अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन जब ईरान के पास वाले क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है, तब उसने अपने ट्रैकिंग ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोग इसे “घोस्ट मोड” कह रहे हैं।
हालांकि रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई असामान्य या चौंकाने वाला कदम नहीं है, बल्कि सुरक्षा से जुड़ी एक सामान्य सैन्य प्रक्रिया है।
ट्रांसपोंडर बंद करने का मतलब क्या होता है?
ज़्यादातर जहाज़ AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) नाम की तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इससे जहाज़ की:
-
लोकेशन
-
स्पीड
-
दिशा
जैसी जानकारी सार्वजनिक रूप से दिखाई देती है। इससे टकराव से बचने और जहाज़ों को ट्रैक करने में मदद मिलती है।
लेकिन जब कोई सैन्य जहाज़ संवेदनशील इलाके में जाता है, तो वह AIS बंद कर सकता है। ऐसा करने से जहाज़ की लोकेशन पब्लिक ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर दिखाई नहीं देती।
USS अब्राहम लिंकन ने ऐसा क्यों किया?
USS अब्राहम लिंकन उस समय मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ऐसे माहौल में अमेरिकी नौसेना चाहती है कि उसके बड़े युद्धपोत की सटीक लोकेशन सबके सामने न आए।
ट्रांसपोंडर बंद करने से:
-
दुश्मन ताकतों द्वारा ट्रैक किए जाने का खतरा कम होता है
-
निगरानी और जासूसी से बचाव होता है
-
जहाज़ और उसके स्टाफ की सुरक्षा बढ़ती है
इस प्रक्रिया को EMCON (Emission Control) कहा जाता है।
इलाके में क्या हालात हैं?
मध्य पूर्व में हाल के दिनों में अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। इसमें:
-
नौसेना के जहाज़
-
लड़ाकू विमान
-
एयर डिफेंस सिस्टम
शामिल हैं। एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे USS अब्राहम लिंकन अमेरिका की सैन्य ताकत का बड़ा हिस्सा होते हैं, क्योंकि इनसे लड़ाकू विमान उड़ाए जा सकते हैं और किसी भी स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
क्या यह युद्ध का संकेत है?
ज़रूरी नहीं। ट्रांसपोंडर बंद करने का मतलब यह नहीं है कि युद्ध तय है। इसका मतलब सिर्फ इतना है कि हालात संवेदनशील हैं और सावधानी बरती जा रही है।
सेना अक्सर ऐसे इलाकों में अपने हथियारों और जहाज़ों की जानकारी सीमित रखती है, जहां खतरा ज्यादा होता है।
क्या यह कोई नई या अनोखी बात है?
नहीं। अमेरिकी नौसेना और दुनिया की अन्य सेनाएं भी अक्सर:
-
एयरक्राफ्ट कैरियर
-
युद्धपोत
-
पनडुब्बियों
की लोकेशन सार्वजनिक नहीं करतीं।
भले ही पब्लिक ट्रैकिंग बंद हो जाए, लेकिन जहाज़ को:
-
सैन्य सैटेलाइट
-
कमांड सिस्टम
-
आंतरिक संचार नेटवर्क
के ज़रिए पूरी तरह मॉनिटर किया जाता है।
इसका क्या मतलब नहीं है
इसका मतलब यह नहीं है कि जहाज़ गायब हो गया है, खराब हो गया है या किसी आपात स्थिति में है। यह सिर्फ एक सुरक्षा कदम है।
“घोस्ट मोड” शब्द भले ही डरावना लगे, लेकिन असल में यह एक रूटीन मिलिट्री प्रैक्टिस है।
सरल शब्दों में समझें
USS अब्राहम लिंकन ने अपनी पब्लिक लोकेशन इसलिए छिपाई है ताकि वह एक संवेदनशील इलाके में सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सके। यह सामान्य सैन्य सावधानी है, न कि किसी बड़ी आपदा का संकेत।