वेदांता
के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने वेदांता
से अलग होकर बनी
चार नई कंपनियों की
लिस्टिंग को "ऐतिहासिक और भावनात्मक रूप
से अत्यंत महत्वपूर्ण" उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा
कि यह समूह की
विकास यात्रा के एक नए
अध्याय की शुरुआत है।
X (पूर्व
में ट्विटर) और फेसबुक पर
साझा किए गए अपने
संदेशों में अग्रवाल ने
पिछले 24 वर्षों में वेदांता की
यात्रा को याद किया।
उन्होंने लंदन में वेदांता
रिसोर्सेज की लिस्टिंग का
उल्लेख करते हुए कहा
कि आज की उपलब्धि
उसी यात्रा का अगला महत्वपूर्ण
पड़ाव है।
उन्होंने
कहा, "उस समय हमने
एक बीज बोया था।
आज वे मजबूत वृक्ष
बन चुके हैं और
अपने दम पर खड़े
होने के लिए तैयार
हैं।" उन्होंने यह भी कहा
कि यह केवल शुरुआत
है और उन्हें विश्वास
है कि समय के
साथ इनमें से प्रत्येक नई
कंपनी 100 अरब अमेरिकी डॉलर
मूल्य की कंपनी बनने की क्षमता
रखती है।
अग्रवाल
ने शेयरधारकों, सरकारी अधिकारियों, हितधारकों और वेदांता के
लाखों कर्मचारियों का धन्यवाद करते
हुए कहा कि उनके
विश्वास और सहयोग ने
समूह की इस यात्रा
को संभव बनाया है।
उन्होंने कहा कि आगे
की विकास यात्रा में भी उनका
समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।
भारत
की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते
हुए अग्रवाल ने कहा कि
इन व्यवसायों का निर्माण देश
की दीर्घकालिक आवश्यकताओं को ध्यान में
रखकर किया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत
अगले तीन वर्षों में
दुनिया की तीसरी सबसे
बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा
में तेजी से आगे
बढ़ रहा है।
उन्होंने
बताया कि इन कंपनियों
द्वारा उत्पादित संसाधनों और उत्पादों की
मांग दोहरे अंकों (डबल-डिजिट) की
दर से बढ़ रही
है, जिससे विस्तार के लिए व्यापक
अवसर पैदा हो रहे
हैं।
अग्रवाल
के अनुसार, कई क्षेत्रों में
मांग और आपूर्ति के
बीच बड़ा अंतर मौजूद
है, जिससे घरेलू उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण
अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चार
नई सूचीबद्ध कंपनियां, साथ ही Vedanta Limited और Hindustan Zinc, इन अवसरों का
लाभ उठाने और भारत की
विकास गाथा में योगदान
देने के लिए अच्छी
स्थिति में हैं।
उन्होंने
वेदांता समूह के मूल्य
सृजन के रिकॉर्ड का
भी उल्लेख किया और कहा
कि पिछले पांच वर्षों में
कंपनी ने 300 प्रतिशत का कुल शेयरधारक
प्रतिफल (Total
Shareholder Return) और
60 प्रतिशत का लाभांश प्रतिफल
(Dividend Yield) प्रदान
किया है।
अग्रवाल
ने कहा, "मेरे लिए हर
शेयरधारक महत्वपूर्ण है, चाहे उसका
निवेश कितना भी बड़ा या
छोटा क्यों न हो।" उन्होंने
निवेशकों के लिए दीर्घकालिक
मूल्य सृजन के प्रति
समूह की प्रतिबद्धता दोहराई।
अंत
में उन्होंने कहा कि वेदांता
समूह की प्रत्येक कंपनी
आने वाले वर्षों में
महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों को हासिल करने
के लिए प्रयासरत रहेगी
और हितधारकों का विश्वास एवं
सहयोग ही समूह के
अगले विकास अध्याय की मजबूत नींव
बनेगा।