केंद्रीय बजट 2026 से पहले, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत दिशा और वित्तीय सहायता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ, श्री प्रशांत माथुर ने आगामी बजट के लिए अपनी महत्वपूर्ण उम्मीदें साझा की हैं, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति दे सकती हैं।
बजट 2026 के लिए मुख्य मांगें:
लक्षित पीएलआई (PLI) योजना: श्री माथुर ने विशेष रूप से पॉलीसिलिकॉन, इनगॉट और वेफर विनिर्माण के लिए एक उन्नत पीएलआई योजना की वकालत की है। उनका मानना है कि इससे भारत को आयात पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, विशेष रूप से चीन से, जिसका वैश्विक सौर विनिर्माण पर 80% से अधिक नियंत्रण है।
पूंजीगत दक्षता में सुधार: उन्होंने सौर विनिर्माण उपकरणों के लिए 'एक्सेलेरेटेड डेप्रिसिएशन' (त्वरित मूल्यह्रास) लाभ और विनिर्माताओं के लिए कम कॉर्पोरेट टैक्स दरों की आवश्यकता पर जोर दिया है।
प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (PSL): निवेश को आकर्षित करने के लिए प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण के माध्यम से तरजीही ऋण दरों (preferential lending rates) की मांग की गई है।
श्री प्रशांत माथुर के अनुसार, "भारतीय सौर उद्योग 2025 में 135 गीगावॉट क्षमता से बढ़कर 2030 तक 300 गीगावॉट से अधिक होने की दहलीज पर है। ये व्यापक नीतिगत उपाय एक आत्मनिर्भर और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी सौर विनिर्माण ईकोसिस्टम बनाने में सहायक होंगे।"