर्शियल
तैनाती
उम्मीद
है कि नया बोइंग
787-9 फरवरी 2026 में लम्बी दूरी
की कमर्शियल इंटरनेशनल सर्विस शुरू कर देगा,
जल्द ही इसकी संचालन
समयसूची की घोषणा की
जाएगी।