यह प्रोग्राम सरकार,
शिक्षा
जगत और उद्योग जगत के बीच सहयोग के ज़रिए टियर 2, टियर 3
और
ग्रामीण भारत से बड़े पैमाने पर इनोवेशन को सपोर्ट करने के लिए बनाया गया है।
आवेदन 5
जुलाई,
2026 तक किये जा सकते हैं; निसबड और एफआईटीटी, आईआईटी दिल्ली,
प्रोग्राम
डिलीवरी को आगे बढ़ाएंगे
नई दिल्ली : भारत
सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय ने आज ‘नवाचार मंत्र’ लॉन्च किया। यह एक
राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर उद्यमिता को मजबूत करना और उभरते भारत
में इनोवेटर्स के लिए अवसरों का विस्तार करना है। इस प्रोग्राम को नेशनल इंस्टीट्यूट
फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) द्वारा क्रियान्वित किया
जा रहा है, जिसमें आईआईटी दिल्ली का फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफ़आईटीटी)
टेक्निकल नॉलेज पार्टनर के रूप में कार्य कर रहा है।
इस पहल को भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री माननीय श्री जयन्त चौधरी
ने आईआईटी दिल्ली में नीति-निर्माताओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम के लीडरों, शैक्षणिक संस्थानों,
निवेशकों
और युवा उद्यमियों की उपस्थिति में लॉन्च किया।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए, भारत सरकार के
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री,
श्री
जयन्त चौधरी ने कहा, “दुनिया को न केवल भारत में बने प्रोडक्ट्स का उपयोग करना चाहिए, बल्कि भारत में
सोची गई टेक्नोलॉजी का भी उपयोग करना चाहिए; यही ‘नवाचार मंत्र’ की सच्ची भावना
है। चाहे वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हो, सेमीकंडक्टर हो, ग्रीन एनर्जी हो, बायोटेक्नोलॉजी
हो, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर हो या एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग हो,
ग्लोबल ट्रांसफार्मेशन
की अगली लहर पर भारत की बौद्धिक छाप अवश्य होनी चाहिए। ऐसा केवल महत्वाकांक्षा के कारण
ही नहीं, बल्कि इसलिए होना चाहिए क्योंकि भारत के पास कुछ अद्वितीय है: चुनौतियों का
विशाल पैमाना, वास्तविकताओं की विविधता, ग्लोबल लेवल पर प्रॉब्लम सॉल्व करने में काबिल युवाओं
का टैलेंट।”
उन्होंने आगे कहा, “इस अवसर पर,
मैं युवा
इनोवेटर्स से यह भी आग्रह करूँगा कि वे ऐसे आइडिया और करियर चुनें जो उन्हें सचमुच
उत्साहित और प्रेरित करते हों। ये ज़िंदगी के फ़ैसले होते हैं, और आप जो भी काम
चुनें, उससे आपको ख़ुशी मिलनी चाहिए। ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपको संतुष्टि न
मिले, क्योंकि समय के साथ यह आपको अंदर से बोझिल कर देगा। सबसे सार्थक इनोवेशन अक्सर
ऐसे लोग करते हैं जो हर दिन अपने काम को लेकर उत्साहित होकर उठते हैं, जो सिर्फ़ मौकों
से नहीं, बल्कि अपने मक़सद और जुनून से प्रेरित होते हैं। ‘नवाचार मंत्र’ का उद्देश्य
एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है जहाँ ऐसे आइडिया और ऐसे इनोवेटर्स फल-फूल सकें।”
इस अवसर का मुख्य आकर्षण "नेविगेटिंग द एंटरप्रेन्योरियल
जर्नी: फ्रॉम ग्रासरूट्स इनोवेशन टू नेशनल स्केल" शीर्षक से एक फायरसाइड चैट
थी, जिसमें अलग-अलग सेक्टर के जाने-माने एंटरप्रेन्योर और इनोवेटर्स एक साथ आए।
इस सेशन में स्कैनक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज के फाउंडर और सीईओ,
श्री
रजत वर्धन मॉडरेटर के तौर पर शामिल हुए, साथ ही ड्रूम के फाउंडर और सीईओ,
श्री
संदीप अग्रवाल; मोबिक्विक के फाउंडर और सीईओ, श्री बिपिन प्रीत
सिंह; फ्रूवेटेक प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर, डॉ. जगदीश गुप्ता
कपुगंती; और ईजीओफाई सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की फाउंडर, सुश्री मीनल गुप्ता शामिल हुईं। अपनी
एंटरप्रेन्योरियल जर्नी से प्रेरणा लेते हुए, पैनलिस्ट्स ने इनोवेशन, रेजिलिएंस,
वेंचर्स
को बढ़ाने और सस्टेनेबल बिजनेस बनाने पर मूल्यवान विचार साझा किए, जिससे वहां मौजूद
उभरते हुए उद्यमियों और इनोवेटर्स को प्रेरणा मिली।
'नवाचार मंत्र' कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय
की एक परिवर्तनकारी राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के सबसे होनहार ज़मीनी स्तर के
इनोवेटर्स और शुरुआती एंटरप्रेन्योर्स की पहचान
करना, उन्हें और उनके काम को बढ़ावा देना है। आईआईटी दिल्ली के 'फाउंडेशन फॉर इनोवेशन
एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर' (एफ़आईटीटी) के साथ साझेदारी में, 'नेशनल इंस्टीट्यूट
फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट' (निसबड) द्वारा
क्रियान्वित किया गया यह प्रोग्राम, टियर-2 और टियर-3 शहरों, आकांक्षी ज़िलों और पिछड़े इलाकों के इनोवेटर्स के
लिए मेंटरशिप, विज़िबिलिटी और ग्रोथ के रास्ते बनाने का प्रयास करता है।
इस पहल को उन इनोवेटर्स के लिए सहायता का एक व्यवस्थित
इकोसिस्टम उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो एग्रीटेक,
हेल्थटेक,
एडटेक और
स्किलिंग, क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी, रूपल कॉमर्स और एमएसएमई एनेबलमेंट जैसे प्राथमिकता
वाले सेक्टरों में काम कर रहे हैं। 'नवाचार मंत्र' के माध्यम से, इनोवेटर्स को नीति-निर्माताओं,
उद्योग जगत
के दिग्गजों, निवेशकों और डोमेन एक्सपर्ट्स तक सीधी पहुँच मिलेगी, जिससे वे अपने
आइडिया को और बेहतर बना सकेंगे, अपने बिज़नेस मॉडल्स को मज़बूत कर सकेंगे और इनोवेशन
से एंटरप्राइज़ तक के अपने सफ़र को गति दे सकेंगे।
लॉन्च के बाद, अब देश भर के इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स
से आवेदन के लिए रजिस्ट्रेशन एक खास डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए शुरू हो गए हैं। रजिस्ट्रेशन
की आखिरी तिथि 5 जुलाई, 2026 है। ज़्यादा संभावना
वाले वेंचर्स की पहचान करने के लिए, शिक्षा जगत, उद्योग, इन्वेस्टमेंट फर्म्स
और सरकारी संस्थानों के एक्सपर्ट्स को शामिल करते हुए एक सख्त, कई चरणों वाली
मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस प्रोग्राम से पूरे भारत से आवेदन आने की उम्मीद
है, जिसमें लोकल चुनौतियों और कम्युनिटी पर प्रभाव के लिए सॉल्यूशन बनाने वाले
इनोवेटर्स पर खास फोकस होगा।
चुने हुए इनोवेटर्स को एक साल के एंगेजमेंट प्रोग्राम
में शामिल किया जाएगा, जिसमें मेंटरशिप राउंडटेबल्स, थीमैटिक वेबिनार,
इनोवेशन
शोकेस, इन्वेस्टर इंटरैक्शन और नेशनल-लेवल के स्टोरीटेलिंग प्लेटफॉर्म शामिल होंगे।
प्रतिभागियों को बिज़नेस डेवलपमेंट, मार्केट एक्सेस, रेगुलेटरी कंप्लायंस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी,
फंडरेज़िंग
और स्केलिंग स्ट्रेटेजीज़ पर खास गाइडेंस मिलेगी। यह प्रोग्राम पायलट प्रोजेक्ट्स,
पार्टनरशिप्स
और मार्केट लिंकेज के मौके भी देगा, ताकि होनहार इनोवेशन को सस्टेनेबल बिज़नेस में बदला
जा सके।
'नवाचार मंत्र' की एक मुख्य विशेषता इसका विज़िबिलिटी
और पहचान पर ज़ोर देना होगा। मंत्रियों के पॉडकास्ट, इनोवेशन शोकेस,
डिजिटल कैंपेन
और इकोसिस्टम इवेंट्स के ज़रिए, चुने हुए इनोवेटर्स को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी
और उन्हें अपनी यात्रा को ज़्यादा दर्शकों के साथ साझा करने का एक प्लेटफार्म मिलेगा।
इस प्रोग्राम का समापन एक राष्ट्रीय शोकेस इवेंट के साथ होगा, जिसमें इनोवेटर्स,
उद्योग जगत
के लीडर्स, निवेशक, नीति-निर्माता और इकोसिस्टम से जुड़े लोग एक साथ आएंगे ताकि इनोवेशन-आधारित
उद्यमिता को एक उत्सव के रूप में मनाया जा सके और भविष्य के विकास के लिए रास्ते तैयार
किए जा सकें।
ज़मीनी स्तर के इनोवेटर्स की एक मज़बूत पाइपलाइन तैयार
करके और उन्हें देश के अग्रणी संस्थानों व नेटवर्क्स से जोड़कर, 'नवाचार मंत्र'
का लक्ष्य
भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करना है; साथ ही, एक आत्मनिर्भर,
उद्यमी और
इनोवेशन से प्रेरित विकसित भारत के विजन में योगदान देना है।
लॉन्च इवेंट में कई गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी
शामिल हुए, जिनमें डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल श्री दिलीप
कुमार; कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुश्री हेना उस्मान;
कौशल विकास
और उद्यमशीलता मंत्रालय की इकोनॉमिक एडवाइजर सुश्री अर्चना मायाराम; आईआईटी दिल्ली
के डायरेक्टर प्रो. रंगन बनर्जी; निसबड की डायरेक्टर जनरल डॉ. पूनम सिन्हा और आईआईटी
दिल्ली के एफ़आईटीटी के एमडी डॉ. निखिल अग्रवाल मौजूद थे। इस अवसर पर सरकारी मंत्रालयों,
उद्योग जगत,
शिक्षाविदों,
इनोवेशन
इंस्टीट्यूशन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने वाले और अन्य सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ
प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।