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टाटा एआईजी ने मध्य प्रदेश में 25,000 एमएसएमई पॉलिसियों का आंकड़ा पार किया, भोपाल सबसे बड़ा योगदानकर्ता

टाटा एआईजी ने मध्य प्रदेश में 25,000 एमएसएमई पॉलिसियों का आंकड़ा पार किया, भोपाल सबसे बड़ा योगदानकर्ता

देशभर में एमएसएमई सेगमेंट में ₹1,450 करोड़ से अधिक का जीडब्ल्यूपी; वित्त वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश प्रमुख विकास बाजार के रूप में उभरा

भोपाल : टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में 25,000 एसएमई बीमा पॉलिसियां जारी करने का आंकड़ा पार कर लिया है। इसमें भोपाल का योगदान सबसे अधिक रहा। यह राज्य के एमएसएमई क्षेत्र में कंपनी की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। कंपनी का फोकस भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, धार और सिंगरौली जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों पर है। मध्य प्रदेश में करीब 56.5 लाख एमएसएमई हैं। इनमें 26.5 लाख उद्यम के तहत पंजीकृत हैं, जबकि 6.1 लाख जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। ये कारोबार करीब 1.25 करोड़ लोगों को रोजगार देते हैं।

टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस में एमएसएमई प्रोडक्ट्स के प्रमुख प्रणय शाह ने कहा, “भारत की एमएसएमई विकास यात्रा में मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य में मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, कृषि से जुड़े कारोबार, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विविध प्रकार के उद्यम हैं। हमारा ध्यान इन कारोबारों की बदलती जोखिम जरूरतों को समझने और उन्हें भरोसेमंद व आसानी से उपलब्ध बीमा समाधान देने पर है। वित्त वर्ष 2025-26 में प्रमुख क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। हमारी विशेषज्ञ अंडरराइटिंग टीम और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन हमें एमएसएमई की जरूरतों के अनुसार अधिक प्रभावी तरीके से सेवाएं देने में मदद कर रहे हैं। स्थानीय मौजूदगी और विशेषज्ञ क्षमताओं को मजबूत करके हमारा लक्ष्य एमएसएमई को जोखिमों से बेहतर तरीके से निपटने, लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने और कारोबार को बिना रुकावट जारी रखने में मदद करना है।”

देशभर में टाटा एआईजी के एमएसएमई कारोबार ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,450 करोड़ के ग्रॉस रिटन प्रीमियम (जीडब्ल्यूपी) का आंकड़ा पार कर लिया है। कंपनी ने पूरे देश में 7.5 लाख से अधिक एमएसएमई पॉलिसियां जारी कीं। इसके अलावा, कंपनी के कमर्शियल लाइंस कारोबार के तहत वर्कर्स' कॉम्पेंसेशन और ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस के जरिए 20 लाख से अधिक लोगों को बीमा कवर मिला।

मध्य प्रदेश में बीमा दावों के डिजिटल इस्तेमाल में भी बढ़ोतरी हुई है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, स्वास्थ्य बीमा के 38% क्लेम मोबाइल ऐप के जरिए दाखिल किए गए, जबकि 61% हेल्थ क्लेम कैशलेस रहे। राज्य में कंपनी के 490 अस्पतालों का नेटवर्क है, जिसमें 431 अस्पताल कैशलेस (वीपीएन) सूची में शामिल हैं।

मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की अहम भूमिका है। टाटा एआईजी के मुताबिक, कंपनी इन कारोबारों को बेहतर सुरक्षा देने और उनके स्थिर विकास में मदद के लिए स्थानीय टीमों और टेक्नोलॉजी में निवेश जारी रखेगी।

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